कभी स्कूल नहीं गईं, फिर भी लिख दी सफलता की कहानी, अब दिल्ली में होगा सम्मान, जानिए नक्सलग्रस्त पंचायत मुखिया की उपलब्धि

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पंचायत मुखिया की तस्वीर

जिले के नक्सलग्रस्त इमामगंज प्रखंड की बिकोपुर पंचायत की मुखिया मेहरे अंग्रेज खानम अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगी. पंचायत में विकास और पारदर्शिता के उत्कृष्ट कार्यों को लेकर उन्हें राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है.

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Gaya News: (रोशन कुमार) जिले के नक्सलग्रस्त इमामगंज प्रखंड की बिकोपुर पंचायत की मुखिया मेहरे अंग्रेज खानम अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होंगी. पंचायत में विकास और पारदर्शिता के उत्कृष्ट कार्यों को लेकर उन्हें राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. तीन जून को नई दिल्ली स्थित मंडपम में उन्हें सम्मानित किया जाएगा.

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बिहार सरकार ने जारी किया आमंत्रण पत्र

बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग के परियोजना निदेशक नवीन कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में मेहरे अंग्रेज खानम को राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार के लिए आमंत्रित किया गया है. यह सम्मान पंचायत स्तर पर बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों के लिए दिया जा रहा है.

नक्सल प्रभावित पंचायत को बनाया विकास का मॉडल

मुखिया मेहरे अंग्रेज खानम के नेतृत्व में बिकोपुर पंचायत में सड़क, पेयजल, शौचालय, आवास, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन हुआ. पंचायत सरकार भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर लोगों के लिए सेवाएं प्राप्त करने का आसान केंद्र बनाया गया.

कभी गोलियों की आवाज से दहशत में रहता था इलाका

इमामगंज प्रखंड का बिकोपुर पंचायत कभी नक्सलियों के खौफ और गोलियों की तड़तड़ाहट के लिए जाना जाता था. इलाके में भय का माहौल बना रहता था. लेकिन समय के साथ प्रशासनिक प्रयासों और विकास योजनाओं के कारण यहां से नक्सल प्रभाव कम हुआ और विकास की नई तस्वीर उभरने लगी.

25 साल की उम्र में संभाली पंचायत की कमान

वर्ष 2016 में महज 25 वर्ष की उम्र में मेहरे अंग्रेज खानम बिकोपुर पंचायत की मुखिया बनीं. कम पढ़ी-लिखी होने के बावजूद उन्होंने अपने परिजनों के सहयोग से पंचायत के लोगों से सीधा संवाद शुरू किया और योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया.

प्रधानमंत्री से भी मिल चुका है सम्मान

वर्ष 2022 में पंचायत के उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा बिकोपुर पंचायत को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. पुरस्कार में मिली 15 लाख रुपये की राशि से पंचायत के ग्रामीणों के लिए एंबुलेंस खरीदी गई.

पंचायत भवन बना आधुनिक सुविधाओं का केंद्र

बिकोपुर पंचायत सरकार भवन आधुनिकता का प्रतीक बन चुका है. यहां सीसीटीवी कैमरे, मीटिंग हॉल और बेहतर बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है. रोस्टर के अनुसार पंचायत सेवक, रोजगार सेवक और राजस्व कर्मचारी मौजूद रहते हैं. आरटीपीएस काउंटर सक्रिय होने से ग्रामीणों को प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ता.

कभी स्कूल नहीं गईं, फिर भी लिख दी सफलता की कहानी

मेहरे अंग्रेज खानम नक्सलग्रस्त कोठी थाना क्षेत्र के बाहा गांव के किसान परिवार से आती हैं. वह सिर्फ साक्षर हैं और कभी स्कूल नहीं गईं. कम उम्र में उनकी शादी रिहाशत नवाज उर्फ छोटन खान से हुई थी. ससुराल में राजनीतिक माहौल मिलने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे पंचायत राजनीति को समझा और फिर खुद नेतृत्व संभाल लिया.

दोबारा जीतकर कायम रखा जनता का भरोसा

2016 में पहली बार मुखिया बनने के बाद मेहरे अंग्रेज खानम ने पंचायत में विकास की नई पहचान बनाई. उनके कामकाज से खुश होकर वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में जनता ने एक बार फिर उन्हें मुखिया चुनकर अपना भरोसा जताया.

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