मुआवजे के भुगतान में 50-50 का खेल

Published at :06 Apr 2016 8:34 PM (IST)
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मुआवजे के भुगतान में 50-50 का खेल

मुआवजे के भुगतान में 50-50 का खेल दर्जनों किसानों का नहीं हुआ भुगतानगंडक विभाग के सर्वे पर सवाल मामला मिट्टी भराई के मुआवजे कागोपालगंज. किसानों के मुआवजे की राशि हड़पने की साजिश में गंडक विभाग लगा हुआ है. मुआवजे के भुगतान के लिए कई किसान विभाग का दौड़ लगा रहे हैं, तो कई ऐसे भी […]

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मुआवजे के भुगतान में 50-50 का खेल दर्जनों किसानों का नहीं हुआ भुगतानगंडक विभाग के सर्वे पर सवाल मामला मिट्टी भराई के मुआवजे कागोपालगंज. किसानों के मुआवजे की राशि हड़पने की साजिश में गंडक विभाग लगा हुआ है. मुआवजे के भुगतान के लिए कई किसान विभाग का दौड़ लगा रहे हैं, तो कई ऐसे भी हैं जिन्हें बिना खेत के ही भुगतान कर दिया गया है. किसानों की मानें तो मुआवजे के भुगतान में 50-50 का खेल जारी है. बताया गया है कि वर्ष 2015 में सारण तटबंध की भराई के लिए विभाग द्वारा किसानों के खेत से मिट्टी की कटाई करायी गयी. इसके एवज में किसानों को मुआवजे की राशि देनी थी. इसके लिए फसल के हिसाब से अलग- अलग दर तय थी. विभाग वर्तमान में मुआवजे की राशि का भुगतान कर रहा है. सलेहपुर के किसान कमलाकांत तिवारी, मुन्ना तिवारी, सलेमपुर के दीनानाथ दूबे, रत्नेश्वर श्रीवास्तव, श्यामानंद तिवारी, बिहारी सहनी, उमेश सिंह सहित दो दर्जन से अधिक ऐसे किसान हैं जिनके खेतों से मिट्टी की कटाई तो कर ली गयी, लेकिन भुगतान देने से विभाग इनकार कर रहा है. कई ऐसे किसान हैं जिन्हें बड़ी रकम बिना खेत के हीं मुआवजा दे दी गयी है. सर्वे से लेकर भुगतान तक चुपके-चुपकेखेतों का सर्वे कार्य किसानों को पता नहीं चला. अब भुगतान भी बंद कमरे से विभाग कर रहा है. किसान को किस दर से भुगतान किया जा रहा है, भुगतान के समय उपस्थित एसडीओ भी इसे नहीं बता रहे हैं. किसानों की मानी जाये तो सब कुछ चुपके-चुपके किया जा रहा है जिससे किसानों में आक्रोश है. हद तो यह है कि इस पैसे का वितरण 31 मार्च के पहले होना था, लेकिन राशि हड़पने की नीयत से अभी भुगतान किया जा रहा है. क्या कहते हैं अधिकारीसर्वे के अनुसार भुगतान किया जा रहा है. कई किसानों को आपत्ति है, उनकी जांच करायी जायेगी. भुगतान की दर कृषि विभाग बतायेगा. हमलोगों को केवल भुगतान करना है. हैदर अली, एसडीओ, गंडक विभाग, गोपालगंज क्या कहते हैं कृषि पदाधिकारी -गंडक विभाग को जमीन की दर का कागजात भेज दिया गया है. यदि किसान पूछते हैं तो गंडक विभाग को बता देना चाहिए. डॉ वेदनारायण सिंह, डीएओ, गोपालगंज

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