कुली से करायी करोड़ों की फाइल डील, प्रोन्नति में ठहराया अयोग्य

Published at :26 Nov 2017 6:26 AM (IST)
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कुली से करायी करोड़ों की फाइल डील, प्रोन्नति में ठहराया अयोग्य

अनियमितता. नगर निगम में प्रोन्नति रद्द पर होती रही चर्चा कर्मचारियों ने कहा, बोर्ड का निर्णय कर्मचारियों के हित में नहीं है कुली के पद पर बहाल एक कर्मचारी 20 वर्षों से कर रहा सहायक का काम गया : नगर निगम बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को निगम कर्मचारियों के प्रोन्नति के आदेश को रद्द […]

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अनियमितता. नगर निगम में प्रोन्नति रद्द पर होती रही चर्चा

कर्मचारियों ने कहा, बोर्ड का निर्णय कर्मचारियों के हित में नहीं है
कुली के पद पर बहाल एक कर्मचारी 20 वर्षों से कर रहा सहायक का काम
गया : नगर निगम बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को निगम कर्मचारियों के प्रोन्नति के आदेश को रद्द करने के निर्णय की चर्चा होती रही. कर्मचारियों के बीच चर्चा होती रही कि बोर्ड का निर्णय कर्मचारी हित में नहीं है. कुछ कर्मचारियों ने खुलासा किया कि कुली के पद पर बहाल एक कर्मचारी 1998 से ही सहायक का काम कर रहे हैं. इनके माध्यम से वेतन व सफाई संबंधी करोड़ों रुपये की फाइल डील की है. लोगों का कहना था कि प्रोन्नति के मामले में निगम में शुरू से ही किसी तरह के मानक का खयाल नहीं रखा गया है.
प्रोन्नति में जब मानक की बात उठती है, तो काम लेते वक्त भी इसका खयाल रखना चाहिए. जानकारों का कहना है कि कोर्ट ने सिर्फ नियम पालन करते हुए प्रोन्नति देने का आदेश दिया है. कुछ का कहना था कि यहां टैक्स वसूली के लिए कर संग्रहक भी दो-तीन बच गये हैं. इस काम में भी अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है. कुछ कर्मचारी यह कहते हुए सुने गये कि अनुकंपा पर बहाल कर्मचारियों की प्रोन्नति 30 वर्षों से नहीं की गयी है. इस पर भी फैसला जल्द होना चाहिए.
नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि शुरू से अब तक देखा जाये, तो यहां अाधे से अधिक पद पर ऐसी ही प्रोन्नति वाले यहां काम कर रहे हैं. इनकी जांच होने पर सारा मामला सामने आ जायेगा. कई लोग निम्न वर्ग में बहाल होकर अधिकारी का प्रभार संभाल रहे हैं.
निगम में कर्मचारियों की स्थिति : निगम में सामान्य शाखा, विकास शाखा व जल पर्षद में कर्मचारियों व इंजीनियरों की तैनाती आधे से भी कम पद पर है. यानी कि आधे से अधिक पद निगम में रिक्त हैं. वार्षिक बजट में दिये गये आंकड़ों मेें सभी शाखाओं में 1285 पद स्वीकृत हैं. इसमें महज 523 लोग ही तैनात हैं. निगम में अधिकारी व कर्मचारियों के 762 पद खाली हैं.
20 वर्षों से निगम में नहीं हुई बहाली
जानकारों का कहना है कि नगर निगम में लगभग 20 वर्षों से कर्मचारियों की बहाली नहीं हुई है. नगरपालिका या फिर गया विकास प्राधिकार से समायोजित कर्मचारी धीरे-धीरे रिटायर्ड होते जा रहे हैं. उनकी जगह पर नीचे वालों को प्रभार दे दिया जाता है. यह मामला वर्षों से चला आ रहा है. जानकारों का यह भी कहना है कि निगम में इससे निजात पाने के लिए सरकारी स्तर पर बहाली का निर्णय लेना होगा. गौरतलब है कि पिछले दिनों हाइकोर्ट के आदेश पर नगर आयुक्त विजय कुमार ने 19 कर्मचारियों की प्रोन्नति का आदेश निकाला है. शुक्रवार को यह मामला पार्षदों ने निगम बोर्ड की बैठक में उठायी. इसमें पार्षदों का आरोप था कि नियम से अलग हट कर प्रोन्नति दी गयी है. बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रोन्नति आदेश को रद्द करते हुए नियमानुकूल प्रोन्नति सूची तैयार कर अगली बैठक में रखने का निर्देश दिया गया.
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