गया जी में 2.60 लाख सरकारी स्कूली बच्चों का नहीं बना आधार कार्ड, DEO का निर्देश, बिना आधार नहीं मिलेगा DBT का लाभ

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 02 Jun 2026 8:30 PM

विज्ञापन

ए आई द्वारा बनायी गयी तस्वीर

Gaya Ji News: गया जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी केएम गुप्ता ने सभी सरकारी स्कूलों के एचएम को निर्देश दिया है कि वे जिले के लगभग 2.60 लाख आधार विहीन छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड जल्द से जल्द बनवाना सुनिश्चित करें. आधार कार्ड न होने से बच्चों को डीबीटी (DBT) योजनाओं और अपार आईडी (APAAR ID) के लाभ से वंचित होना पड़ेगा. इसके लिए स्कूलों को प्रखंडवार आधार केंद्रों से टैग किया गया है. हालांकि, जिले के कुल 34 केंद्रों में से 30 पर काम सुचारू है, जबकि आमस, गुरारू, बांके बाजार और गया सदर अनुमंडल केंद्र पर तकनीकी कारणों से यूजर आईडी पेंडिंग है.

विज्ञापन

Gaya Ji News (हरिबंश कुमार): गया जी जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी खबर है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) केएम गुप्ता ने मंगलवार, 2 जून 2026 को जिले के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों (HM) और प्रभारी प्रधान शिक्षकों को एक सख्त आधिकारिक निर्देश जारी किया है. डीइओ ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अध्ययनरत उन सभी छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड हर हाल में बनवाना सुनिश्चित करें, जिनका अब तक आधार कार्ड नहीं बना है. शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि आधार संख्या लिंक न होने की स्थिति में विद्यार्थियों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर आधारित विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं (जैसे- पोशाक, छात्रवृत्ति और साइकिल राशि) का लाभ मिलना पूरी तरह बंद हो जाएगा.

गया जी जिले में लगभग 2.60 लाख विद्यार्थी आधार विहीन, ‘अपार आईडी’ के लिए अनिवार्य

शिक्षा विभाग की हालिया समीक्षा बैठक के दौरान चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, गया जी जिले में वर्तमान में लगभग 2.60 लाख छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड अब तक नहीं बन सका है. इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आधार विहीन होने के मामले को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है.

डीइओ ने बताया कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत सभी स्कूली छात्रों के लिए डिजिटल ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) का निर्माण किया जाना अनिवार्य है, जिसके लिए आधार कार्ड होना प्राथमिक शर्त है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब सभी विद्यालयों को अपने स्तर पर विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए बच्चों का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है.

प्रखंडवार आधार केंद्रों से टैग हुए स्कूल, ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर जारी

जिला शिक्षा पदाधिकारी केएम गुप्ता ने बताया कि इस अभियान को सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रखंडवार आधार केंद्रों के साथ स्थानीय सरकारी विद्यालयों को सीधे टैग (संबद्ध) कर दिया गया है. विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पोषक क्षेत्र के चिन्हित आधार केंद्रों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों के आधार कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराएं. इसके साथ ही, आधार निर्माण और सुधार से संबंधित किसी भी प्रकार की तकनीकी जानकारी या सहायता के लिए सूचीबद्ध ऑपरेटरों के मोबाइल नंबर और संबंधित प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

जिले के 34 आधार केंद्रों में 30 पर कार्य सुचारू, चार पर ‘यूजर आईडी’ की समस्या

बिहार पीइसी (पब्लिक फैसिलिटेशन सेंटर) के दूसरे चरण की जारी दैनिक एमआईएस (MIS) रिपोर्ट में गया जिले के विभिन्न प्रखंडों व अनुमंडलों में संचालित कुल 34 आधार केंद्रों की अद्यतन स्थिति साझा की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, जिले के 34 में से 30 केंद्रों पर ऑपरेटर और यूजर आईडी पूरी तरह सक्रिय हैं और वहां काम सुचारू रूप से चल रहा है. तकनीकी समस्याओं के कारण आमस, गुरारू और बांके बाजार प्रखंड के केंद्रों पर वर्तमान में “यूजर आईडी पेंडिंग” की स्थिति बनी हुई है, जिससे वहां नया पंजीकरण और सुधार का कार्य फिलहाल शुरू नहीं हो सका है. इसके अतिरिक्त, गया जी सदर अनुमंडल केंद्र की तकनीकी स्थिति “एल2 पेंडिंग” (L2 Pending) पाई गई है. विभाग ने इन चारों प्रभावित केंद्रों पर तकनीकी त्रुटियों को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है ताकि बच्चों को दूर न जाना पड़े.

Also Read: सम्राट चौधरी बोले- जिस दिन पार्टी कहेगी झोला उठाकर चल दूंगा, जानिए बिहार के सीएम ने क्यों कही ये बात

विज्ञापन
Aditya Kumar Ravi

लेखक के बारे में

By Aditya Kumar Ravi

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन