किशनगंज के सीमावर्ती गलगलिया में नशे का खेल जारी, ब्राउन शुगर के साथ बड़ा तस्कर गिरफ्तार

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किशनगंज के सीमावर्ती गलगलिया में नशे का खेल जारी, ब्राउन शुगर के साथ बड़ा तस्कर गिरफ्तार

किशनगंज में सीमावर्ती गलगलिया में नशे का नेटवर्क फिर बेनकाब

Kishanganj News: किशनगंज में सीमावर्ती गलगलिया में नशे का नेटवर्क फिर बेनकाब. 116 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तस्कर गिरफ्तार, नेपाल-बंगाल बॉर्डर पर फैले कारोबार की परतें खुलने लगीं.

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ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट.

Kishanganj News: नेपाल-बंगाल सीमा से सटे गलगलिया इलाके में नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती के बावजूद तस्करों की गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर की गई बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 116 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. साथ ही भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई है. इस कार्रवाई ने एक बार फिर सीमावर्ती इलाके में सक्रिय नशा नेटवर्क की गहराई को उजागर कर दिया है.

गुप्त सूचना पर पुलिस का बड़ा एक्शन

पुलिस अधीक्षक किशनगंज के निर्देश पर गलगलिया थाना क्षेत्र के दरभंगिया टोला में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया. पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है और उसकी अवैध बिक्री की तैयारी चल रही है.

टीम ने मौके पर पहुंचकर घर की घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया.

तलाशी में मिला ब्राउन शुगर और नकदी

छापेमारी के दौरान पुलिस ने पप्पू सहनी, पिता रामचंद्र सहनी, उम्र 48 वर्ष को गिरफ्तार किया. उसके घर की तलाशी में 116 ग्राम ब्राउन शुगर, 70 हजार 500 रुपये भारतीय मुद्रा और 40 नेपाली रुपये बरामद किए गए. पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है.

एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई तेज

मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस और सशस्त्र बल की संयुक्त कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी.

सीमाई इलाका बना तस्करों का रास्ता

गलगलिया क्षेत्र लंबे समय से नशा तस्करों के लिए संवेदनशील मार्ग माना जाता है. नेपाल से सटे होने के कारण यहां तस्करी के नेटवर्क सक्रिय रहते हैं. पुलिस और एसएसबी द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद यह कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है.

स्थानीय लोगों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय बनती जा रही है. वहीं इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर प्रशासन की सतर्कता और चुनौती दोनों को सामने रखा है.

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प्रत्युष प्रशांत

लेखक के बारे में

By प्रत्युष प्रशांत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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