लापरवाही. सदर अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में तड़पते रहे मरीज

Published at :02 Nov 2016 1:01 AM (IST)
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लापरवाही. सदर अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में तड़पते रहे मरीज

सदर अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में फिर एक नवजात बच्चे की मौत से स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्था की पोल खुल गयी है. नवजात की मौत के बाद प्रशासन गंभीर हो उठा है. डीएम के स्तर पर भी कार्रवाई का आदेश दिया गया है. गोपालगंज : सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ऑक्सीजन के अभाव में […]

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सदर अस्पताल में ऑक्सीजन के अभाव में फिर एक नवजात बच्चे की मौत से स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्था की पोल खुल गयी है. नवजात की मौत के बाद प्रशासन गंभीर हो उठा है. डीएम के स्तर पर भी कार्रवाई का आदेश दिया गया है.

गोपालगंज : सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ऑक्सीजन के अभाव में नवजात बच्चे की मौत हो गयी. मौत की घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र के कररिया के निवासी जयराम कुमार की पत्नी लवली देवी को सोमवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल में भरती कराया गया. रात के 3.20 बजे बच्चे ने जन्म लिया. डॉक्टर ने बच्चे की सेहत को देख तत्काल इमरजेंसी में ऑक्सीजन चढ़ाने के लिए भेजा.
अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म हो चुका था. ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्यकर्मी भी काफी परेशान रहे. बाद में बाहर से ऑक्सीजन मंगाया गया. तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. बच्चे की मौत के बाद परिजन डॉक्टरों पर ड्यूटी के दौरान सोये रहने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे. ऑक्सीजन के अभाव में अस्पताल में भरती कई अन्य मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
दीपावली की रात से ऑक्सीजन की कमी : दीपावली की रात में आतिशबाजी के बाद श्वास रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसके कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ रही है. ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने ऑक्सीजन का इंतजाम इमरजेंसी में नहीं रखा था, जिसके कारण नवजात बच्चे की मौत बतायी जा रही है.
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
इमरजेंसी ड्यूटी में सो रहे डॉक्टर.
मौत के बाद शव के साथ सदमे में परिजन .
पहले भी हुई थी ऑक्सीजन के अभाव में मौत
सदर अस्पताल में मार्च, 2015 में नगर थाना क्षेत्र के बसडिला के निवासी पूर्व डाककर्मी विंध्याचल तिवारी को श्वास में समस्या पर अस्पताल में भरती कराया गया था. इलाज के दौरान डॉक्टर ने ऑक्सीजन निकाल कर दूसरे मरीज को लगा दिया, जिसके कारण तड़प-तड़प कर विंध्याचल तिवारी की मौत हो गयी थी. मौत से उग्र लोगों ने सदर अस्पताल में जम कर तोड़फोड़ कर डॉक्टर की पिटाई भी की थी. इस घटना के बाद दो दिनों तक सदर अस्पताल के डॉक्टर सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे.
सख्त कार्रवाई होगी : डीएम
नवजात बच्चे की मौत मीडिया में आने के बाद डीएम राहुल कुमार ने इसे गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को तत्काल इस मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है. डीएम ने स्पष्ट किया है कि जिसके स्तर पर भी चूक हुई हो उन पर कार्रवाई की जाये.
ऑक्सीजन के अभाव में नहीं हुई मौत : सीएस
इमरजेंसी में ऑक्सीजन पर्याप्त है. जिस नवजात बच्चे की ऑक्सीजन के अभाव में मौत की बात कही जा रही है, वह जन्म लेने के साथ ही काफी विक था और उसकी मौत हो चुकी थी. इलाज में कहीं से भी कोई लापरवाही नहीं पायी गयी है. डॉक्टर ने रात में बच्चे की प्रोपर जांच की. जब बच्चे की मौत हो चुकी थी तो इलाज कैसे हो पाती.
मधेश्वर प्रसाद शर्मा, सीएस, गोपालगंज
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