मोतीझील के विकास पर खर्च होंगे 25 करोड़ : मंत्री

Updated at : 30 Oct 2017 7:47 AM (IST)
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मोतीझील के विकास पर खर्च होंगे 25 करोड़ : मंत्री

केंद्र से शीघ्र मिलेगी स्वीकृति पटना में आज होगा झील विकास पर समेकित मंथन कृषि मंत्री के साथ कई विभाग के अधिकारियों की होगी बैठक मोतिहारी : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि शहर के मोतीझील के विकास का सपना जल्द ही पूरा होगा. दिसंबर 2017 तक झील के विकास […]

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केंद्र से शीघ्र मिलेगी स्वीकृति
पटना में आज होगा झील विकास पर समेकित मंथन
कृषि मंत्री के साथ कई विभाग के अधिकारियों की होगी बैठक
मोतिहारी : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि शहर के मोतीझील के विकास का सपना जल्द ही पूरा होगा. दिसंबर 2017 तक झील के विकास की योजनाओं को स्वीकृति मिल जायेगी. इसको लेकर केंद्र सरकार के स्तर तेज गति से काम चल रहा है.
झील विकास को लेकर नेशनल प्लान फॉर कन्वरजेशन ऑफ एक्वेटिक इको सिस्टम (एनपीसीए) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय को 25 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था. फिलहाल यह प्रस्ताव केंद्र के स्तर पर अनुमोदन की स्थिति में है.
केंद्रीय मंत्री ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि चालू सप्ताह गत 26 अक्तूबर 2017 को पर्यावरण,वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय ने झील विकास की योजनाओं को लेकर बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग को एक पत्र भेजा है.
इसमें बिहार सरकार से झील के विकास के लिए किसी अन्य मद्द से पूर्व में राशि की स्वीकृत या खर्च से संबंधित जानकारी मांगी है. पत्र के आलोक में आशय से संबंधित जानकारी प्राप्त होने के साथ ही भारत सरकार स्तर पर झील विकास की कार्य योजनाओं का अंतिम अनुमोदन कर दिया जायेगा. कहा कि इस विषय पर बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री से बात हुई है.
31 अक्तूबर 2017 को पटना में अधिकारियों के साथ बैठक बुलायी गयी है जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधिकारी भी शामिल होगें. जिला स्तरीय के अधिकारी को भी बैठक में भाग लेने का निर्देश डीएम को दिया गया है. बैठक में सभी विभाग के अधिकारियों के साथ झील के विकास को लेकर समेकित प्लान पर विचार होगा. योजनाओं की मंजूरी, राशि मुहैया कराने तक का सभी काम एक माह के भीतर पूरा कर झील विकास के वर्षो के सपना को जल्द से जल्द साकार किया जायेगा.उन्होंने जिला प्रशासन से झील अतिक्रमण को खाली कराने की उम्मीद करते हुए शहरवासियों से झील के विकास में सहयोग करने की अपील की.
मौके पर विधायक श्यामबाबू प्रसाद, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता, नप उपसभापति रवि भूषण श्रीवास्तव, डॉ लालबाबू प्रसाद, मार्तण्ड नारायण सिंह आदि उपस्थित थे. जलकुंभी की सफाई, डी-सिटिंग, मलजल उपचार, परिधीय नाली एवं फुटपाथ का निर्माण, झील किनारे पार्क का विकास, बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था, जगह-जगह प्लॉटिंग फव्वारा, लाइटिंग की व्यवस्था, वाटर स्पलाई एवं स्नेटरी कार्य सहित धोबी एवं स्नान घाट का निर्माण सहित 17 कार्य योजनाएं बनायी गयी हैं.
कम क्षति वाले किसान को भी एक हजार का अनुदान : केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि फसल अनुदान सहित बाढ़ राहत के लिए सरकार ने जिला को राशि उपलब्ध करायी है. इनमें फसल क्षति के लिए एक सौ आठ करोड़ का आवंटन प्राप्त है. कहा कि छोटे किसान की चिंता करते सरकार ने क्षति के लिए कम से कम एक हजार का अनुदान राशि तय किया है. वही किसानों को 33 प्रतिशत क्षति पर अनुदान देने की व्यवस्था लागू कर किसानों को राहत दी है.
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