गोपालगंज में 3 साल तक स्कूल नहीं आई मैडम, फिर भी चलता रहा सबकुछ, अब खुला बड़ा राज
शिक्षा विभाग गोपालगंज
Gopalganj News : गोपालगंज जिले के शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. सिधवलिया प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय कटेया में पदस्थापित एक प्रखंड शिक्षिका पिछले तीन वर्षों से विद्यालय से अनुपस्थित हैं, लेकिन विभाग को इसकी जानकारी अब मिली है.
Gopalganj News : (विकास दुबे) गोपालगंज जिले के शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. सिधवलिया प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय कटेया में पदस्थापित एक प्रखंड शिक्षिका पिछले तीन वर्षों से विद्यालय से अनुपस्थित हैं, लेकिन विभाग को इसकी जानकारी अब मिली है. मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
मार्च 2023 से स्कूल नहीं पहुंचीं शिक्षिका
स्थापना डीपीओ मुकेश कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजकीय मध्य विद्यालय कटेया में कार्यरत प्रखंड शिक्षिका सुमन कुमारी 10 मार्च 2023 के बाद से विद्यालय नहीं पहुंची हैं. इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने 15 जून 2026 को विभाग को रिपोर्ट भेजी थी.
रिपोर्ट मिलने के बाद स्थापना डीपीओ ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह सचिव, प्रखंड नियोजन इकाई सिधवलिया को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है.
तीन साल तक गायब रहीं, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि शिक्षिका की अनुपस्थिति करीब तीन वर्षों से बताई जा रही है. इतने लंबे समय तक विद्यालय नहीं पहुंचने के बावजूद मामला विभागीय कार्रवाई तक नहीं पहुंचा. इससे सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति की निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट से खुला मामला
विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित शिक्षिका मार्च 2023 के बाद से स्कूल नहीं आई हैं. रिपोर्ट के आधार पर अब विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है.
विभागीय जांच और स्पष्टीकरण की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, अब शिक्षिका की सेवा स्थिति, अनुपस्थिति की अवधि और विभागीय अभिलेखों की जांच की जाएगी. जांच के दौरान उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा जा सकता है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय कार्रवाई, वेतन संबंधी रोक या अन्य प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं.
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस मामले के सामने आने के बाद लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब शिक्षिका वर्षों से विद्यालय नहीं पहुंच रही थीं, तब विभागीय निरीक्षण और मॉनिटरिंग के दौरान यह जानकारी सामने क्यों नहीं आई. तीन साल बाद उजागर हुए इस मामले ने सरकारी स्कूलों में जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
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By Vivek Singh
Vivek Singh : विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म The Newsdharma के माध्यम से ग्राउंड रिपोर्टिंग, जनमत संग्रह (Public Opinion), सामाजिक मुद्दों की कवरेज और स्थानीय समाचारों के संकलन का व्यापक अनुभव प्राप्त किया. उन्होंने विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर जमीनी स्तर से रिपोर्टिंग करते हुए आम लोगों की आवाज को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य किया है. इसके साथ ही वे NGO Amar Shaheed Bipin Singh Foundation से जुड़कर सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण, धार्मिक और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में उनकी विशेष भागीदारी रही है. समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने और सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों में वे निरंतर योगदान देते रहे हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत विवेक सिंह राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार, खेल, अपराध, रियल-टाइम समाचारों, सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों से जुड़ी खबरों पर लेखन करते हैं. डिजिटल पत्रकारिता के साथ-साथ उन्हें SEO (Search Engine Optimization), कंटेंट प्लानिंग और ट्रेंड-आधारित समाचार लेखन की अच्छी समझ है. ब्रेकिंग न्यूज की पहचान, त्वरित कवरेज और कम समय में तथ्यपरक समाचार तैयार करना उनकी प्रमुख कार्यक्षमताओं में शामिल है. विवेक सिंह किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की जांच और सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं. वे विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं, जिससे उनकी रिपोर्टिंग और लेखन में सटीकता तथा विश्वसनीयता बनी रहती है. तथ्यपरक, निष्पक्ष और भरोसेमंद पत्रकारिता में विश्वास रखने वाले विवेक सिंह पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
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