तपिश बनी रही, तो नहीं हो पायेगी वाटर सप्लाई

Published at :14 May 2018 4:18 AM (IST)
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तपिश बनी रही, तो नहीं हो पायेगी वाटर सप्लाई

25 टैंकरों से कई इलाकों में पहुंचाया जा रहा पानी छोटे टैंकर को भरने में 20 व बड़े को भरने में लग रहे 40 मिनट गया : धूप की तपिश अगर इसी तरह एक सप्ताह और बनी रही, तो शहर के अधिकतर हिस्सों में वाटर सप्लाइ देनेवाला दंडीबाग जलापूर्ति केंद्र की बोरिंग भी पानी देना […]

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25 टैंकरों से कई इलाकों में पहुंचाया जा रहा पानी

छोटे टैंकर को भरने में 20 व बड़े को भरने में लग रहे 40 मिनट
गया : धूप की तपिश अगर इसी तरह एक सप्ताह और बनी रही, तो शहर के अधिकतर हिस्सों में वाटर सप्लाइ देनेवाला दंडीबाग जलापूर्ति केंद्र की बोरिंग भी पानी देना बंद कर देगी. हालांकि इस समस्या से निबटने की तैयारी जल पर्षद द्वारा पहले से ही करके रखने का दवा अधिकारी कर रहे हैं. कुछ बोरिंग में पहले से डाले गये पाइप को जमीन के अंदर और बढ़ाया जा रहा हैं. ऐसे भी शहर में जहां दो टाइम वाटर सप्लाई दी जाती थी. वहां गर्मी शुरू होते ही एक टाइम वाटर सप्लाई दी जा रही है. वह भी महज कुछ मिनटों के लिए ही. निगम कर्मचारियों ने बताया कि पहले दंडीबाग के आठ जलापूर्ति केंद्र से मंगलागौरी स्थित सभी टंकियों को भरा जाता था.
इसके बाद भी मोटर को कुछ घंटों के लिए रेस्ट भी दिया जाता था. वर्तमान में स्थिति यह है कि दिन भर मोटर चलने के बाद भी टंकी नहीं भर पा रही है. पहले 3600 लीटर के टैंकर को भरने में 10-12 मिनट व 12000 लीटर का टैंकर को भरने में 20-25 मिनट लगता था. अब छोटा टैंकर को भरने में 20 मिनट व बड़ा को भरने में 40 मिनट लग रहा है. पांच एचपी (हॉर्स पावर) का मोटर दो एचपी के इतना ही पानी दे रहा है. फल्गु नदी का लेयर पिछले पांच दिनों में करीब 15 फुट नीचे चला गया है.
जलापूर्ति केंद्र की स्थिति देख कर अधिकारी से लेकर इंजीनियर तक चिंतित दिख रहे हैं. कर्मचारियों के अनुसार, कई बोरिंग में पाइप बढ़ाये जा रहे हैं. गर्मी की हालत एक सप्ताह और ऐसी ही रही, तो हालत अधिक खराब हो सकते हैं. गौरतलब है कि शहर में हर वर्ष विभिन्न मुहल्लों में पानी की किल्लत को लेकर रोड जाम व आंदोलन किया जाता रहा है.
जरूरत के मुताबिक पानी नहीं दे पा रहे अफसर
शहर में जरूरतवाले मुहल्ले में 25 टैंकर से पानी भेजे जा रहे हैं. इसके बाद भी लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है. लोगों का कहना है कि पाइपलाइन से पानी नहीं मिल रहा है. टैंकर से जो भी पानी मिल रहा है उससे सारी जरूरत पूरी नहीं हो पाती हैं. गर्मी से पहले नगर निगम जल पर्षद के अधिकारियों ने बैठक कर कहा था कि गर्मी के दिनों में पानी की किल्लत शहरी क्षेत्रों में नहीं होगी. गर्मी शुरू होते ही कई जगहों पर पानी की किल्लत शुरू हो गयी और जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैसे-वैसे नये जगहों पर पानी की दिक्कत सामने आ रही है. जिन जगहों पर निगम द्वारा वाटर सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछायी गयी है वहां भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
बरसात के बाद ही स्थिति में होगी सुधार
पिछले पांच दिनों में नदी का लेयर 15 फुट नीचे चला गया है. पिछले वर्ष गर्मी में 27-30 पर लेयर रहा था. इस वर्ष 45 फुट पहुंच गया है. क्षमता के अनुरूप कोई मोटर पानी नहीं दे रहा है. जितनी गहराई तक बोरिंग हो सकती है सभी जगह की गयी है. इसके बाद भी स्थिति बढ़ते गर्मी के कारण खराब हुई है. करसिल्ली टंकी तक पानी बहुत कम पहुंच रहा है. दैवीय प्रकोप के आगे सब कुछ फेल हो जाता है. स्थिति और बिगड़ी, तो सभी जगहों पर टैंकर से पानी दिया जायेगा.
सुबोध सिंह, कनीय अभियंता
मिल कर रोकनी होगी पानी की बर्बादी
जानकारों का कहना है कि आनेवाले दिनों में लोगों को आसानी से पानी मिल सके इसके लिए बहुत हद तक पानी की बर्बादी को रोकना होगा. लोग सचेत होकर जरूरत के अनुसार अगर पानी का उपयोग करते हैं, तो आनेवाले दिनों में लोगों को पानी मिलता रहेगा. जानकारों का यह भी कहना है कि शहर में बेतरतीब तरीके से लोग घरों, दुकानों, होटलों व अन्य प्रतिष्ठानों में पानी बर्बाद करते हैं. यहां अगर हम जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें, तो भारी मात्रा में पानी की बचत कर सकते है. पानी की किल्लत देखते हुए कई शहरों में गाड़ियों की धुलाई रोक दी जाती है, लेकिन यहां अब तक जारी है.
जलापूर्ति केंद्र की बगल में बह रहा नाली का पानी
जलापूर्ति केंद्र सूत्रों के अनुसार, दंडीबाग जलापूर्ति केंद्र के बगल में आसपास के मुहल्लों से निकलनेवाले नालियों का पानी बहता है. इसके कारण दंडीबाग के कई बोरिंग का पानी पहले से ही प्रदूषित हो गया है. उसके बदले दूसरे जगहों पर बोरिंग करना पड़ा है. नये बोरिंग वाले जगहों पर भी नालियों का पानी पहुंचने लगा है. यहां देखरेख की जिम्मेदारी संभालनेवाले कर्मचारियों का कहना है कि कई बार लिखित रूप से इसकी सूचना अधिकारियों को दी गयी है लेकिन, नालियों के पानी बहाव का दूसरा इंतजाम अबतक नहीं हो सका है. गौरतलब है कि नालियों के पानी के चलते ही देवघाट से बिथो शरीफ तक फल्गु नदी के किनारे का अंदर ग्राउंड जल स्तर पहले ही प्रदूषित हो चुका है. यहां वाटर सप्लाई देने के लिए फल्गु नदी के बीच में बोरिंग करना पड़ रहा है.
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