अमानवीय: जांच करने पहुंचे बीईओ ने बच्चों को बनाया 'मुर्गा', फोटो वायरल

Author :Vivek Ranjan
Published by :Vivek Ranjan
Updated at :12 May 2026 10:27 AM
विज्ञापन
Gopalganj News

'मुर्गा 'बने छात्रों की तस्वीर

Gopalganj News : छात्रों ने नहीं स्कूल की ड्रेस, गरमाए शिक्षा अधिकारी ने 'मुर्गा' बनवा दिया

विज्ञापन

Gopalganj News : भोरे प्रखंड के जैतपुर रुद्रपुर मध्य विद्यालय में शिक्षा विभाग की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. करीब एक सप्ताह पहले विद्यालय की जांच करने पहुंचे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) लखींद्र दास बच्चों के पहनावे को देखकर इस कदर भड़क गए कि उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं. बिना स्कूल ड्रेस के आए बच्चों को क्लास रूम से बाहर निकाल कर धूप में ‘मुर्गा’ बना दिया गया. अब इस घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, बीईओ लखींद्र दास विद्यालय के औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कुछ बच्चे बिना आधिकारिक यूनिफॉर्म (ड्रेस) के स्कूल आए हैं. बजाय इसके कि वे बच्चों को समझाते या उनके अभिभावकों से बात करते, बीईओ ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए बच्चों को सजा दे दी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चों को क्लास से बाहर निकाल कर मैदान में काफी देर तक मुर्गा बनाकर रखा गया.

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

घटना की तस्वीर जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुई, स्थानीय अभिभावकों और बुद्धिजीवियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि सरकार एक तरफ बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारी इस तरह का अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं. “किसी भी परिस्थिति में बच्चों को शारीरिक दंड देना कानूनी अपराध है. अगर बच्चे ड्रेस में नहीं थे, तो इसकी जवाबदेही स्कूल प्रशासन या अभिभावकों की है, न कि मासूम बच्चों की जिन्हें इस तरह अपमानित किया जाए।” – स्थानीय अभिभावक

क्या कहता है नियम?

शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूलों में बच्चों को किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक दंड देना पूरी तरह प्रतिबंधित है. बीईओ जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा ऐसी कार्रवाई करना विभागीय नियमों का भी उल्लंघन माना जा रहा है. इस मामले में अब तक जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वायरल फोटो ने विभाग की काफी किरकिरी करा दी है. क्षेत्र में चर्चा है कि क्या जांच के नाम पर बच्चों को प्रताड़ित करना ही शिक्षा सुधार का नया मॉडल है?

विज्ञापन
Vivek Ranjan

लेखक के बारे में

By Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन