थोड़ी सी जगह चाहिए आपके प्यार में....गया जी की काव्य संध्या-621 में गूंजी कविता, गीत और गजल

Author Niraj kumar|Edited by Sakshi Kumari
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फोटो- गया- कार्यक्रम में शामिल लोग | Prabhat Khabar Network

गया- कार्यक्रम में शामिल लोग

Gaya Ji Poetry Evening : गया जी शहर के आजाद पार्क स्थित जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन में शनिवार को काव्य संध्या-621 का सफल आयोजन हुआ. कार्यक्रम में विभिन्न कवियों और शायरों ने अपनी प्रस्तुतियों से साहित्य प्रेमियों का मन मोह लिया.

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Gaya Ji Poetry Evening : गया जी शहर के आजाद पार्क स्थित जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन में शनिवार को काव्य संध्या-621 का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विभिन्न कवियों और शायरों ने कविता, गीत और गजल की प्रस्तुति देकर साहित्य प्रेमियों का मन मोह लिया.

जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन में सजी काव्य संध्या

आजाद पार्क स्थित जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन भवन में आयोजित काव्य संध्या-621 की अध्यक्षता सुरेन्द्र सिंह सुरेंद्र ने की, जबकि संचालन सहज कुमार ने किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रामकृष्ण रहे. काव्य संध्या की शुरुआत विजय श्री ने गणेश वंदना से की.

कवियों ने विविध विषयों पर प्रस्तुत की रचनाएं

कार्यक्रम में शंकर प्रसाद ने वर्षा पर आधारित कविता प्रस्तुत की. युवा कवि मंगल पांडेय ने साहित्य अध्ययन के महत्व पर अपने विचार रखे. नंदकिशोर सिंह ने 'मधुयमिनी' का पाठ किया, जबकि सुरेंद्र पांडेय सौरभ ने गीत प्रस्तुत किया. मो. अफजल ने शिक्षा और सामाजिक सौहार्द पर आधारित रचना सुनाई.

किसने पढ़ी कौन सी कविता

नंदकिशोर सिंह ने अपनी कविता मधुयमिनी का पाठ किया. सुरेंद्र पांडेय सौरभ ने गीत में गाया- सपना के पीछे मत भाग तू. मो अफजल ने कहा- मेरी जान मेरी शान जहां के बच्चों की तालीम है- गीता और कुरान. शिवेंद्र प्रताप सिन्हा ने कहा- बरसो रे बदरिया. एहसास गयावी ने गजल में पढ़ा- बरसो हूं सफर में मगर कुछ खबर में, क्यों जा रहा हूं किसकी तलाश में. डॉ राम परीखा सिंह बरसात पर कविता पढ़ी. घनश्याम अवस्थी ने कहा- इस रंग बदलती दुनिया में, मौसम भी रंग बदल रहा. डॉ प्रकाश ने कहा- थोड़ी सी जगह चाहिए आपके प्यार में. जय प्रकाश सिंह ने अपनी कविता में कहा- शुकून मिलता है मुझे गांव की गलियों में. अरुण कुमार ने लड़कियों पर अपनी कविता पढ़ी.

गीत, गजल और कविताओं ने बांधा समां

एहसास गयावी ने गजल, डॉ. राम परीखा सिंह ने बरसात पर कविता और घनश्याम अवस्थी ने बदलते मौसम पर अपनी रचना प्रस्तुत की. डॉ. प्रकाश, जय प्रकाश सिंह, अरुण कुमार, उदय सिंह, सहज कुमार, डॉ. मुरली मनोहर पांडेय, अरविंद कुमार और बैजू सिंह ने भी अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी.

अन्य रचनाकारों ने भी दी प्रस्तुति

कार्यक्रम में बिपिन बिहारी, खालिक हुसैन परदेसी, बिनोद बरबिगहिया और सुमन विश्वकर्मा ने भी अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं. अंत में सम्मेलन के महामंत्री सुमंत ने सभी अतिथियों, कवियों और उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया.


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