कुजापी नाला जाम, घरों में घुस रहा पानी
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :02 Dec 2017 6:04 AM (IST)
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अनदेखी. विभागीय पेच में लटका है नाला बनाने का काम दो बार टेंडर के बाद भी नहीं हुआ काम शुरू गया : निगम के वार्ड नंबर दो स्थित कुजापी नाला जाम होने से इसका पानी लोगों के घरों में घुस रहा है. इस वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. इस नाला निर्माण […]
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अनदेखी. विभागीय पेच में लटका है नाला बनाने का काम
दो बार टेंडर के बाद भी नहीं हुआ काम शुरू
गया : निगम के वार्ड नंबर दो स्थित कुजापी नाला जाम होने से इसका पानी लोगों के घरों में घुस रहा है. इस वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. इस नाला निर्माण के लिए विभाग ने लगभग तीन करोड़ रुपये स्वीकृत की है. निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए दो बार टेंडर भी निकाला गया है. लेकिन अभी नाला निर्माण नहीं हो सका है. नाला नहीं बनने के कारण जगह-जगह जाम हो जाता है. जानकारों का कहना है कि टेंडर निकलने के बाद एस्टीमेट पुराना होने के कारण किसी ठेकेदार ने दिलचस्पी नहीं दिखायी. करीब दो वर्षों से नाला निर्माण का काम लटका हुआ है. लोगों का कहना है कि जगह-जगह नाले की जमीन पर अवैध निर्माण कर इसे नाली में बदल दिया गया है.
नाला नहीं बनने से मुहल्ले के लोग परेशान : कुजापी नाले के कारण डेल्हा गुशलखाना, छोटकी डेल्हा, टिकारी मेन रोड, तार बाबू गली, डेल्हा बस स्टैंड, बड़की डेल्हा, परैया रोड, छोटकी डेल्हा, बगीचा स्कूल कैंपस, विश्वनाथ सिंह रोड व गनौरी साव रोड आदि मुहल्ले के लोग परेशान रहते हैं. जानकारों का कहना है कि नाला कुजापी से शुरू होकर रेलवे गुमटी तक जाता है. इसके बाद नाला रेलवे लाइन पार होकर शहर में पहुंचा है. कुजापी नाला के कारण बरसात में शहर के मखलौटगंज मुहल्ले में भी जलजमाव हो जाता है.
एस्टीमेट है चार वर्ष पुराना: विभागीय जानकारों का कहना है कि नाले का एस्टीमेट चार वर्ष पहले बनाया गया था. इसी कारण किसी ठेकेदारों ने टेंडर में दिलचस्पी नहीं दिखायी है. कुछ लोगों का कहना है कि इसके साथ ही विभाग द्वारा भी टेंडर के दौरान ठेकेदारों के पास यंत्र-संयंत्र मौजूद होने की बात कही गयी है. इसके कारण भी टेंडर में कम ठेकेदार ही भाग लेते हैं. निगम सूत्रों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया दूसरी बार शुरू करने के लिए एस्टीमेट को रिवाइज किया जा रहा है. कुछ दिनों में रिवाइज कर नाले का टेंडर किया जायेगा.
नाले का पानी घरों तक पहुंच रहा है. इसके कारण बच्चे को घर से निकलने व खेलने तक में परेशानी होती है. गंदा पानी दरवाजे पर जमा रहने के कारण कई तरह की बीमारी लोगों को अपना शिकार बना रही है
भोला प्रसाद
हर वर्ष नाले सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. नाले का अतिक्रमण होने के कारण निगम को भी सिर्फ खानापूर्ति करने का मौका मिल जाता है. इसका समाधान जल्द निकलना चाहिए
ज्योति देवी
नाले की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई बार अधिकारियों के पास गुहार लगायी गयी है. लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही दिया गया है. मजबूरी में इसी नरक में रहने को मजबूर हैं.
मधु देवी
नाले का पानी घर में घुस जाता है. बरसात के मौसम में परेशानी और अधिक बढ़ जाती है. समय-समय पर समाधान की बात भी की जाती है लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है
राजा कुमार
यहां की समस्या पर नहीं है कोई गंभीर
कुजापी नाले की समस्या समाधान की बात कई बार बोर्ड की बैठक में उठायी हूं. इस पर अधिकारी ने टेंडर प्रक्रिया पूरा किये जाने की बात कहते हैं लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं निकाला जा सका है. नाले पर अतिक्रमण कर लोगों ने नाली बना दिया है. निगम से प्रत्येक वर्ष समय-समय पर 1500 से 2000 लेबर सफाई में लगाये जाते हैं. सफाई की स्थिति ऐसी है कि लोगों के घरों में नाले का पानी पहुंच रहा है. अधिकारी को हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान जल्द निकालना चाहिए
वीणा देवी, पार्षद वार्ड दो
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