Gopalganj News : गोपालगंज में जीबीएस वायरस का पहला संदिग्ध मरीज मिला, गोरखपुर मेडिकल में हुआ भर्ती

Updated at : 01 Apr 2025 10:10 PM (IST)
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Gopalganj News  : गोपालगंज में जीबीएस वायरस का पहला संदिग्ध मरीज मिला, गोरखपुर मेडिकल में हुआ भर्ती

Gopalganj News : गोपालगंज शहर में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) वायरस का संदिग्ध मरीज मिला है. गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुई जांच के बाद मरीज का इलाज शुरू हो चुका है.

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गोपालगंज. गोपालगंज शहर में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) वायरस का संदिग्ध मरीज मिला है. गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हुई जांच के बाद मरीज का इलाज शुरू हो चुका है. हालांकि आधिकारिक तौर पर इस वायरस की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है. बताया जाता है कि नगर परिषद क्षेत्र के रहनेवाले पांच वर्षीय बच्चे को इलाज के लिए एक निजी चिकित्सक के यहां लाया गया था, जहां से डॉक्टरों की टीम ने न्यूरो का मरीज बताकर गोरखपुर रेफर कर दिया.

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के बोर्ड ने की बैठक

गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज की टीम ने मंगलवार को बच्चे की बीमारी की जांच में जीबीएस वायरस का संदिग्ध मरीज पाया, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों का बोर्ड बैठा और वायरस की पुष्टि के लिए अन्य जांच शुरू की गयी है. जीबीएस के संदिग्ध मरीज की जांच में पुष्टि होती है, तो बिहार का यह पहला मरीज होगा. हालांकि महाराष्ट्र में इस वायरस के कई मरीज मिल चुके हैं. बताया जाता है कि बच्चे को सिर में दर्द हुआ और अचानक से छत पर गिर गया. बाद में बाथरूम गया, तो बच्चा बाथरूम में भी गिरकर बेहोश हो गया. बच्चे की गंभीर बीमार हो देख परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है. विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक जीबीएस एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो तब होता है, जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली परिधीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करती है. यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन व्यस्कों और पुरुषों में अधिक आम है.

क्या है जीबीएस?

जीबीएस एक दुर्लभ बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का इम्यून सिस्टम खुद के ही तंत्रिका तंतुओं पर हमला करना शुरू कर देता है. इस वजह से मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नता आ जाती है. कभी-कभी पैरों या हाथों में लकवा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई मामलों में देखा गया है कि खाना निगलने और सांस लेने भी परेशानी आती है. ये कोई नयी बीमारी नहीं है. इसके इलाज के लिए आमतौर पर इंट्रावेनस इम्यूनोग्लोबुलिन या प्लाज्मा एक्सचेंज जैसे तरीके का इस्तेमाल किया जाता है.

क्या कहते हैं सिविल सर्जन

जीबीएस वायरस के मरीज के बारे में अभी कोई सूचना नहीं मिली है. गोपालगंज में अभी तक इस बीमार का कोई मरीज नहीं मिला है. जीबीएस वायरस का मरीज मिलने पर रोकथाम और इलाज से संबंधित ऐहतियातन कदम उठाये जायेंगे.

डॉ बीरेंद्र प्रसाद, सिविल सर्जन, गोपालगंज

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