डेयरी खोलने को ले किसानों को समूचित ऋण दें बैंक

Published at :06 Jan 2016 7:01 PM (IST)
विज्ञापन
डेयरी खोलने को ले किसानों को समूचित ऋण दें बैंक

डेयरी खोलने को ले किसानों को समूचित ऋण दें बैंकबैंकों को उपलब्ध कराये गये वित्तीय मापदंडग्रामीण बैंक के प्रबंधकों के साथ डीडीएम ने की बैठकफोटो-14परिचय- ग्रामीण बैंक के प्रबंधकों को संबोधित करते नाबार्ड के डीडीएम एसके मजुमदार बेनीपुर . स्थानीय उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर बुधवार को राष्ट्रीय कृ षि और ग्रामीण […]

विज्ञापन

डेयरी खोलने को ले किसानों को समूचित ऋण दें बैंकबैंकों को उपलब्ध कराये गये वित्तीय मापदंडग्रामीण बैंक के प्रबंधकों के साथ डीडीएम ने की बैठकफोटो-14परिचय- ग्रामीण बैंक के प्रबंधकों को संबोधित करते नाबार्ड के डीडीएम एसके मजुमदार बेनीपुर . स्थानीय उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर बुधवार को राष्ट्रीय कृ षि और ग्रामीण विश्व बैंक (नाबार्ड) द्वारा संयुक्त देयता समूह (जेएलजी) एवं डेयरी विकास पर ग्रामीण बैंक के प्रबंधकों के साथ एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस दौरान डीडीएम नाबार्ड एसके मजुमदार ने शाखा प्रबंधकों से डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सहज एवं सुलभ ढंग से ऋण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इस दौरान उन्होंने डेयरी विकास योजना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि 2-10 गाय के यूनिट पर नाबार्ड द्वारा 25 प्रतिशत अनुदान देने को प्रावधान है. इसके लिए सभी बैंक को वित्तीय मापदंड उपलब्ध करा दिया गया है कि इच्छुक किसानों को सहज ढंग से डेयरी योजना के लिए ऋण उपलब्ध हो सके. श्री मजुमदार ने बताया कि डेयरी विकास के लिए तीन यूनिट है, जिसमें सुधा (कम्फेड), पशुपालन विभाग एवं संबंधित एनजीओ के सहारे बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है. पूरे जिला में अभीतक 40 यूनिट चल रहा है. जिसे 550 तक बढाना है तथा इस दिशा में बेहतर काम करनेवाले बैंक को नाबार्ड द्वारा प्रोत्साहित किया जायेगा. एक सवाल के जबाव मे उन्होंने कहा कि डेयरी विकास का दो यूनिट है. एक बिहार सरकार का जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान है. वैसे नये वित्तीय वर्ष में बिहार सरकार द्वारा इकसी अधिसूचना जारी नहीं की गयी है. पूर्व में जो किसान उक्त योजना के तहत ऋण लिये हैं उन्हें शीघ्र बकाया अनुदान का भुगतान कर दिया जायेगा. दूसरा नाबार्ड का जिसके तहत 25 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है. इसके अलावा उन्होंने जेएलजी के तहत बंटाइदार एवं भूमिहीन किसानों को महाजनों से छुटकारा दिलाने के समूह के माध्यम से केसीसी एवं अन्य वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है. इसके लिए उन्होंने उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक पीएनवीसीबीआइएडीवी आदि बैंकों के कार्यों की सराहना करते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया. इस दौरान ग्रामीण बैंक के आरएम मो. बादशाह, जिला पशुपालन अधिकारी डा. विजय कुमार, ग्रामीण बैंक के कृषि प्रबंधक डा. ओम प्रकाश गुप्ता ने भी शाखा प्रबंधकों को इससे संबंधित विभिन्न योजनाओं से अवगत कराते हुए डेयरी एवं जेएलजी योजना के तहत इच्छुक तथा सक्षम किसानों को श्रम देने में कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन