hajipur news. मन की शुद्धि का पर्व है छठ
Published by : GOPAL KUMAR ROY Updated At : 26 Oct 2025 6:02 PM
स्कंद पुराण के अनुसार राजा प्रियव्रत ने भी यह व्रत रखा था़ उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था
गोरौल.भगवान भास्कर को संध्याकालीन अर्घ आज दिया जायेगा. स्कंद पुराण के अनुसार राजा प्रियव्रत ने भी यह व्रत रखा था. उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था. भगवान भास्कर से इस रोग की मुक्ति के लिए उन्होंने छठ व्रत किया था. स्कंद पुराण में प्रतिहार षष्ठी के तौर पर इस व्रत की चर्चा की गई है. वर्षकृत्यम में भी छठ की चर्चा है. अथर्ववेद के अनुसार भगवान भास्कर की मानस बहन हैं, षष्ठी देवी. प्रकृति के छठे अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई है. उन्हें बालकों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है. बालक के जन्म के छठे दिन भी षष्ठी मईया की पूजा की जाती है. जिससे बच्चे के ग्रह-गोचर शांत हो जाये शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का यह महापर्व है. छठ महापर्व खासकर शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि का पर्व है.
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