महज एक डॉक्टर के भरोसे मीरगंज का एपीएचसी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Dec 2015 6:22 PM

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महज एक डॉक्टर के भरोसे मीरगंज का एपीएचसी फोटो न. 27संवाददाता, मीरगंजमीरगंज नगर का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुनियादी सुविधाओं के न रहने के कारण खुद बीमार है. छह बेडवाले इस अस्पताल में आज डॉक्टर के नाम पर एकमात्र आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, जिनके सहारे कार्य चलाया जा रहा है. यहां पर होनेवाले बंध्याकरण व प्रसूति […]

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महज एक डॉक्टर के भरोसे मीरगंज का एपीएचसी फोटो न. 27संवाददाता, मीरगंजमीरगंज नगर का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुनियादी सुविधाओं के न रहने के कारण खुद बीमार है. छह बेडवाले इस अस्पताल में आज डॉक्टर के नाम पर एकमात्र आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं, जिनके सहारे कार्य चलाया जा रहा है. यहां पर होनेवाले बंध्याकरण व प्रसूति कार्य भी बंदी के कगार पर है. मीरगंज नगर तथा आसपास की एक लाख की आबादी की चिकित्सा व्यवस्था इसी अस्पताल के जिम्मे है. यहां पर अस्पताल की बदतर व्यवस्था के कारण लोग निजी डॉक्टरों के यहां जाना बेहतर समझते हैं. ऐसा नहीं है कि इस अस्पताल की स्थिति हमेशा ऐसी थी, विगत डेढ़-दो सालों में अस्पताल की बदहाली के कारण मरीजों का आना काफी कम हो गया है. जर्जर भवनों के कारण इस अस्पताल में न तो कोई डाॅक्टर रहता है और न ही कोई नर्स. अस्पताल की चहारदीवारी न होने से पियक्कड़ों तथा जुआड़िओं का यहां अड्डा बन गया है. कभी यहां बंध्याकरण तथा प्रसूति कार्यों के कारण काफी चहल-पहल रहती थी. पर, अब यह अस्पताल पेयजल, बिजली आदि सुविधाओं के अभाव के कारण चर्चा में है. 1887 में हुई थी स्थापना 1987 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डाॅ शिवचंद्र झा तथा विधायक राजमंगल मिश्र के नेतृत्व में शहर के मेन रोड पर लगभग एक बीघा पांच कट्ठा में इस अस्पताल की स्थापना हुई थी, जिसमें एक डाॅक्टर, दो एएनएम, एक ड्रेसर, एक तकनीशीयन, एक किरानी आदि को रखने की बात थी, पर आज यहां अधिकतर पद खाली पड़ा है. सुबह ओपीडी चलने के बाद अस्पताल प्राय: बंद रहता है. वहीं, दवा के नाम पर पारासीटा मोल तक उपलब्ध नहीं है. मात्र कुछ आयूर्वेदिक दवा के भरोसे डाॅक्टर इलाज करते हैं. अस्पताल में तैनात आयुर्वेदिक डाॅ उपेंद्र यादव ने बताया कि सर्जन के न रहने से ऑपरेशन कार्य बंद है. साथ ही दवाओं की कमी की बात भी बतायी. उन्होंने कहा कि चहारदीवारी न होने के कारण यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी एक बड़ी समस्या है. इसके बारे में उन्होंने पुलिस प्रशासन से बातचीत की है.क्या कहते हैं अधिकारीमीरगंज के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में चहारदीवारी का निर्माण व अन्य कार्यों को लेकर प्रस्ताव विभाग को कई बार भेजा जा चुका है. साथ ही डाॅक्टरों की कमी के तरफ विभाग का ध्यान खिंचा गया है.डॉ राम लखन प्रसाद, पीएचसी प्रभारी, उचकागांव

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