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Gopalganj News : मांझा के प्राचीन मंदिर से श्रीराम-जानकी की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी, भक्तों में आक्रोश

Updated at : 20 Jun 2025 9:38 PM (IST)
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Gopalganj News  : मांझा के प्राचीन मंदिर से श्रीराम-जानकी की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी, भक्तों में आक्रोश

Gopalganj News : मांझा थाना क्षेत्र अंतर्गत भटवलिया गांव स्थित ऐतिहासिक राम-जानकी मंदिर से अष्टधातु निर्मित दो प्राचीन मूर्तियों की चोरी हो गयी.

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मांझा. मांझा थाना क्षेत्र अंतर्गत भटवलिया गांव स्थित ऐतिहासिक राम-जानकी मंदिर से अष्टधातु निर्मित दो प्राचीन मूर्तियों की चोरी हो गयी. शुक्रवार की सुबह जब पुजारी मंदिर पहुंचे, तो दरवाजा खुला था और भगवान राम व माता जानकी की मूर्तियां गायब थीं.

चोरी की खबर से मचा हड़कंप

इस खबर से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गये. यह तीसरा मौका है, जब इस मंदिर में मूर्ति चोरी की घटना हुई है. घटना के संबंध में मंदिर के पुजारी कृष्णा साह ने बताया कि वे प्रतिदिन की तरह सुबह पूजा करने मंदिर पहुंचे. उन्होंने देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ है और भीतर जाकर देखा, तो मूर्तियां अपने स्थान से गायब थीं. इसकी सूचना तुरंत मांझा थाने को दी गयी.

सूचना पर पहुंची पुलिस ने की जांच

सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. पुलिस के अनुसार, चोरों ने रात के अंधेरे में मंदिर की पीछे की खिड़की तोड़कर मूर्तियों की चोरी की है. आसपास के खेतों और झाड़ियों में घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला. मामले में अज्ञात चोरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है.

1962 में बना था भव्य रामजानकी मंदिर

बताया जाता है कि रामजानकी मंदिर की स्थापना वर्ष 1962 में की गयी थी. इससे पहले यहां एक छोटा मंदिर था, जिसमें ग्रामीणों के सहयोग से भगवान राम और माता जानकी की अष्टधातु मूर्तियां स्थापित की गयी थीं. यह मंदिर आसपास के इलाके में आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं.

पहले भी हो चुकी हैं चोरी की घटनाएं

यह पहली बार नहीं है जब इस मंदिर से मूर्तियों की चोरी हुई हो. वर्ष 2012 में भी रामजानकी की मूर्तियां चोरी कर ली गई थीं. हालांकि, पुलिस की सख्ती के बाद चोरों ने मूर्तियां मंदिर के पास के खेत में फेंक दी थीं, जिन्हें बाद में फिर से मंदिर में स्थापित किया गया. इसके बाद 3 फरवरी 2022 को भी मूर्तियों की चोरी हुई थी, जिसमें पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सरेया मोड़ के पास चोरों से मूर्तियां बरामद की थीं. कोर्ट से अनुमति लेकर विधिवत पूजा-पाठ के साथ मूर्तियों की पुनः स्थापना की गयी थी.

मूर्तियों की चोरी के बाद आक्रोश

अब एक बार फिर मूर्तियों की चोरी ने ग्रामीणों की धार्मिक भावना को आहत किया है. लोग प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि मंदिर की सुरक्षा बढ़ायी जाये तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए. पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और जांच कई कोणों से की जा रही है. मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. ग्रामीणों में घटना को लेकर खासा आक्रोश है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GURUDUTT NATH

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By GURUDUTT NATH

GURUDUTT NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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