गरीबों के लिए पक्की ईंंट का मकान बनाना हुआ दुश्वार
गरीबों के लिए पक्की ईंंट का मकान बनाना हुआ दुश्वार 10 हजार रुपये में बिक रही एक हजार पक्की ईंटें, पटना में कीमत हुई 11, 500 रुपये इंदिरा आवासों में डेढ़ व दो नंबर वाली ईंटों का हो रहा इस्तेमालखान-भूतत्व विभाग 10 हजार में 1500 ईंट की बिक्री कराने की बना रहा योजना बढ़ी ईंट […]
गरीबों के लिए पक्की ईंंट का मकान बनाना हुआ दुश्वार 10 हजार रुपये में बिक रही एक हजार पक्की ईंटें, पटना में कीमत हुई 11, 500 रुपये इंदिरा आवासों में डेढ़ व दो नंबर वाली ईंटों का हो रहा इस्तेमालखान-भूतत्व विभाग 10 हजार में 1500 ईंट की बिक्री कराने की बना रहा योजना बढ़ी ईंट की कीमतों की जांच के लिए विभाग ने बनायी इन्क्वायरी टीम संवाददाता, पटना सूबे में पक्की ईंट का मकान बनवाना गरीबों के लिए दुश्वार हो गया है. पक्की ईंट 10 हजार रुपये में एक हजार रुपये में बिक रही है. ईंट की कीमत में दो माह में प्रति हजार ईंट 500 रुपये की व़द्धि हुई है. ईंट की कीमत में हुई वृद्धि से पक्का मकान बनाने का सपना पाले गरीबों का खाब विखर गया है. खान-भूतत्व विभाग पक्के ईंट की कीमतें नियंत्रित करने को विशेष अभियान चलायेगा. खान-भूतत्व विभाग ने उप निदेशक, पटना को ईंट की कीमतों में वृद्धि की जांच करने का निर्देश दिया है. उप निदेशक को 15 दिनों में जांच रिपोर्ट मुख्यालय में समर्पित करने का निर्देश दिया गया है. खान-भूतत्व विभाग की हुई समीक्षा बैठक में मंत्री मुनेश्वर चौधरी ने पक्की ईंटों की लगातार बढ़ती कीमत पर गहरी चिंता जतायी है. उन्होंने ईंट की कीमतें नियंत्रित करने और अधिक कीमत वसूलने वालों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाने को कहा है. खान-भूतत्व विभाग, पटना के उप निदेशक संजय कुमार के नेतृत्व में जांच दल का गठन किया गया है. खान-भूतत्व विभाग 10 हजार रुपये में 1,500 रुपये ईंट की बिक्री कराने के पक्ष में है. जांच रिपोर्ट आने के बाद इस दिशा में विभाग वित्त विभाग के सहयोग से खान-भूतत्व विभाग पहल करेगा. सूबे में बड़े पैमाने पर इंदिरा आवासों का निर्माण हो रहा है, पर उसमें कम दर वाली दो नंबर की ईंटों का ही इस्तेमाल हो रहा है. दो नंबर वाली ईंट आठ हजार रुपये प्रति हजार की दर से बिक रही है. आठ हजार रुपये में प्रति हजार दो नंबर की ईंट खरीद कर संवेदक इंदिरा आवासों का निर्माण करा रहे हैं. दो नंबर की इंटों को पानी में डूबो कर संवेदक एक नंबर वाली इंटों का रंग दे देते हैं. कई जिलों में दो नंबर की इंटों से इंदिरा आवासों का कराये गये निर्माण की जांच भी हो रही है. ईंट की दर तग करने को बिहार में अभी तक कोई नियम नहीं बना है, सस्ती जमीन और कोल खदानों से सटे इलाकों में ईंट पांच-से-छह हजार रुपये हजार की दर से बिक रही है, जबकि पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, हाजीपुर, सीवान और गया शहर में 10 से साढ़े ग्यारह हजार प्रति हजार की दर से पक्की ईंटें बिक रही हैं. एक नंबर इंटों की कीमत में बेतहाशा वृद्धि होने के कारण कमजोर तबके के लोग दो या डेढ़ नंबर ईंटों से ही अपने घर-मकान बनवा रहे हैं. दो और डेढ़ नंबर की ईंटों से बनी दावारों का सीमेंट-प्लास्टर न कराने से उसकी उम्र भी कम हो जाती है. दो और डेढ़ नंबर की ईंटों से कमजोर तबका किसी तरह अपने घर-मकान तो बनवा ले रहा है, किंतु आगे चल कर उन्हें महंगे प्लास्टर का जुगाड़ करना पड़ रहा है. खान-भूतत्व विभाग की पहल यदि रंग लाती है, तो गरीबों को एक नंबर ईंटों से अपने मकान बनवाने में बड़ी राहत मिलेगी. ईंट की दर जिला® ईंट®दर प्रति हजार पटना®एक नंबर®11, 500 रुपये पटना®दो नंबर® 8,000 रुपये भागलपुर® एक नंबर®9,500 रुपये भागलपुर®दो नंबर® 7,500 रुपये हाजीपुर® एक नंबर®10. 000 रुपये हाजीपुर®दो नंबर®7,500 रुपये सीवान®एक नंबर®10,000 रुपये सीवान®दो नंबर®8,000 रुपये गया®एक नंबर®10,500 रुपये गया®दो नंबर®7,500 रुपये मुजफ्फरपुर®एक नंबर® 11,500 रुपये मुजफ्फरपुर®दो नंबर®9,000 रुपये
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