महंगा होने से रोजेदारों की थाली से गायब हुआ खजूर
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाबव के लिए देश सहित दुनिया के अधिकतर में देशों में लागू लॉकडाउन से खजूर की आवक काफी कम हो रही है. आवक कम होने के कारण इस वर्ष रमजान महीने में रोजा रखने वाले रोजेदारों की थाली से खजूर गायब हो गया है.
गया : कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाबव के लिए देश सहित दुनिया के अधिकतर में देशों में लागू लॉकडाउन से खजूर की आवक काफी कम हो रही है. आवक कम होने के कारण इस वर्ष रमजान महीने में रोजा रखने वाले रोजेदारों की थाली से खजूर गायब हो गया है. जानकारी के अनुसार पाक रमजान में रोजा रखने वाले रोजेदार शाम में रोजा खोलने के समय फलों के अलावा खजूर सहित सूखे मेवे का भी उपयोग करते रहे हैं. लेकिन लॉकडाउन के कारण खजूर की आवक कम होने से इसके दाम में बीते वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हो गयी है.
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एक तरफ जहां लॉकडाउन में बंदी के कारण धीरे-धीरे आम लोगों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होने लगी है. वहीं, खजूर के दाम महंगे होने के कारण रोजेदारों की थाली से इस वर्ष रमजान में खजूर गायब हो गये हैं. कारोबारियों के अनुसार इस वर्ष करीब एक दर्जन अलग-अलग वैरायटी के खजूर बाजार में बेचे जा रहे हैं. इस वर्ष खजूर की क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग रेट में बाजार में उपलब्ध है.
कारोबारियों के अनुसार इस वर्ष 70 से 140 रुपये प्रति आधा किलो का पैकेट बाजार में बिक रहा है. इन देशों से आता है खजूरखजूर सहित सूखे मेवे के कारोबारियों ने पूछने पर बताया कि भारत में अरब देशों से खजूर बेचने के लिए लाया जाता है. पूरी दुनिया में लागू लॉकडाउन के कारण खजूर का आना लगभग पूरी तरह से बंद हो गया है. इसके कारण खजूर के दाम में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान कारोबारियों द्वारा लगाया गया है.
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