Darbhanga News : कमांड एंड कंट्रोल के सर्वे में नौ फीसदी अभिभावकों ने कहा, बच्चों को नहीं मिला एफएलएन स्टूडेंट किट
Updated at : 24 Sep 2024 11:35 PM (IST)
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स्कूली बच्चों को मिलने वाले विभिन्न सरकारी लाभों की मॉनिटरिंग अब राज्य मुख्यालय से सीधे होने लगा है. किस बच्चों को क्या-क्या लाभ मिला है, इसके मॉनिटरिंग के लिए विद्यालय जाने की अब जरूरत नहीं है.
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अशोक गुप्ता, दरभंगा
स्कूली बच्चों को मिलने वाले विभिन्न सरकारी लाभों की मॉनिटरिंग अब राज्य मुख्यालय से सीधे होने लगा है. किस बच्चों को क्या-क्या लाभ मिला है, इसके मॉनिटरिंग के लिए विद्यालय जाने की अब जरूरत नहीं है. यह सब आधुनिक तकनीक के उपयोग से संभव हो सका है. पहले विभाग हर एक तरह के लाभों का डाटा इ- शिक्षाकोष पर उपलब्ध करवाता है. फिर इस डाटा के आधार पर तहकीकात की जाती है. इससे विभाग को बैठे-बैठे जानकारी मिल जाती है कि जमीनी हकीकत क्या है. सत्र की शुरुआत में पहली से पांचवी कक्षा तक के बच्चों को एफएलएन स्टूडेंट किट दिया गया है. इसमें स्कूल बैग के साथ वाटर बॉटल, कॉपी, कलम इत्यादि है. इसके वितरण की स्थिति की जानकारी लेने के लिए विभाग द्वारा स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से सर्वे कराया गया. सर्वे में अभिभावकों से कॉल पर जानकारी ली गई कि उनके बच्चों को यह सुविधा मिली या नहीं. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के जारी आंकड़े में बताया गया है कि जिले के 64 अभिभावकों से जब यह पूछा गया कि उन्हें एफएलएन स्टूडेंट किट मिला या नहीं, तो 58 ने बताया कि बच्चों को किट प्राप्त हुआ है, जबकि छह माता-पिता अथवा अभिभावक नकारात्मक रहे. इस प्रकार दरभंगा जिले में 91 फीसदी बच्चों को यह सुविधा मिली है. वही नौ फीसदी बच्चे इस सुविधा से वंचित हैं. जबकि राज्य स्तर पर 1349 माता-पिता अथवा अभिभावक से इसकी जानकारी लेने पर पता चला कि 1090 बच्चों को एफएलएन स्टूडेंट मिला है. 269 बच्चों के अभिभावकों ने किट नहीं प्राप्त होने की जानकारी दी है. इस प्रकार 19 फीसदी बच्चों को यह लाभ नहीं मिला है.एचएम के डाटा से मेल नहीं खा रही रिपोर्ट
सर्वे की रिपोर्ट विद्यालय प्रधानों द्वारा ई शिक्षाकोष पर अपडेट डाटा से मेल नहीं खा रही है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इस संबंध में जिलावार आंकड़ा जारी किया है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी शाहजहां ने इसके जांच के आदेश दिए हैं. इसकी विस्तृत समीक्षा प्रतिवेदन के आधार पर करने को कहा है. पहली से पांचवी कक्षा का एफएलएन स्टूडेंट किट उपलब्ध कराए गए विद्यार्थियों के विवरण को इ शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट के निर्देश दिए हैं. गलत प्रतिवेदन करने वाले विद्यालय प्रधान के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई चलाने को कहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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