तेज आंधी और बारिश से बिदुपुर में करोड़ों की केले की फसल बर्बाद

Published by : Nikhil Anurag Updated At : 11 May 2026 7:00 AM

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नुकसान फसल को देखते किसान

Hajipur News: वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की हुई तेज आंधी बारिश के कारण केला बागान और आम के टिकोले को भारी नुकसान हुआ है,जिससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है.

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Hajipur News: वैशाली जिले के बिदुपुर प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की हुई तेज आंधी बारिश के कारण प्रखंड क्षेत्र में जहां केला बगान में केला के पौधे धाराशायी हो गये. वही पूरे प्रखंड क्षेत्र में आम बागान में लगे आम के टिकोले भी काफी मात्रा में गिर गये. जिस कारण केला उत्पादक व आम उत्पादक किसानों को काफी आर्थिक क्षति पहुंचने का अनुमान है. विगत एक पखवारा के अंदर आंधी पानी की दूसरी या तीसरी घटना है. जिससे केला बागान में केला के पौधे काफी गिर गये. निरंतर हो रहे प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को काफी आर्थिक क्षति पहुंच रही है. जिस कारण किसानों की स्थिति चिंतनीय बनी हुई है.

90 प्रतिशत तक हुआ नुकसान

शुक्रवार हुए भयंकर आंधी-पानी ने बिदुपुर के किसानों को झकझोर कर रख दिया है. इस आंधी ने किसानों की कमर की तोड़ दी है. खासकर केले की खेती कर रहे किसानों के बीच भुखमरी की स्थिति पैदा हो गयी है. मालूम हो कि शुक्रवार को अचानक आये तेज आंधी पानी से किसानों के फसल का काफी नुकसान हुआ है. लीची व आम के साथ साथ खासकर केले के फसल को काफी नुकसान हुआ है. अधिकांश केले के खेतों में नब्बे प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है. इस नुकसान से केले की खेती कर रहे किसानों की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गयी है. इन किसानों के बीच भूखमरी की स्थिति पैदा हो गयी है. फसल क्षति से नुकसान केले की खेती कर रहे किसानों ने सरकार से सरकारी सहायता मुआवजे की मांग की है.

कहा कहा होती है केले की खेती

बिदुपुर प्रखंड के सैदपुर गणेश, कंचनपुर, रहिमापुर, खिलवत, रजासन, माईल,बिदुपुर, जहांगीरपुर, रामदौली, बिशनपुर राजखण्ड, नावानगर, अमेर, मधुरापुर, चेचर, मथुरा गोखुला, कमालपुर आदि गांव में लगभग तीन हजार पांच सौ हेक्टेयर खेत मे केले की खेती होती है.

कौन-कौन प्रजाति के केला की खेती होती है


बिदुपुर में मुख्य रूप से अल्पान, मालभोग, बरसाई, चिनिया, एवं जीनाईंन के प्रजाति के केले की खेती पूरे बिदुपुर प्रखंड में होती है. खासकर कमर्शियल दृष्टिकोन से अल्पान प्रजाति के केले की खेती बिदुपुर के ज्यादातर किसान करते है.

केले की खेती बीमा सेक्टर में शामिल करने की मांग

पूर्व से ही केले की खेती को बीमा सेक्टर में शामिल करने को लेकर आवाज उठता आया है. लेकिन सरकार का इसपर कोई ध्यान नही है. सरकार को चाहिए कि अन्य फसलों की तरह ही केले की खेती को भी बीमा सेक्टर में शामिल किया जाए ताकि केले की खेती कर रहे किसानों को फसल क्षति का मुआवजा सही समय से मिल सके.


केले के किसान वैकल्पिक खेती की कर रहे तलाश

हर वर्ष आंधी पानी से केले की भरपूर क्षति होती है और इसका कोई मुआवजा किसानों को नही मिलता है. खासकर केले की खेती कर रहे किसान वैकल्पिक खेती की तलाश कर रहे है.

प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने क्या कहा?

प्रखंड कृषि पदाधिकारी अजीत कुमार शर्मा ने कहा कि भयंकर आंधी पानी से आम के साथ साथ केले की खेती को काफी नुकसान हुआ है. किसानों की मांग पर सरकारी मुआवजे को लेकर जिले को लिखा जाएगा.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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