ज्ञान भारतम मिशन के तहत वैशाली में 1,000 से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों की पहचान, संरक्षण अभियान तेज

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Ai से ली गई तस्वीर

Hajipur News: ज्ञान भारतम मिशन के तहत वैशाली जिले में 1,000 से अधिक 75 वर्ष पुरानी पांडुलिपियों की पहचान की गई है. जिला प्रशासन डिजिटलीकरण और संरक्षण के लिए विशेष अभियान चला रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 15 जून 2026 है.

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Hajipur News: (कैफ अहमद) वैशाली जिले में ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत 75 वर्ष अथवा उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों की पहचान, डिजिटलीकरण और संरक्षण के लिए वैशाली जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. जिला प्रशासन की टीमों ने सभी प्रखंडों और नगर निकाय क्षेत्रों में सर्वेक्षण अभियान तेज कर दिया है. अब तक जिले में एक हजार से अधिक पांडुलिपियों की पहचान कर उन्हें पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है.

260 से अधिक स्थलों का किया गया सर्वेक्षण

अभियान के दौरान प्रशासनिक टीमों ने 260 से अधिक स्थलों का भ्रमण कर पांडुलिपियों का दस्तावेजीकरण किया है. इन स्थलों में विभिन्न मठ, पुस्तकालय, पारंपरिक घराने, स्वतंत्रता सेनानियों के आवास तथा अन्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थान शामिल हैं.

दुर्लभ पांडुलिपियों से सामने आ रही समृद्ध विरासत

सर्वेक्षण के दौरान कई दुर्लभ और महत्वपूर्ण पांडुलिपियां भी मिली हैं, जो वैशाली की समृद्ध ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं. इन दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है.

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15 जून तक चलेगा विशेष अभियान

ज्ञान भारतम मिशन के तहत चल रहे इस विशेष अभियान की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जिनके पास प्राचीन पांडुलिपियां उपलब्ध हैं, वे समय रहते इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें.

पांडुलिपियों का नहीं होगा अधिग्रहण

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान के दौरान किसी भी पांडुलिपि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा. केवल सत्यापन, फोटोग्राफी और डिजिटल दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जबकि मूल पांडुलिपियां उनके वर्तमान संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेंगी.

जिलाधिकारी ने लोगों से किया सहयोग का आह्वान

जिलाधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक धरोहरों के संरक्षण का महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि यदि उनके पास या उनकी जानकारी में 75 वर्ष या उससे अधिक पुरानी कोई पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ, धार्मिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध हो तो इसकी सूचना जिला प्रशासन या जिला कला, संस्कृति एवं युवा विभाग कार्यालय को दें.

मोबाइल और व्हाट्सएप से भी दे सकते हैं सूचना

इच्छुक व्यक्ति जिला प्रशासन से सीधे संपर्क करने के अलावा मोबाइल नंबर 90310 72054 पर कॉल या व्हाट्सएप संदेश भेजकर भी प्राचीन पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं, ताकि उन्हें ज्ञान भारतम मिशन के तहत दस्तावेजीकृत किया जा सके.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय मुख्यधारा की पत्रकारिता में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल (Prabhat Khabar Digital) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. राष्ट्रीय राजनीति और बिहार की राजनीति पर उनकी लेखनी विशेष रूप से पहचान रखती है.

वर्तमान में वह बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राज्य स्तरीय मुद्दों पर भी नियमित रूप से समाचार, विश्लेषण और समसामयिक विषयों पर लेख प्रकाशित कर रहे हैं. स्थानीय घटनाक्रम को व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत करना और महत्वपूर्ण मुद्दों को तथ्यपरक एवं सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है.

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