गया जी : मगध मेडिकल में ई-रिक्शा एंबुलेंस से आसान हुआ मरीजों का सफर, इमरजेंसी से सुपर स्पेशियलिटी तक मिल रही मुफ्त सुविधा

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अस्पताल गेट पर मरीज के लिए खड़ा इ-रिक्शा एंबुलेंस  | Prabhat Khabar Network

अस्पताल गेट पर मरीज के लिए खड़ा इ-रिक्शा एंबुलेंस | Prabhat Khabar Network

गया जी के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई ई-रिक्शा एंबुलेंस सेवा बेहद कारगर साबित हो रही है. इसके माध्यम से रोजाना दर्जनों मरीजों को इमरजेंसी से सुपर स्पेशियलिटी यूनिट और विभिन्न वार्डों में नि:शुल्क व सुरक्षित लाया-ले जाया जा रहा है, जिसकी मरीज और उनके परिजन सराहना कर रहे हैं.

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मगध मेडिकल अस्पताल में सभी चिकित्सा सुविधाएं होने के बावजूद जानकारी व दूरी के अभाव में कई बार लोग बीच में ही इलाज बंद करा देते थे. इस समस्या के समाधान के लिए करीब एक वर्ष पूर्व अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों को जांच कराने, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक तक पहुंचाने और इमरजेंसी से वार्ड तक ट्रांसफर करने के लिए 'ई-रिक्शा एंबुलेंस' सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई थी.

इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एक एजेंसी को छह ई-रिक्शा एंबुलेंस सेवा में लगाने का निर्देश दिया गया था.

वर्तमान स्थिति यह है कि यह ई-रिक्शा सेवा अस्पताल की एक अति महत्वपूर्ण जरूरत बन चुकी है. हर दिन अस्पताल की इमरजेंसी से सुपर स्पेशियलिटी यूनिट में विभिन्न प्रकार की जांच और अन्य विभागों में दिखाने के लिए 50 से 60 मरीजों को लाया और पहुंचाया जाता है.

इसके अलावा, इमरजेंसी से मरीजों को वार्ड में शिफ्ट करने में भी इसी सेवा का सहारा लिया जा रहा है, जिसकी हर कोई सराहना कर रहा है.

पहले कैसी थी स्थिति ?

इस सेवा के शुरू होने से पहले, इमरजेंसी से कार्डियोलॉजी या न्यूरोसर्जरी विभाग में दिखाने तथा सीटी स्कैन, एमआरआई या अन्य महत्वपूर्ण जांच के लिए मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी तक ले जाने के लिए खुद ही निजी इंतजाम करने पड़ते थे.

अस्पताल से सुपर स्पेशियलिटी की दूरी करीब एक किलोमीटर होने के कारण ऑटो या निजी एंबुलेंस वाले 100 से 200 रुपये या उससे अधिक वसूलते थे, जो हर मरीज और उनके परिजनों के लिए संभव नहीं था.

कई बार गरीब मरीजों को पैदल या स्ट्रेचर के सहारे खुले आसमान के नीचे ले जाना पड़ता था, जिससे बरसात या अन्य मौसम में मरीजों की हालत और बिगड़ जाती थी. अब ई-रिक्शा एंबुलेंस आ जाने से मरीजों को इन सारी परेशानियों से मुक्ति मिल गई है.

लोगों की प्रतिक्रियाएं

  • अशोक प्रसाद (डुमरिया निवासी): "यह अस्पताल प्रशासन की ओर से गरीब और हर वर्ग के मरीजों के लिए बहुत ही बेहतर कार्य किया गया है. अब किसी को भी जांच के लिए ले जाने में पैसे खर्च नहीं करने पड़ते हैं."
  • सरिता देवी (बेलागंज निवासी): "मेरी मां को इमरजेंसी से सुपर स्पेशियलिटी यूनिट के न्यूरो सर्जरी विभाग में दिखाने को कहा गया था. यहां हमें बहुत आसानी से ई-रिक्शा एंबुलेंस मिल गया, जिससे काफी सहूलियत हुई."
  • बासुकी सिंह (गुरुआ निवासी): "सरकार मरीजों को हर संभव सुविधा देने का निर्देश देती है और अस्पताल प्रशासन उस दिशा में एक अच्छे माध्यम के रूप में कार्य कर रहा है. यह सुविधा वाकई बहुत सराहनीय है."

अधिकारी का क्या कहना है ?

इस संबंध में मगध मेडिकल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पीके अग्रवाल ने बताया कि ई-रिक्शा सेवा अस्पताल के लिए बेहद कारगर और सहयोगी योजना साबित हो रही है. इससे मरीजों को जांच कराने और इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी यूनिट लाने-ले जाने में काफी सुविधा मिल रही है. अस्पताल प्रशासन की इस पहल का पूरा लाभ मरीजों को मिल रहा है और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाती है.

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Jitendra Mishra

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