Darbhanga News: शक्ति उपासना का महा अनुष्ठान शारदीय नवरात्र आज से

Darbhanga News:साेमवार को कलश स्थापन के संग शक्ति उपासना का महा अनुष्ठान शारदीय नवरात्र आरंभ हो जायेगा.
Darbhanga News: दरभंगा. शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है. साेमवार को कलश स्थापन के संग शक्ति उपासना का महा अनुष्ठान शारदीय नवरात्र आरंभ हो जायेगा. इसे लेकर रविवार को बाजार में विशेष चहल-पहल रही. बता दें कि इस बार भगवती के सभी नौ स्वरूपों की अलग-अलग दिनों में तो पूजा होगी ही, लेकिन नवरात्र 10 दिनों का होगा. इसके बाद 11वें दिन विजयादशमी मनाई जायेगी. बता दें कि विशेषकर शारदीय नवरात्र में शक्ति उपासक मिथिलावासी समर्पित भाव से माता की आराधना करते हैं. इसका अनुमान इसीसे लगाया जा सकता है कि केवल नगर निगम क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर जहां सार्वजनिक पूजन किया जाता है, वहीं सभी श्रद्धालु परिवारों में भगवती की पूजा विधिवत की जाती है. अगर शहरी क्षेत्र की बात करें तो सार्वजनिक पूजा पंडालों की संख्या चार दर्जन के पार पहुंच जायेगी. पूजा समिति के नेतृत्व में दिन-रात काम चल रहा है. एक तरफ जहां मूर्त्तिकार प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर कलाकार पंडाल को आकार दे रहे हैं. उल्लेखनीय है कि इस वर्ष भगवती का आगमन जहां हाथी पर हो रहा है, वहीं वे नर वाहन पर प्रस्थान करेंगी. दोनों शुभफलदायक हैं.
इस बार 10 दिनों का हो रहा नवरात्र
आमतौर पर नवरात्र नौ दिनों का होता है. दसवें दिन विजया दशमी के दिन जयंती धारण के साथ नवरात्र पूजन का समापन हो जाता है. तिथि के लोप होने के कारण कई बार आठ दिनों की पूजा के बाद नौवें दिन ही विजया दशमी मनाई जाती है, लेकिन इस वर्ष 10 दिनों तक शक्ति की देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जायेगी. इसके अगले दिन यानी 11वें दिन प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा. सालों बाद ऐसा योग बन रहा है. इस बावत पंडित विश्वनाथ शास्त्री बताते हैं कि तिथि के कारण ही 10 दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद 11वें दिन जयंती धारण के साथ भगवती की प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा.
कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त
कलश स्थापन के लिए इस बार प्रात: काल मुहुर्त्त उत्तम है. पंडित शास्त्री के अनुसार प्रात:काल कलश स्थापन कर पूजन आरंभ करना उत्तम होता है, लेकिन 22 सितंबर को सुबह 7.30 बजे से 09 बजे पूर्वाह्न तक अर्द्धपहरा रहेगा. इसमें कलश स्थापन निषिद्ध है, इसलिए इस अवधि में कलश स्थापन नहीं करें. वैसे सुबह 10 बजे तक मुहूर्त उत्तम है.
शारदीय नवरात्र की प्रमुख तिथियां
कलश स्थापन- 22 सितंबररेमंत पूजा- 23 सितंबरगण पूजा व विल्वाभिमंत्रण- 28 सितंबरपत्रिका प्रवेश एवं मूर्त्ति पूजन- 29 सितंबरनिशा पूजा- 29 सितंबरमहाष्टमी व्रत एवं संद्धि पूजन- 30 सितंबरमहानवमी व्रत एवं त्रिशूलनी पूजन- 01 अक्तूबर
अपराजिता पूजा, जयंती धारण व प्रतिमा विसर्जन- 02 अक्तूबरडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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