घटना के बाद धराधर बंद हो गयी दुकानें, पसरा सन्नाटा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 18 Nov 2015 9:54 PM
घटना के बाद धराधर बंद हो गयी दुकानें, पसरा सन्नाटा सिंघवाड़ा . सिमरी थाना पर हुई आगजनी की घटना व तोड़फोड़ के बाद सिमरी बाजार पूरी तरह बंद हो गयी. दुकानें धराधर बंद होने लगी. बाजार में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया. वैसे भी छठ को लेकर अधिकांश दुकानें पहले से ही बंद थी. इधर, […]
घटना के बाद धराधर बंद हो गयी दुकानें, पसरा सन्नाटा सिंघवाड़ा . सिमरी थाना पर हुई आगजनी की घटना व तोड़फोड़ के बाद सिमरी बाजार पूरी तरह बंद हो गयी. दुकानें धराधर बंद होने लगी. बाजार में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया. वैसे भी छठ को लेकर अधिकांश दुकानें पहले से ही बंद थी. इधर, इस घटना के बाद तो एक एक कर लगभग सभी दुकानें बंद हो गयी. पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारी उपद्रवियों को खोजने लगे. इधर उपद्रवियों के साथ साथ शांतिप्रिय लोग भी बाजार से खिसकने लगे.घटना से सहमें हैं सभी लोग बसतबाड़ा की घटना से गांव के लोग तो सहमें हुए हैं ही सिमरी बाजार के लोग भी सहमें है. कुछ शरारती तत्वों की करतूत से इतनी बड़ी घटना घट गयी. लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर इस घटना को किसने अंजाम दिया. उसका मकसद क्या था. समझा जाता है कि कुरवार फोड़ने में शामिल असामाजिक तत्वों को पुलिस पकड़ने में कामयाब होगी एवं कड़ी से कड़ी सजा दिलायेगी. वहीं उपद्रव में शामिल उन लोगों को भी प्रशासन चिन्हित कर कार्रवाई करे जाम में फंसे रहे लोग, अपनों को नहीं पहुंचा सके प्रसाद सिमरी चौक पर एनएन 57 को जाम कर दिये जाने के कारण अपने रिश्तेदारों, दोस्तों एवं अन्य सगे संबंधियों को छठ का प्रसाद पहुंचाने के लिए जा रहे लोग दिनभर परेशान रहे. सड़क जाम कर दिये जाने के कारण लोग दिनभर फंसे रहे. मुख्य सड़क तो जाम था ही आक्रोशित लोगों ने लिंक रोड भी जाम कर दिया था. इस वजह से किसी तरफ गाड़ी आगे नहीं बढ पा रही थी. गाड़ी पर जो लोग सवार थे वे पानी एवं भोजन के लिए भी परेशान दिखे. दुकानें बंद रहने के कारण उन्हें पानी भी नहीं मिला. इससे यात्रियों में भी जबरदस्त आक्रोश था.आक्रोशित लोगों के सामने असहाय दिखी स्थानीय पुलिसलोगों का हुजूम एवं उपद्रव को देखकर हर कोई सहमा था. थाना की पुलिस के पास भी इतने पुलिस बल नहीं थे कि वह आक्रोशित लोगों से निबट सके. इधर, आक्रोशित लोग हंगामा मचा रहे थे. उपद्रव कर तोड़फोड़ कर रहे थे पर पुलिस अपने को असहाय महसूस कर रही थी. वह किंकत्व्यूविमुुढ थी. आक्रोशित लोगों से कैसे निबटा जाये इसको लेकर सोंच विचार तो कर रही थी कि पल पल की सूचना वरीय अधिकारियों को थानाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा दी जा रही थी.अंदर चल रही थी शांति समिति की बैठक, बाहर हो रहा था हंगामाबसतबाड़ा गांव की घटना को लेकर सिमरी थाना पर शांति समिति की बैठक बुधवार को करीब दस बजे से चल रही थी. सीओ स्वयंवर झा, थानाध्यक्ष दिनेश पासवान समेत अन्य अधिकारियों गांव के दोनों गुटों के लोगों के साथ बैठक कर आपसी एकता एवं भाईचारे को बरकरार रखने की बात कर रहे थे. इसी बीच आक्रोशित लोगों का हुजूम थाना पर पहुंच गया और हंगामा करने लगा. जब तोड़फोड़ एवं आगजनी शुरु हुई तो अंदर बैठक में भाग ले लोग भी सहम गये. बैठक से बाहर निकलने का रास्ता ही नहीं था. बाहर से थाना के दरवाजे एवं खिड़कियों पर पत्थर फेंके जा रहे थे,इधर अंदर में बैठककर रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे. आक्रोशित लोगों के सामने सभी बौने साबित हो रहे थे.
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