इंदिरा आवास नर्मिाण में नहीं चलेगी लेट लतीफी

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इंदिरा आवास निर्माण में नहीं चलेगी लेट लतीफीग्रामीण विकास विभाग हुआ सख्त. सभी जिलाधिकारी व डीडीसी को भेजा गया पत्र दीपक कुमार मिश्रा,पटनागरीब- गुरबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का महात्वाकांक्षी योजना इंदिरा आवास योजना को तहत आवास निर्माण में हो रही लेट- लतीफी को लेकर ग्रामीण विकास विभाग सख्त हो गया है. औसतन राज्य […]

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इंदिरा आवास निर्माण में नहीं चलेगी लेट लतीफीग्रामीण विकास विभाग हुआ सख्त. सभी जिलाधिकारी व डीडीसी को भेजा गया पत्र दीपक कुमार मिश्रा,पटनागरीब- गुरबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने का महात्वाकांक्षी योजना इंदिरा आवास योजना को तहत आवास निर्माण में हो रही लेट- लतीफी को लेकर ग्रामीण विकास विभाग सख्त हो गया है. औसतन राज्य की हर पंचायत में डेढ़ सौ इंदिरा आवास अपूर्ण है. इन आवासों को अभियान चलाकर पूरा किया जायेगा. जो लाभुक सहायता राशि लेने का बाद भी घर नहीं बना रहे हैं, ऐसे लाभुक के खिलाफ राशि वसूली के लिए सार्टिफिकेट केस किया जायेगा. इस मद में 932 करोड़ रुपया पड़ा हुआ है जो खर्च नहीं हो पाया है. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रदीप कुमार ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारी व उप विकास आयुक्त को 30 नवंबर को पत्र लिखकर कहा है कि पिछले तीन साल के अधूरे इंदिरा आवास को अभियान चलाकर पूरा कराना है. इसके लिए साप्ताहिक कार्ययोजना बनायी जाये तथा हर पखवारे में प्रगति प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाये. जिनको राशि नहीं मिली है, उन्हें राशि उपलब्ध करायी जाये. पत्र में इस बात पर चिंता जतायी गयी है कि कई बार के निर्देशों के बाद भी कई जिलों में स्थिति नहीं सुधरी है. 932.86 करोड़ रुपया विभिन्न जिलों में खर्च नहां हो पाया है, जबकि आवास अधूरा पड़ा है जो यह दर्शाता है कि इसके प्रति गंभीतरता नहीं है. सक्रिय प्रयास नहीं हो रहा है. गृह विहिन लोगों की बड़ी तादाद है. चालू वित्तीय वर्ष में इंदिरा आवास के लिए प्रथम किस्त उपलब्ध कराने के लिए बैंक में 76312.07 करोड़ पड़ी है. लक्ष्य के विरुद्ध अबतक 37 फीसदी आवास को स्वीकृति दी गयी है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में अब चार माह ही शेष है. पत्र में यह भी कहा गया हैं कि जिन जिलों को राशि की जरुरत है वो अपनी डिमांड भेजें और जो जिले राशि खर्च नहीं कर पा रहे हैं. वे राशि बैंक में जमा कर दें. राशि खर्च नहीं होंने से आवंटन में कटौती कर ली जाती है. सभी जिला से 15 दिसंबर तक अद्यतन स्थिति से अवगत कराने को कहा गया है.

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