मांझा : शादी के बाद मायके में पत्नी, कहा, बिना शौचालय बने मैं ससुराल नहीं जाऊंगी

Updated at : 20 Aug 2018 6:53 AM (IST)
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मांझा : शादी के बाद मायके में पत्नी, कहा, बिना शौचालय बने मैं ससुराल नहीं जाऊंगी

मांझा : गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड के मारवा टोला गांव के पारस महतो के घर में शौचालय नहीं रहने से बहू ने ससुराल में आने से इन्कार कर दिया. हालांकि, उनके पक्के मकान में वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी और बाइक के अलावा अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन शौचालय नहीं है. बीते 29 अप्रैल […]

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मांझा : गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड के मारवा टोला गांव के पारस महतो के घर में शौचालय नहीं रहने से बहू ने ससुराल में आने से इन्कार कर दिया. हालांकि, उनके पक्के मकान में वाशिंग मशीन, एलईडी टीवी और बाइक के अलावा अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन शौचालय नहीं है. बीते 29 अप्रैल को पारस महतो के मेकैनिकल इंजीनियर बेटे उपेंद्र कुमार की शादी इसी प्रखंड के बलुही में हुई.
शादी से पहले ही बहू सुनीता कुमारी ने ससुरालवालों से शौचालय के बारे में पूछा तो उन्होंने कह दिया कि घर में शौचालय उपलब्ध है. लेकिन, शादी के बाद जैसे ही बहू को पता चला कि घर में शौचालय नहीं है, तो उसने विदा होने से ही इन्कार कर दिया. बहू का कहना है कि जब तक शौचालय नहीं बनेगा, वह ससुराल नहीं जाऊंगी. वहीं, बहू को लाने के लिए ससुरालवालों ने स्वच्छता अधिकारियों के समझाने के बाद शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया है. प्रखंड में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) व लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत प्रत्येक घर में शौचालय बनवाने का अभियान चल रहा है.
इस क्रम में मांझा पश्चिमी पंचायत के सभी वार्डों में शौचालय निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन वार्ड संख्या सात के मारवा टोला गांव के कई घरों में शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है. इसको लेकर रविवार को बीडीओ वेदप्रकाश व बीएओ रवींद्र बैठा, उमेश कुमार शर्मा, हेमंत कुमार लोगों को प्रेरित करने के लिए मारवा टोला गांव में पहुंचे. यहां उन्हें एक घर ऐसा मिला जो पक्का मकान था, आधा दर्जन कमरे भी थे, वाशिंग मशीन, फ्रिज, एलईडी टीवी भी थी, लेकिन शौचालय नहीं था. साथ ही पता चला कि चार महीने पूर्व हुई शादी के बाद घर की बहू सुनीता देवी शौचालय नहीं रहने से ससुराल आने से इन्कार कर दिया है.
बीडीओ के प्रयास से शौचालय का निर्माण शुरू : उक्त मामला उजागर होने के बाद बीडीओ ने पारस महतो व उनके परिजनों को काफी समझाया. बीडीओ ने परिजनों से कहा कि शौचालय नहीं होने से बहू-बेटी को काफी परेशानी होती है. इसकी वजह से आपकी बहू ने ससुराल आने से इन्कार कर दिया है. बहू-बेटी के सम्मान के लिए शौचालय का होना अति आवश्यक है. इसके लिए सरकार भी 12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दे रही है. बीडीओ के इतना समझाने के बाद घरवालों ने शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खोदने का कार्य शुरू कर दिया. सभी परिजन सहित ग्रामीण बहू के उक्त फैसले की तारीफ भी कर रहे थे.
एक हफ्ते में शौचालय बना कर बहू को लायेंगे घर
ससुरालवालों का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर शौचालय बनाकर अपनी बहू को घर लायेंगे. इस फैसले को देखते हुए आसपास के लोगों में भी शौचालय बनाने की ललक जग उठी है. इस वार्ड में एक सप्ताह के अंदर शौचालय बना लेने का आश्वासन ग्रामीणों ने बीडीओ वेदप्रकाश को भी दिया है.
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