जवाब नहीं देने वाले सांसद-विधायकों को आयकर का शोकॉज

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Dec 2015 6:58 PM

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जवाब नहीं देने वाले सांसद-विधायकों को आयकर का शोकॉज- अभी तक तीन सांसद और तीन विधायकों ने ही सिर्फ दिया है आयकर विभाग को जवाब- 5 साल में 5 गुणा से ज्यादा संपत्ति जमा करने वाले जन प्रतिनिधियों को आयकर ने दिया था नोटिस- सितंबर 2015 में ही आयकर ने जारी किया था 16 जन […]

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जवाब नहीं देने वाले सांसद-विधायकों को आयकर का शोकॉज- अभी तक तीन सांसद और तीन विधायकों ने ही सिर्फ दिया है आयकर विभाग को जवाब- 5 साल में 5 गुणा से ज्यादा संपत्ति जमा करने वाले जन प्रतिनिधियों को आयकर ने दिया था नोटिस- सितंबर 2015 में ही आयकर ने जारी किया था 16 जन प्रतिनिधियों को नोटिस- चार महीने बीतने के बाद भी अभी तक 10 जनप्रतिनिधियों ने नहीं दिया आयकर को जवाबसंवाददाता, पटनाआयकर विभाग ने पांच साल में पांच गुने से ज्यादा की संपत्ति बढ़ने का हिसाब नहीं देनेवाले 10 विधायक-सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अब इन्हें सात दिनों में जवाब देना है. इसके बाद भी जवाब नहीं देनेवाले विधायक-सांसदों को सम्मन जारी कर आयकर विभाग में हाजिर होने के लिए कहा जायेगा. इस स्थिति में संबंधित विधायक-सांसदों को हर हाल में उपस्थित होकर अपनी संपत्ति में हुई अत्याधिक बढ़ोतरी का कारण बताना पड़ेगा. सितंबर, 2015 में ही ऐसे 16 विधायक-सांसदों पर नोटिस जारी किया गया था. इनमें कई वर्तमान में चुनाव हार चुके हैं. इसके अलावा जिन विधायक-सांसदों ने विभाग की तरफ से कई बार नोटिस जारी करने के बाद भी जवाब नहीं दिया है, उन पर जुर्माना भी किया जा सकता है. प्रत्येक नोटिस की तारीख पर डिफॉल्ट होने की स्थिति में 10 हजार रुपये प्रति तारीख की दर से जुर्माना ठोकने का प्रावधान है. अगर किसी जनप्रतिनिधि ने पांच बार नोटिस मिलने के बाद भी उसने जवाब नहीं दिया है, तो उस पर आयकर विभाग 50 हजार रुपये जुर्माना लगा सकता है. इन्होंने नहीं दिया जवाबसांसद- भोला सिंह (बेगूसराय)विधायक व पूर्व विधायक- पूर्णिमा यादव (नवादा), श्रवण कुमार (नालंदा), प्रेमरंजन पटेल (सूर्यगढ़ा), मो तौसिफ आलम (बहादुरगंज), कृष्ण नंदन पासवान (हरसिद्धि), मनोज कुमार सिंह (कुढ़नी), रमेश ऋषिदेव (सिंहेश्वर), पन्ना लाल पटेल (बेलदौर) और सुनील पांडेय (तरारी) इन्होंने दे दिया है जवाबसांसद- शत्रुघ्न सिंहा (पटना साहिब), हरि मांझी (गया) और सुशील कुमार सिंह (औरंगाबाद) विधायक व पूर्व विधायक- जीतन राम मांझी (इमामगंज), गुड्डी देवी (रुन्नीसैदपुर) और नरेंद्र नारायण यादव (आलमनगर) 4 महीने में तीन सांसद व तीन विधायकों ने ही दिया जवाबआयकर विभाग ने चार सांसद और 12 वैसे विधायकों पर सितंबर, 2015 में नोटिस जारी किया था, जिन्होंने 2009 से 2014 के बीच पांच साल के दौरान पांच गुने से ज्यादा की संपत्ति जमा कर ली है. इन्हें आयकर को अपना इनकम टैक्स रिटर्न समेत तमाम कागजात जमा करना था और संपत्ति में हुई इतनी अधिक बढ़ोतरी का कारण बताना था. लेकिन, चार महीने बाद भी इस 16 जनप्रतिनिधियों में महज छह ने ही जवाब दिया है. इस बीच आयकर ने इन्हें कई बार नोटिस भी भेजा. बावजूद इसके अभी तक जवाब नहीं मिला है. जवाब देने वालों के कागजात की होगी जांचजिन तीन सांसद और तीन विधायकों ने अपना आयकर रिटर्न समेत अपनी संपत्ति बढ़ने से जुड़े कागजात जमा किये हैं, उनकी जांच आयकर विभाग ने शुरू कर दी है. जिन्होंने जवाब दिये हैं, वह तार्किक और सही है या नहीं, इसकी जांच की जायेगी. कागजात सही मिलने पर ही इसे संतोषजनक माना जायेगा.

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