जेल से जारी हो रहा ”मौत का फरमान”
Author Prabhat khabar digital desk
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संजय कुमार अभय, गोपालगंज : चनावे स्थित गोपालगंज जेल में बंद अपराधी हत्या की न सिर्फ पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं, बल्कि अपने गुर्गों से घटनाओं को अंजाम भी दिला रहे हैं. जेल से ही मौत का फरमान जारी हो रहा है. जेल में बंद अपराधियों की घटनाओं में शामिल होने का खुलासा होने के […]
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संजय कुमार अभय, गोपालगंज : चनावे स्थित गोपालगंज जेल में बंद अपराधी हत्या की न सिर्फ पृष्ठभूमि तैयार कर रहे हैं, बल्कि अपने गुर्गों से घटनाओं को अंजाम भी दिला रहे हैं. जेल से ही मौत का फरमान जारी हो रहा है. जेल में बंद अपराधियों की घटनाओं में शामिल होने का खुलासा होने के बाद पुलिस की बेचैनी बढ़ी हुई है. पुलिस अधिकारी जेल से जुड़े तार को अब खंगालने में ज���टे हैं. पुलिस जेल में बंद ऐसे कुख्यात अपराधियों की कुंडली खंगालने में जुटी है.
अब स्पष्ट हो चुका है कि जेल के भीतर अपराधियों के पास मोबाइल व इंटरनेट की सुविधाएं उपलब्ध हैं. व्हाट्सएप से वे अपने गैंग के सदस्यों को गाइड कर रहे हैं. इस कारण पुलिस के हाथ कॉल डिटेल नहीं मिल पा रहे हैं. जेल में प्रशासन की छापेमारी के दौरान मिलने वाले मोबाइल, चार्जर व आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी भी इसे प्रमाणित कर रहे हैं. हाल ही में दो घटनाओं ने पुलिस की नींद उड़ा दी है.
जेल के भीतर सेटिंग से कायम है अपराधियों का साम्राज्य :जेल के भीतर सेटिंग से अपराधियों का साम्राज्य कायम है. अपराधियों को जेल के भीतर हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है. जेल से रंगदारी भी मांगे जाने की बात सामने आ चुकी है.
सेटिंग पर ही अपराधी विश्वंभरपुर थाना क्षेत्र का भोलू सिंह जेल से भाग निकला. पुलिस आज तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है. जब मामला सामने आया था, तो तत्कालीन जेल अधीक्षक संदीप कुमार ने चार कक्षपालों को दोषी पाते हुए निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की थी. लेकिन, जेल अधीक्षक के तबादले के बाद अपराधियों ने अपनी सेटिंग फिर शुरू कर दी है.
जेल में बंद अपराधियों ने जेल के डॉक्टर भूदेव सिंह को इलाज के बहाने बुलाकर जानलेवा हमला कर दिया था. डॉक्टर को पीट-पीट कर मार डाला गया था. डॉक्टर का दोष सिर्फ इतना ही था वे आयुष अपहरण कांड में उम्रकैद की सजायाफ्ता कैदियों को बीमार बताकर सेंट्रल जेल जाने से नहीं रोक सके थे. डॉक्टर पर हमला के बाद राज्य भर के डॉक्टर सड़क पर उतर आये थे. सरकार को केस सीबीआइ को सौंपना पड़ा था.
जेल पर रखी जा रही नजर
जेल में बंद अपराधियों द्वारा दो घटनाओं को अंजाम दिलाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने अपराधियों पर नजर रखना शुरू कर दी है. जल्दी ही जेल में बैठकर कांड करने वाले भी बेनकाब किये जायेंगे.
मनोज कुमार तिवारी, एसपी, गोपालगंज
केस एक – जेल में बंद गुड्डू मियां ने करा दी हत्या
कुचायकोट थाने के मठिया हाता गांव के सुरेश प्रसाद व उनके भतीजा 23 वर्षीय रवि प्रसाद हत्याकांड में सात जनवरी से जेल में बंद खलीउल्लाह उर्फ मुन्ना मियां ने कांड सूचक विनेश प्रसाद की हत्या की सुपारी जेल से ही दे डाली. गत 27 नवंबर को कोर्ट से लौटने के दौरान विनेश प्रसाद की हत्या कर दी गयी थी. हत्या के बाद शव को इसुआपुर के समीप फेंका गया था.
केस दो- राजद नेता की हत्या का जारी हुआ था फरमान
सुंदरपट्टी के रहने वाला अरुण सिंह शादानंद होटल के मालिक रविरंजन प्रसाद को गोली मारने के आरोप में जेल में बंद है. बताया जाता है कि उसी ने रविरंजन के दोस्त युवा राजद के जिला महासचिव मुन्ना श्रीवास्तव की हत्या के लिए फरमान जारी की. उसके बाद रविवार की सुबह पांच बजे थावे में ही टहलने के दौरान बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने मुन्ना श्रीवास्तव को गोली मार दी. मुन्ना मौत से जंग लड़ रहा है.
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