हॉस्टल में रहने में लग रहा डर बिजली-पानी भी मयस्सर नही
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 May 2018 3:56 AM (IST)
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गया : मगध मेडिकल काॅलेज की कुव्यवस्था से छात्र बहुत परेशान हैं. हाॅस्टल में बदइंतजामी और प्रशासनिक पदाधिकारियों के लापरवाह रवैये से छात्र नाराज हैं. सोमवार को मेडिकल काॅलेज के ओल्ड ब्वायज हॉस्टल में रहने वाले छात्र भवन निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंच गये. यहां छात्रों ने कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर उन्हें हाॅस्टल की […]
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गया : मगध मेडिकल काॅलेज की कुव्यवस्था से छात्र बहुत परेशान हैं. हाॅस्टल में बदइंतजामी और प्रशासनिक पदाधिकारियों के लापरवाह रवैये से छात्र नाराज हैं. सोमवार को मेडिकल काॅलेज के ओल्ड ब्वायज हॉस्टल में रहने वाले छात्र भवन निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंच गये. यहां छात्रों ने कार्यपालक अभियंता से मुलाकात कर उन्हें हाॅस्टल की समस्याओं की जानकारी दी.
इसके बाद छात्र पानी की समस्या को लेकर पीएचईडी के कार्यालय पहुंचे. वहां पदाधिकारी मौजूद नहीं थे. इसके बाद परेशान छात्र वापस लौट गये. छात्रों ने कहा कि मेडिकल काॅलेज प्रशासन को कहते-कहते वह लोग परेशान हो गये, अब खुद ही पढ़ाई-लिखाई छोड़ विभागों के चक्कर काट रहे हैं. छात्रों ने कहा कि प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर वे लोग फीस जमा कर यहां पढ़ने आये हैं. लेकिन यहां की बदइंतजामी ने सब कुछ चौपट कर रखा है. कभी बिजली नहीं तो कभी पानी नहीं. इन समस्याओं में ही वे उलझे हुए हैं. हाॅस्टल में निर्माण से लेकर मरम्मती तक का काम भवन निर्माण विभाग के पास है, इसलिए वे यहां अधिकारी से मिलने पहुंच गये.
कमरे में रहना है मुश्किल :छात्रों ने कहा कि उन लोगों का हाॅस्टल के कमरे में रहना मुश्किल है. कुल 22 कमरों में 51 छात्र रह रहे हैं.कमरे की खिड़कियां व दरवाजे टूटे हुए हैं. छत कमजोर है, गिरने की स्थिति में है. कमरे के अंदर हमेशा डर बना रहता है. छात्रों ने कहा कि एक साल पहले ही फ्लोर टाइल्स लगाये गये, जो अब उखड़ने की स्थिति में है. इससे यह भी पता चलता है कि काम की क्वालिटी बहुत खराब है. हाॅस्टल में बाथरूम-टाॅयलेट की भी खराब स्थिति है. दोनों ही जगह पानी जमा हो जाता है. टाॅयलेट के लिए कोई टैंक नहीं है, गंदगी मैदान में फैल रही है. इसकी वजह से बदबू आती है. मरम्मती के नाम पर खानापूर्ति की गयी है. इसका उदाहरण है हॉस्टल का बाथरूम जो प्रयोग के लायक ही नहीं.
नहीं सुनते हैं इंजीनियर और ठेकेदार : छात्रों ने कहा कि भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर और ठेकेदार को जानकारी देने के बाद भी वह नहीं सुनते. शिकायत करने पर कुछ भी कह कर टाल देते हैं. छात्रों ने कहा कि ठेकेदार तो सीधे धमकी देते हैं. कहते हैं कि हर योजना का कमीशन अधिकारियों को भी जाता है, इसलिए कहीं भी शिकायत हो कोई कार्रवाई नहीं होगी. छात्रों ने कहा कि वे लोग अब ऊब चुके हैं. विभाग के वरीय पदाधिकारी नहीं सुनेंगे तो वे अायुक्त व डीएम के पास शिकायत ले कर जायेंगे.
शनिवार को छात्राओं ने किया था प्रदर्शन
हाॅस्टल की समस्याओं को लेकर शनिवार को छात्राओं ने भी प्राचार्य कक्ष के बाहर प्रदर्शन किया था. छात्राओं ने भी बदइंतजामी का ही आरोप लगाया था. छात्राओं का भी कहना था कि हाॅस्टल में बिजली और पानी की समस्या लंबे समय से है. मेडिकल काॅलेज प्रशासन को बार- बार कहने के बाद भी अब तक किसी समस्या का समाधान नहीं हो सका है. छात्राओं ने कैंपस में खराब सुरक्षा व्यवस्था की भी बात कही थी.
पानी की समस्या को ले लोगों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
वजीरगंज : पुनावां गांव में पेयजल का घोर संकट को देखते हुए अहले सुबह सात बजे से ही पूरे गांव के लोगों ने एन एच 82 मुख्य सड़क को जाम कर दिया. सड़क जाम की जानकारी मिलते ही वजीरगंज थानाध्यक्ष ने बातचीत कर सड़क जाम हटवाने का प्रयास किया. लेकिन, ग्रामीणों ने पंचायत मुखिया व क्षेत्रीय विधायक के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया. इस दौरान ग्रामीण पुरुष व महिलाओं ने मुख्य सड़क पर आगजनी करते हुए पुतला भी फुूंका. करीब 10 बजे बीडभ्ओ शत्रुंजय कुमार सिंह ने सड़क जाम स्थल पर पहुंच कर ग्रामीणों को समझाते हुए पेयजल की समुचित व्यवस्था का आश्वासन दिया.
लेकिन, ग्रामीण तत्काल पेयजल का विकल्प निकालने व स्थायी व्यवस्था करने की मांग करने लगे. बीडीओ ने ग्रामीणों को बताया कि आप लोग ज्ञापन दीजिए हम उसे लेकर जिले के आलाधिकारियों के पास आपकी समस्या को रखेंगे, ताकि इसका समाधान निकाला जा सके. जाम स्थल पर पहुंची पुनावां की कौशल्या देवी, ममता देवी, माधुरी देवी, वार्ड सदस्या यशोदा देवी आदि ने कहा कि हर दिन उन्हें करीब एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है. इस दौरान पानी के लिए गांव में झड़प व गाली-गलौज भी झेलना पड़ता है. उन्होंने कहा कि पंचायत के मुखिया, बीडीओ से पेयजल की व्यवस्था की मांग करने पर केवल आश्वासन दिया जाता है.
करीब चार घंटे तक सड़क जाम के बाद वरीय पदाधिकारियों से वार्ता कर बीडीओ ने बताया कि तत्काल पुनांवा में तीन टैंकर से पानी की आपूर्ति की जायेगी. उन्होंने कहा कि पुनांवा के वार्ड एक दो व तीन को पीएचडी विभाग द्वारा गोद लिया गया है. तीनों वार्ड में एक महीने के अंदर नल-जल योजना के तहत पानी की समुचित व्यवस्था करवाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया गया है. बीडीओ के आश्वासन से संतुष्ट होते ही ग्रामीणों को करीब 12 बजे मुख्य सड़क से हटाया जा सका. इसके बाद ही गया-नवादा मुख्य पथ पर परिचालन सामान्य हो सका.
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