चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों की खैर नहीं, मैदान में उतरी 29 सदस्यीय स्पेशल टीम, हर गतिविधि पर रहेगी नजर

Published by : Sakshi kumari Updated At : 25 May 2026 11:07 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Gaya News: मानपुर रेलवे स्टेशन के पास हाल ही में रामपुरहाट-गया पैसेंजर और अन्य चलती ट्रेनों पर हुई पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने अपनी सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव किया है.

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Gaya News: मानपुर रेलवे स्टेशन के पास हाल ही में रामपुरहाट-गया पैसेंजर और अन्य चलती ट्रेनों पर हुई पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने अपनी सुरक्षा रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. ट्रेनों में चोरी,लूटपाट और पत्थरबाजी जैसी आपराधिक घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ ने एक स्पेशल टीम का गठन किया है.

29 सदस्यीय स्पेशल टीम को सौंपी गई सुरक्षा की कमान

आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर के निर्देश पर गठित इस 29 सदस्यीय विशेष टीम में चार सब-इंस्पेक्टर, पांच सहायक उप-निरीक्षक और 20 चुनिंदा जवानों को शामिल किया गया है. इस पूरे अभियान की कमान आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव के हाथों में होगी. टीम दिन और रात की शिफ्ट में लगातार गश्त करेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करेगी.

सिग्नल, लूप लाइन और रेलवे फाटक पर बढ़ाई गई निगरानी

अब शहर के सिग्नल सिस्टम, लूप लाइन, रेलवे फाटक और अन्य संवेदनशील स्थानों से ट्रेनें आरपीएफ जवानों की कड़ी निगरानी में ही गुजरेंगी. रेलवे प्रशासन का मानना है कि इन इलाकों में ट्रेन की रफ्तार धीमी होने का फायदा उठाकर अपराधी घटनाओं को अंजाम देते हैं.

ड्यूटी में लापरवाही रोकने के लिए लागू हुआ नया सिस्टम

आरपीएफ ने ड्यूटी में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया है. अब ड्यूटी पर तैनात जवानों को अपने निर्धारित स्थल से फोटो खींचकर आरपीएफ के व्हाट्सऐप ग्रुप पर भेजना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि जवान अपने पोस्ट पर मौजूद हैं और सक्रिय निगरानी कर रहे हैं.

हर दिन मुख्यालय भेजी जाएगी कार्रवाई की रिपोर्ट

स्पेशल टीम द्वारा की गई गश्त, संदिग्धों की धरपकड़ और अन्य कार्रवाई की रिपोर्ट रोजाना मुख्यालय भेजी जाएगी. रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि इससे सिस्टम में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होगी.

पत्थरबाजी के आरोप में कई बदमाश भेजे जा चुके हैं जेल

आरपीएफ इंस्पेक्टर बनारसी यादव ने बताया कि लूप लाइन, आउटर सिग्नल और रेलवे फाटक जैसे सुनसान इलाके हमेशा से असामाजिक तत्वों का आसान निशाना रहे हैं. हाल ही में हुई पत्थरबाजी की घटनाओं में पुलिस अब तक पांच से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. इन घटनाओं से सबक लेते हुए अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, ताकि यात्रियों को भयमुक्त और सुरक्षित सफर का माहौल मिल सके.

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लेखक के बारे में

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साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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