बैंक लोन व आवास लाभ देते समय जमीन कैसे थी वैध ?

Published at :10 Dec 2017 6:04 AM (IST)
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बैंक लोन व आवास लाभ देते समय जमीन कैसे थी वैध ?

फंसा पेच. कपिलधारा में मकान तोड़ने के नोटिस पर लोगों ने पूछा कपिलधारा के 35 लोगों को जमीन खाली करने का दिया गया है नोटिस गया : हाइकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने (रुक्मिणी तालाब के पश्चिम) कपिलधारा में (प्लॉट नंबर खाता संख्या 122 खेसरा नंबर 500) बसे लोगों को नोटिस दिया है. अब […]

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फंसा पेच. कपिलधारा में मकान तोड़ने के नोटिस पर लोगों ने पूछा

कपिलधारा के 35 लोगों को जमीन खाली करने का दिया गया है नोटिस
गया : हाइकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने (रुक्मिणी तालाब के पश्चिम) कपिलधारा में (प्लॉट नंबर खाता संख्या 122 खेसरा नंबर 500) बसे लोगों को नोटिस दिया है. अब यहां के बारे में तरह-तरह के खुलासे हो रहे हैं. नोटिस पाये लोगों का कहना है कि उनकी जमीनों को अवैध कहा जा रहा है, पर उनके पूरे परिवार का जनगणना में नाम अंकित है. इसके साथ ही कई लोगों का प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक के रूप में चयन भी किया गया है. इसके साथ ही कई लोगों को इसी जमीन के कागज से बैंक लोन भी दिया है.
इस संबंध में नोटिस पाये कपिलधारा निवासी बुट्टू यादव के बेटे शंकर यादव ने बताया कि जिस जमीन को खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है. उसी जमीन के कागज पर मध्य बिहार ग्रामीण बैंक द्वारा चार लाख का लोन दिया गया है. इसके साथ ही अन्य कई लोगों ने भी जमीन के कागज पर लोन लिये हैं. एक बैंक अधिकारी ने कहा कि किसी जमीन के नाम पर (लैंड मोर्गेज) लोन देने से पहले पूरी जांच कर जमीन के कागजात के बारे में बैंक के वकील का मंतव्य लेना जरूरी होता है.
इसमें जमीन पूरी तौर से वैध होनी जरूरी है. इसके बिना लोन स्वीकृत नहीं किया जा सकता.
आवास योजना के लाभुक हुए चयनित नोटिस पाये रघु पासवान ने बताया कि पूरा जीवन यहीं बीत गया. पिछले वर्ष नगर निगम के कर्मचारियों ने जमीन की जांच कर प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नाम चयनित कर भेजा था. इसकी स्वीकृति भी सरकार से मिल चुकी है. रीना देवी कहती हैं कि यहां अगर मकान अवैध रूप से बनाया गया है, तो लाखों रुपये खर्च कर नगर निगम से रोड-नाली का निर्माण क्यों कराया गया? हाल में सभी घरों में शौचालय योजना का लाभ दिया गया है. उन्होंने कहा कि बस्ती में बच्चों को पढ़ने के लिए प्राथमिक विद्यालय व लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक भवन बनाया गया है. कपिलधारा के नाम पर ही राशन कार्ड व पेंशन योजना का लाभ दिया गया है.
कपिलधारा के पास खेसरा नंबर 500 में करीब दर्जन भर लोगों को आवास योजना (प्रधानमंत्री आवास योजना) के लाभुक के तौर पर चयनित किया गया है. इसमें जिनको नोटिस दिया गया या फिर उनके किसी परिवार के सदस्य का नाम आवास योजना की लाभुक सूची में आया है, उसमें पिंटू पासवान, रघु पासवान, रोशन कुमार, नंदकिशोर पासवान, कमांडो कुमार, राजकुमार पासवान एक, कपिल पासवान, राजकुमार पासवान दो, कृष्णा पासवान, मनोज पासवान, शंकर पासवान व शंभु पासवान आदि शामिल हैं. आवास योजना के लाभ के लिए अविवादित व रैयती जमीन के मालिक को ही लाभुक बनाया जाता है. आवास योजना की सूची चयन से पहले नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा गंभीरता से जमीन के कागजात की जांच की जाती है. सूची फाइनल कर सरकार को भेजते वक्त नगर आयुक्त द्वारा लिखा जाता है कि लाभुकों के भूमि स्वामित्व संबंधी जांच कर ली गयी है, सभी लाभुक योजना के शर्तों के अनुरूप योग्यता रखते हैं.
क्या है मामला : प्रतिज्ञा संस्था ने गांधी मैदान, आजाद पार्क, कपिलधारा व अन्य जगहों पर अतिक्रमण को लेकर 2011 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. इस मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच पीठ ने 2015 में जिला प्रशासन को अतिक्रमणमुक्त कराने का आदेश दिया. संतोषजनक अतिक्रमण नहीं हटाने पर संस्था ने कोर्ट अवमानना परिवाद दायर किया. इस मामले में कोर्ट में डीएम को 15 दिसंबर को अपना पक्ष रखना है. इसके बाद कपिलधारा के 35 लोगों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने को कहा गया है.
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