हाइवे को जाम कर की आगजनी

Published at :06 Oct 2016 3:56 AM (IST)
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हाइवे को जाम कर की आगजनी

जितेंद्र हत्याकांड. हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस के खिलाफ गुस्सा सड़क पर बैठीं महिलाएं व बघउच मोड़ पर आगजनी व नारेबाजी करते ग्रामीण(इनसेट). कुचायकोट : चर्चित जितेंद्र यादव हत्याकांड में खुलासा तथा हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भड़के ग्रामीण पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतर गये. ग्रामीणों ने बघउच चौक को जाम […]

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जितेंद्र हत्याकांड. हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस के खिलाफ गुस्सा

सड़क पर बैठीं महिलाएं व बघउच मोड़ पर आगजनी व नारेबाजी करते ग्रामीण(इनसेट).
कुचायकोट : चर्चित जितेंद्र यादव हत्याकांड में खुलासा तथा हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भड़के ग्रामीण पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतर गये. ग्रामीणों ने बघउच चौक को जाम कर आगजनी कर हंगामा शुरू कर दिया. सिपाया-मैरवा स्टेट हाइवे तथा सासामुसा-जमुनहा मुख्य पथ जाम हो गया. स्कूल के दर्जनों वाहन जाम में घंटों फंसे रहे. मौके पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. लोगों के उग्र रुख को देख पुलिस छह घंटे तक लाचार बनी रही. बाद में पहुंचे एसडीओ मृत्युंजय कुमार,
एसडीपीओ मनोज कुमार के घंटों प्रयास के बाद किसी तरह जाम हटाया गया. अधिकारियों ने 15 अक्तूबर तक घटना का खुलासा कर आरोपितों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है. ग्रामीणों ने 17 अक्तूबर को गिरफ्तारी नहीं होने पर एनएच -28 जाम करने का निर्णय लेते हुए आंदोलन को समाप्त किया.
क्यों फूटा जनाक्रोश : 21 सितंबर को कुचायकोट थाने के रामपुर खरेया गांव के निवासी खेदन चौधरी का पुत्र जितेंद्र यादव साइकिल से किसी से मिलने की बात कह कर निकला. 23 सितंबर को उसका शव भोपतापुर गांव के चंवर में पेड़ से लटका मिला. हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को पेड़ पर टांगा गया था. घटना के विरोध में 24 सितंबर को जीविका समूह की महिलाओं के साथ परिजनों नें भोपतापुर गांव के पास सड़क को जाम कर हंगामा किया था.
पुलिस ने 29 सितंबर को इस कांड के मात्र एक नामजद अभियुक्त भोला मियां को सासामुसा में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटना का खुलासा नहीं कर सकी. इसको लेकर ग्रामीण बुधवार को फिर से आंदोलित होकर सड़क पर उतर आये. हाथों में डंडा, बांस और फट्ठा लिये सैकड़ों महिलाएं इंसाफ मांगने के लिए सड़क पर उतरी थीं. ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर घटना को रफा-दफा करने में जुटी है.
इस कांड के आरोपितों को बचाने के लिए पुलिस कार्य कर रही है. ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी को बुलाने की मांग पर अड़े हुए थे. एसडीपीओ की पहल के बाद लोग शांत हुए .
कुचायकोट पुलिस को झेलना पड़ा ग्रामीणों का आक्रोश
सात घंटे तक स्टेट हाइवे जाम कर की नारेबाजी
एसडीओ और एसडीपीओ के घंटों प्रयास के बाद हटा जाम
बुलानी पड़ी कई थानों की पुलिस
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए मौके पर जब एसडीओ और एसडीपीओ पहुंचे, तो उन्हें भी आक्रोश झेलना पड़ा. आनन-फानन में गोपालपुर, थावे, जादोपुर, विशंभरपुर तथा नगर थाना और पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा.
पुलिस के पहुंचने के बाद अधिकारी ग्रामीणों को समझाने में जुट गये.सबसे पहले थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार यहां पहुंचे थे. उसके बाद सीओ अमित रंजन को बुलाया गया. सुबह छह बजे से लग जाम दिन के डेढ़ बजे समाप्त हुआ. लोगों के आक्रोश को देख कर पुिलस को काफी मशक्कत के बाद िमली सफलता.
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