केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : गांधी सेतु का होगा कायाकल्प, बदलेगा ऊपर का पूरा स्ट्रक्चर

Published at :07 Apr 2016 6:30 PM (IST)
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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला :  गांधी सेतु का होगा कायाकल्प, बदलेगा ऊपर का पूरा  स्ट्रक्चर

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : गांधी सेतु का होगा कायाकल्प, बदलेगा ऊपर का पूरा स्ट्रक्चरजायका की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने दी सहमतिपश्चिमी लेन को बदलने का काम होगा पहलेटेंडर की शीघ्र होगी प्रक्रिया स्ट्रक्चर बदलने के दौरान आवाजाही नहीं होगी बाधित 2800करोड़ की लागत आ सकती है स्ट्रक्चर बदलने 04साल लगेगा स्ट्रक्चर बदलने […]

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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : गांधी सेतु का होगा कायाकल्प, बदलेगा ऊपर का पूरा स्ट्रक्चरजायका की रिपोर्ट पर केंद्र सरकार ने दी सहमतिपश्चिमी लेन को बदलने का काम होगा पहलेटेंडर की शीघ्र होगी प्रक्रिया स्ट्रक्चर बदलने के दौरान आवाजाही नहीं होगी बाधित 2800करोड़ की लागत आ सकती है स्ट्रक्चर बदलने 04साल लगेगा स्ट्रक्चर बदलने में 87. 21 करोड़ खर्च हुआ था सेतु निर्माण में 1982 में हुआ था सेतु का निर्माण 139 करोड़ टॉल टैक्स की वसूली हुई 1982 से 2007 तक 5.57 किमी है पुल की लंबाई 25 मीटर है पुल की चौड़ाई 46 पाये हैं सेतु में संवाददाता,पटनाउत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन महात्मा गांधी सेतु को नया जीवन देने की अनुमति केंद्र सरकार ने दे दी है. इसके तहत सेतु के ऊपरी ढांचे(सड़क भाग) को पूरी तरह बदल दिया जायेगा. कंक्रीट से बनी सड़क की जगह अब स्टील का स्ट्रक्चर बनेगा. सेतु पर अप स्ट्रीम यानि पश्चिमी लेन से स्ट्रक्चर बदलने का काम शुरू होगा. सेतु के कायाकल्प के लिए दो से तीन माह में टेेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी. सेतु पर बिना किसी बाधा के स्ट्रक्चर बदलने का काम होगा. पूरे स्ट्रक्चर को बदलने में कम से कम चार साल लगेगा. इस पर लगभग 2800 करोड़ खर्च अनुमानित है. ऊपरी ढांचे को बदलने का जापान की एजेंसी जायका के निर्णय को केंद्र ने मान लिया है. जायका की टीम ने महात्मा गांधी सेतु का अक्तूबर व दिसंबर, 2014 में निरीक्षण कर हर पहलुओं का अध्ययन किया था. इसमें सेतु की स्थिति, सेतु के ऊपर यातायात का दवाब, ढांचे को बदलने में लगनेवाला समय आदि चीजों का विशेषज्ञ द्वारा निरीक्षण किया गया था. विशेषज्ञ ने सेतु के ऊपरी स्ट्रक्चर को बदलने का परामर्श दिया था. गांधी सेतु के पश्चिमी लेन की पाया संख्या 44 में झुकाव होने के बाद उस साइड वाहनों के परिचालन पर रोक है. पाया संख्या 44 के पास पुल की कटिंग की गयी है. वहां केवल पूर्वी लेन से वाहनों का आना-जाना हो रहा है. सेतु की जर्जर स्थिति को लेकर उस पर भारी वाहनों का परिचालन पर पिछले दो साल से रोक है. कंक्रीट की जगह बनेगा स्टील का स्ट्रक्चरसेतु के ऊपरी ढांचे(सड़क भाग) को बदल कर कंक्रीट की जगह स्टील का स्ट्रक्चर बनेगा. स्ट्रक्चर बदलने का काम पश्चिमी लेन से शुरू होगा. पश्चिमी लेन में पाया संख्या 44 में गड़बड़ी के बाद ऊपरी ढांचे की कटिंग की गयी है. इस वजह से उस साइड पुल की कटिंग करने में आसानी होगी. ऊपरी स्ट्रक्चर को बदलने की केंद्र की अनुमति मिलने के बाद अब कटिंग किये गये हिस्से को बनाने का काम नहीं होगा. अब पूरे ढांचे के साथ कटिंग वाले हिस्से का काम पूरा होगा. पश्चिमी लेन का स्ट्रक्चर बदलने के बाद पूर्वी लेन का स्ट्रक्चर बदला जायेगा. हालांकि स्ट्रक्चर बदलने के दौरान आवाजाही बाधित नहीं होगी. सेतु के ऊपरी स्ट्रक्चर को बदलने के लिए अगले दो माह में ट्रेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कांट्रैक्टर को काम सौंपा जायेगा. सेतु का निर्माण गैमन इंडिया लिमिटेड ने कराया था प्रीस्ट्रेड कंक्रीट बैलेंस कैंटीलीवर तकनीक से बना है

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