क्या डोनाल्ड ट्रंप को मिलेगा 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार? रेस में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप . इमेज- एक्स/@WhiteHouse.
Donald Trump: क्या डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने का सपना पूरा होगा? 2026 की रेस में ट्रंप के साथ जेलेंस्की और ग्रेटा थनबर्ग जैसे 287 बड़े नाम शामिल हैं. रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान और इजरायल समेत तीन देशों ने ट्रंप को नॉमिनेट किया है.
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है. लंबे समय से नोबेल शांति पुरस्कार की इच्छा रखने वाले ट्रंप का नाम इस बार 2026 के नॉमिनीज की लिस्ट में शामिल हो सकता है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कंबोडिया, इजरायल और पाकिस्तान के नेताओं ने ट्रंप का नाम आगे बढ़ाया है. इन देशों का कहना है कि ट्रंप ने दुनिया के अलग-अलग विवादों को सुलझाने में काफी मदद की है, इसलिए वे इस सम्मान के हकदार हैं.
लिस्ट में कई नए नाम शामिल
नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने गुरुवार को जानकारी दी कि 2026 के शांति पुरस्कार के लिए कुल 287 नामांकन मिले हैं. इस लिस्ट में 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं. कमेटी के नए सेक्रेटरी क्रिस्टियन बर्ग हार्पविकन, जिन्होंने जनवरी 2025 में कार्यभार संभाला है, उन्होंने बताया कि हर साल इस लिस्ट में काफी बदलाव देखने को मिलते हैं. उनके अनुसार, आज के कठिन समय में शांति पुरस्कार की अहमियत और भी बढ़ गई है. हालांकि, नियमों के मुताबिक इन नामों को 50 साल तक गुप्त रखा जाता है, लेकिन नामांकन करने वाले लोग खुद ही इसकी जानकारी सार्वजनिक कर देते हैं.
रेस में और कौन-कौन है शामिल?
हालांकि पूरी लिस्ट सीक्रेट है, लेकिन कुछ नाम सामने आ चुके हैं:
- वोलोदिमिर जेलेंस्की: यूक्रेन के राष्ट्रपति को वहां की जनता के साथ संयुक्त रूप से नॉमिनेट किया गया है.
- लिजा मुनकोव्स्की और आजा केमनिट्ज: अमेरिका और ग्रीनलैंड की इन नेताओं को आर्कटिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयासों के लिए नॉमिनेट किया गया है.
- अन्य दिग्गज: जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, संयुक्त राष्ट्र की फ्रांसिस्का अल्बानीज और मोल्दोवा की राष्ट्रपति मैया सैंडू का नाम भी इस लिस्ट में होने की खबर है.
चुनौतियों के बीच चयन प्रक्रिया: क्या होगा असर?
यह चयन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकट (जैसे हॉर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी और एनर्जी शॉक) से जूझ रही है. नॉर्वे के उप विदेश मंत्री एंड्रियास क्राविक के अनुसार, अमेरिका-ईरान संघर्ष ने भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दरारें पैदा की हों, लेकिन पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों की वजह से कूटनीतिक समाधान की उम्मीद अभी भी कायम है. कमेटी अब इन नामों में से कुछ खास लोगों को शॉर्टलिस्ट करेगी, जिसका काम साल के बीच तक पूरा हो जाएगा.
जेल में बंद नरगिस मोहम्मदी की सेहत पर चिंता
नोबेल कमेटी ने 2023 की विजेता और ईरान की जेल में बंद नरगिस मोहम्मदी की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता जताई है. उन्हें हाल ही में दिल का दौरा पड़ा था. हार्पविकन ने बताया कि उनकी बहन ने जब जेल में उनसे मुलाकात की, तो उनकी हालत काफी नाजुक थी. कमेटी ने ईरान सरकार से मांग की है कि उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत रिहा किया जाए.
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कब होगा विजेता का फैसला?
दुनिया के इस सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के विजेता के नाम का ऐलान 9 अक्टूबर को किया जाएगा. इसके बाद 10 दिसंबर को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में एक भव्य समारोह के दौरान यह अवॉर्ड दिया जाएगा. ट्रंप के समर्थकों को उम्मीद है कि इस बार उनका “शांति दूत” वाला सपना सच हो सकता है.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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