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Gaya News : फल्गु की स्वच्छता व संरक्षण लोगों का भी दायित्व

Updated at : 08 Dec 2024 9:55 PM (IST)
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Gaya News : फल्गु की स्वच्छता व संरक्षण लोगों का भी दायित्व

Gaya News : बिहार सरकार के मंत्री डॉ प्रेम कुमार की अध्यक्षता में रविवार को पितामहेश्वर घाट पर फल्गु नदी को स्वच्छ बनाने के लिए महा अभियान का शुभारंभ किया गया.

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गया. बिहार सरकार के मंत्री डॉ प्रेम कुमार की अध्यक्षता में रविवार को पितामहेश्वर घाट पर फल्गु नदी को स्वच्छ बनाने के लिए महा अभियान का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर रामानुज मठ के स्वामी वेंकटेश प्रपन्ना जी महाराज मुख्य अतिथि शामिल हुए. बैठक में काफी संख्या में स्थानीय लोग, समाजसेवी और विशेषज्ञ उपस्थित थे. नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए अपने-अपने सुझाव रखा. स्वामी वेंकटेश प्रपन्ना जी महाराज ने कहा कि फल्गु केवल एक नदी नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की जीवंत धरोहर है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान धर्म और पर्यावरण संरक्षण का संगम है, और इसे पूरी निष्ठा से लागू किया जाना चाहिए. नदी के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ग्रंथों में फल्गु को गया का प्राण कहा गया है. इस अवसर पर डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि यह नदी सनातन धर्म के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पिंडदान करने आते हैं, फल्गु को लेकर मान्यता है कि स्वयं भगवान विष्णु यहां पितृ देवता के रूप में मौजूद हैं. इसीलिए इसे पितृ तीर्थ भी कहा जाता है. फल्गु नदी में श्राद्ध कर्म करने से सात पीढ़ी के पितर संतुष्ट हो जाते हैं. ऐसी पवित्र नदी की स्वच्छता व निर्मलता के लिए सभी को दृढ़ संकल्पित होना होगा. फल्गु की स्वच्छता और संरक्षण केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हर नागरिक का उत्तरदायित्व है. लोगों ने फल्गु को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया. यह महा अभियान गया शहर और इसके नागरिकों के लिए एक सकारात्मक कदम है, जिससे न केवल धार्मिक महत्व की रक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा. विभिन्न संगठन जैसे व्यावसायिक संघ, माहुरी समाज, विश्वकर्मा समाज, मालाकार समाज, स्वर्णकार समाज, रजक समाज, चंद्रवंशी समाज, साहनी समाज ने शामिल होकर नेक कार्य में अपनी सहभागिता का आश्वासन दिया

लोगों ने दिये सुझाव

नदी का परिसीमन: फल्गु नदी के क्षेत्र का स्पष्ट परिसीमन किया जाये.

अतिक्रमण मुक्त नदी: नदी के किनारे अतिक्रमण को हटाने का ठोस प्रयास हो.

सीवरेज की व्यवस्था: दोनों किनारों पर उचित सीवरेज प्रणाली बनायी जाये.

गंदगी पर रोक: शहरों का कचरा और गंदगी नदी में डालना पूरी तरह से बंद हो.

घाटों का सौंदर्यीकरण: नदी के दोनों किनारों पर घाटों को सुंदर और व्यवस्थित बनाया जाये.

मुक्तिधाम का उपयोग: करोड़ों की लागत से बने मुक्तिधाम शवदाह गृह को उपयोग में लाया जाये. जिससे नदी में शवों के दाह संस्कार पर रोक लग सके.

विभिन्न पार्टियों व संगठन के लोग हुए शामिल

फल्गु पर विचार और सुझाव रखने वालों में बोधगया नगर परिषद अध्यक्षा ललिता देवी, लोजपा के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह, भाजपा महामंत्री पप्पू चंद्रवंशी, गोपाल यादव, क्षेत्रीय प्रभारी अमित लोहनी, विकास कुमार, अजय कुमार तन्नी, क्षितिज मोहन सिंह, दयानंद, भोला मिश्रा, प्रमोद चौधरी, संतोष सिंह, कमल बारिक, शंभू यादव, अशोक साहनी, धनंजय धीरू, राजीव कुमार सिन्हा, गौतम गोस्वामी, रिंकू गोस्वामी, हरि यादव, मनोज चंद्रवंशी, पंकज लोहानी, बाला सिंह, देवानंद पासवान व अन्य थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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