स्कूल बीमार, इलाज की कीमत 23 करोड़

Updated at : 23 Dec 2019 7:26 AM (IST)
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स्कूल बीमार, इलाज की कीमत 23 करोड़

गया : जिले में बच्चे बीमार स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं. इन स्कूलों की सेहत इतनी खराब है कि यहां पढ़ना ही एक बड़ी चुनौती है. जिला शिक्षा कार्यालय के तहत शिक्षा परियोजना के अधिकारियों ने बीमार स्कूलों की सेहत में सुधार के लिए 23 करोड़ का बजट तैयार किया है. मतलब इलाज काफी […]

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गया : जिले में बच्चे बीमार स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं. इन स्कूलों की सेहत इतनी खराब है कि यहां पढ़ना ही एक बड़ी चुनौती है. जिला शिक्षा कार्यालय के तहत शिक्षा परियोजना के अधिकारियों ने बीमार स्कूलों की सेहत में सुधार के लिए 23 करोड़ का बजट तैयार किया है. मतलब इलाज काफी महंगा है. पैसों के लिए आलाकमान के पास गुहार लगायी गयी है. अब इंतजार है कि अब मुख्यालय स्कूलों के इलाज के लिए पैसे मुहैया कराता है.

दरअसल यह मामला सामने आया है मानवाधिकार मामलों पर काम करने वाली नयी दिल्ली की संस्था हेल्पिंग ह्यूमन की कोशिश पर. इस संस्थान के आरटीआइ सेल के अध्यक्ष रंजीत कुमार ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में एक परिवाद दायर किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि जिले में कई सरकारी विद्यालय बहुत खराब स्थिति में हैं. इनकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है,कहीं कैंपस से हो कर बिजली के तार गुजर रहे हैं. ऐसे में वहां पढ़ने वाले बच्चों के जीवन को खतरा हो सकता है.
आयोग ने लिया संज्ञान,मांगा जवाब रंजीत कुमार की शिकायत पर आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लिया आैर जिला शिक्षा पदाधिकारी से इस मामले में रिपोर्ट मांगी. यहां जो रिपोर्ट बनी उसमें जमीनी स्थिति सामने आ गयी. जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर पर जो रिपोर्ट आयोग को भेजी गयी है, उसमें 32 विद्यालयों के नाम हैं.
इनमें से सबसे अधिक 24 विद्यालय टिकारी अनुमंडल में हैं. रिपोर्ट में सभी विद्यालयों की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया गया है. इसमें कहा गया है कि विद्यालय के भवन निर्माण के लिए राज्य परियोजना निदेशक के पास कुल 23 करोड़ का आवंटन मांगा गया है. जैसे-जैसे पैसे आयेंगे,निर्माण कराया जायेगा.
शेरघाटी
मध्य विद्यालय योगापुर : यहां बिजली की तार कैंपस में लगे पेड़ में सटती हैं. संबंधित प्रधानाध्यापक द्वारा बिजली के जर्जर तार को हटा कर दूसरी व्यवस्था करने के लिए पत्र लिखा गया है. प्राथमिक शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी भी इस मामले में पत्राचार कर रहे हैं.
मानपुर
प्राथमिक विद्यालय सोंधी : यहां दो अतिरिक्त वर्ग कक्ष है. इसकी हालत जर्जर थी. समग्र विकास अनुदान की राशि से भवन की मरम्मति का काम पूरा कर लिया गया है. दो कमरे पूर्व से ही काफी जर्जर स्थिति में है. भवन निर्माण के लिए राशि के आवंटन का इंतजार है.
डोभी
मध्य विद्यालय,कुसुंभा : यहां दो अतिरिक्त वर्गकक्ष काफी जर्जर स्थिति में हैं. वर्तमान में इस विद्यालय को घोड़ाघाट स्थित एक विद्यालय में संचालित किया जा रहा है. नये भवन के लिए आवंटन का इंतजार है.
बांकेबाजार
उत्क्रमित +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, भलुआर: वित्तीय वर्ष 2006-07 योजना अंतर्गत निर्माण होना था,इसे नक्सलियों द्वारा विस्फोट कर उड़ा दिया गया. वर्तमान में यहां 10 अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्मित है. इसमें पठन-पाठन का काम चल रहा है.
टनकुप्पा
प्राथमिक विद्यालय छकौड़ी बिगहा : यहां दो अतिरिक्त वर्गकक्ष आंशिक रूप से जर्जर थे. इनका रिपेयर कराया गया है. इसी में पढ़ाई चल रही है. नये भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
आमस
प्राथमिक विद्यालय, सुपाई : प्राथमिक विद्यालय में तीन कमरा है,जो क्षतिग्रस्त है. समग्र विद्यालय विकास अनुदान की राशि से भवन का रिपयेर कराया गया है. इसमें बच्चे पढ़ रहे हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर पर राज्य परियोजना निदेशक के पास भवन निर्माण के लिए आवंटन मांगा गया है.
प्राथमिक विद्यालय कोरमथु : यहां वित्तीय वर्ष 2014-15 में एक अतिरिक्त कक्ष का निर्माण किया गया. दो क्षतिग्रस्त अतिरिक्त वर्ग कक्ष को समग्र विद्यालय विकास अनुदान की राशि से भवन का रिपेयर कराया गया है. इसमें बच्चे पढ़ रहे हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने राज्य परियोजना निदेशक से भवन निर्माण के लिए आवंटन मांगा है.
मध्य विद्यालय सिहुली: यहां दो पुराना अतिरिक्त वर्ग कक्ष है,जिसे समग्र विद्यालय विकास अनुदान की राशि से भवन को रिपेयर कराया गया है. इसमें बच्चे पढ़ रहे हैं. इसके भी लिए अवंटन का इंतजार है.
जिला शिक्षा कार्यालय से आयोग को सौंपी गयी रिपोर्ट (स्कूलों के नाम व वहां की स्थिति की जानकारी )
टिकारी : प्राथमिक विद्यालय शेरपुरा : यहां दो कमरे जो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त था. इसे समग्र विद्यालय विकास अनुदान की राशि से रिपेयर कराया गया है. इसके भी निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय,पचमहला : यहां दो अतिरिक्त वर्गकक्ष है जो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त था,इसे समग्र विद्यालय विकास अनुदान की राशि से भवन का रिपयेर कराया गया है. इसके लिए भी आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय दुल्ला बिगहा यहां दो अतिरिक्त वर्ग कक्ष है,जो आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त था. इसे समग्र विकास अनुदान की राशि से रिपयेर कराया गया है. नये भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय जरही: यहां दो कमरे में एक कमरे की स्थिति अच्छी है. एक कमरे का रिपेयर समग्र विद्यालय विकास अनुदान से कराया गया. नये भवन के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय जलालपुर (अनुसूचित जाति): यहां दो कमरे में एक कमरे की स्थिति अच्छी है. एक कमरे का रिपेयर कराया गया है. भवन निर्माण के लिए अावंटन का इंतजार है.
मध्य विद्यालय माधोपुर : यहां छात्रों की संख्या 217 है. तीन निर्माणाधीन अतिरिक्त वर्गकक्ष का कार्य जल्द पूरा किया जायेगा. एक कमरे अच्छी स्थिति में है व तीन कमरे क्षतिग्रस्त है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देश पर नये भवन के लिए आवंटन की मांग की जायेगी.
प्राथमिक विद्यालय आजाद नगर : यहां कुल वर्गकक्ष की संख्या दो है. इसमें 148 बच्चे पढ़ रहे हैं. आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवन को रिपेयर करा दिया गया है. अतिरिक्त वर्गकक्ष के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है.
प्राथमिक विद्यालय,दिघौरा (अनुसूचित जाति): यहां कुल 214 बच्चे नामांकित हैं. इस विद्यालय में तीन अतिरिक्त वर्गकक्ष अच्छी स्थिति में है. दो क्षतिग्रस्त हैं. जर्जर भवन को तोड़ कर नये भवन के निर्माण के लिए प्राथमिक शिक्षा के निदेशक को पत्र लिखा जायेगा.
मध्य विद्यालय केशोबिगहा : यहां दो कक्ष है. इसमें एक अतिरिक्त कक्ष को समग्र विकास की राशि से रिपयेर कराया गया है. जर्जर भवन को तोड़ कर नये भवन के निर्माण के लिए राशि की मांग की जायेगी.
मध्य विद्यालय मलसारी : यहां कुल छह वर्गकक्ष हैं. इसमें चार की स्थिति ठीक है दो जर्जर स्थिति में है. कुल 247 बच्चे यहां पढ़ रहे हैं. नये भवन निर्माण के लिए राशि की मांग की जायेगी.
प्राथमिक विद्यालय छकन बिगहा : यहां दो अतिरिक्त वर्गकक्ष है. दोनों क्षतिग्रस्त हैं. विद्यालय के पास अतिरिक्त भूमि उपलब्ध नहीं है. राज्य परियोजना निदेशक को इसकी जानकारी दी गयी है.
मध्य विद्यालय,नारायण बिगहा: यहां कुल सात कमरे हैं. इनमें से दो कमरे अच्छी स्थिति में है. तीन अतिरिक्त वर्गकक्ष का निर्माण कार्य अधूरा है. इसे शीघ्र पूरा करा लिया जायेगा. दो कक्ष क्षतिग्रस्त हैं. उसके लिए राशि की मांग की जायेगी.
मध्य विद्यालय मऊ (अनुसूचित जाति): यहां कुल 15 कक्ष हैं. 225 बच्चे पढ़ रहे हैं. पांच कमरों की स्थिति ठीक है. छह कमरे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त था . इसे रिपेयर कराया गया. चार कमरे अब भी क्षतिग्रस्त हैं. इसका प्रयोग शिक्षा में नहीं कराया गया.
उर्दू प्राथमिक विद्यालय विशुनगंज: यहां कुल दो कक्ष हैं. दोनों जर्जर स्थिति में हैं. भवन के निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय,गुलजाना : यहां कुल साल कमरे हैं. कुल नामांकित बच्चे 106 हैं. मात्र दो जर्जर भवन है जो बहुत पहले का बना हुआ है.
प्राथमिक विद्यालय कुसेता (अनुसूचित जाति): यहां दो वर्गकक्ष है जो क्षतिग्रस्त है. वर्तमान में मध्य विद्यालय कुसेता जो नजदीक है,वहीं कक्षा का संचालन किया जा रहा है. भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय चुलहन बिगहा : यहां दो वर्ग कक्ष है. दोनों पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त है. वर्तमान में मध्य विद्यालय रूपसपुर में कक्षा का संचालन किया जा रहा है. विद्यालय की भूमि उपलब्ध है. भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय तेतारपुर: यहां दो वर्गकक्ष है. जो जर्जर स्थिति में हैं. सामुदायिक भवन में कक्षा चल रहे हैं. भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय कपेया: यहां दो वर्गकक्ष है. दोनों ही जर्जर है. यहां 45 बच्चे पढ़ते हैं. जर्जर भवन को तोड़ कर नये भवन के निर्माण के लिए राशि की मांग की जायेगी.
प्राथमिक विद्यालय,चितौखर (अनुसूचित जाति): यहां दो अतिरिक्त वर्गकक्ष की स्थिति में है. यहां कुल 126 बच्चे पढ़ते हैं. भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
प्राथमिक विद्यालय अमावां: यहां दो अतिरिक्त वर्गकक्ष हैं, जो जर्जर स्थिति में है. भवन निर्माण के लिए आवंटन का इंतजार है.
मध्य विद्यालय, वरसीमा: यहां कुल 10 कमरे हैं. इनमें से छह कमरे अच्छी स्थिति में है. दो कमरे का रिपयेर कराया गया.
प्राथमिक विद्यालय जयनंदन बिगहा: यहां तीन वर्गकक्ष है. तीनों क्षतिग्रस्त हैं. दो को रिपयेर कर काम चल रहा है. निर्माण के लिए अावंटन की मांग की गयी है.
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