मोतिहारी में डिजिटल जनगणना शुरू, अब घर बैठे ऑनलाइन भरें अपनी और परिवार की जानकारी

Published by :Paritosh Shahi
Published at :20 Apr 2026 5:46 PM (IST)
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मोतिहारी में डिजिटल जनगणना शुरू (AI फोटो)

Census 2027: मोतिहारी में जनगणना 2027 को आसान बनाने के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है. लोग 17 अप्रैल से खुद ही ऑनलाइन अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर रहे हैं. नगर आयुक्त ने भी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में इस डिजिटल प्रक्रिया से जुड़ने की अपील की.

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Census 2027: बिहार के मोतिहारी जिले में जनगणना की प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने के लिए स्व-गणना की शुरुआत कर दी गई है. मोतिहारी के लोग 17 अप्रैल से खुद ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर रहे हैं.

नगर निगम मोतिहारी क्षेत्र में चल रहे इस काम के तहत सोमवार को नगर आयुक्त आशीष कुमार ने खुद भी स्व-गणना कर लोगों को इसके लिए प्रेरित किया. उन्होंने नगर निगम क्षेत्र के सभी लोगों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्रक्रिया में शामिल हों.

फर्स्ट फेज में क्या होगा

नगर आयुक्त ने बताया कि भारत की जनगणना 2027 के तहत पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना का काम शुरू हो चुका है. 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक लोग खुद से स्व-गणना कर सकते हैं. इसके बाद 2 मई से 31 मई 2026 तक प्रगणक (Enumerator) घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे.

उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति स्व-गणना पूरी कर लेता है और उसे स्वीकृति मिल जाती है, तो उसे एक पंजीकरण संख्या दी जाती है. यह संख्या अपने प्रगणक को देने के बाद उससे कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा.

प्रोसेस जानिए

ऑनलाइन पंजीकरण के लिए इच्छुक लोग ऑफिसियल पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. वहां राज्य का चयन करने और कैप्चा भरने के बाद परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा. ध्यान रहे कि मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकता और एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल केवल एक ही परिवार के लिए होगा.

पंजीकरण के बाद मोबाइल पर आए एक बार उपयोग होने वाला कूट के जरिए प्रवेश करना होगा. इसके बाद जिला, पिन कोड और गांव या शहर की जानकारी भरनी होगी. पोर्टल पर दिए गए नक्शे में लाल निशान लगाकर अपने घर की सही जगह चिन्हित करना जरूरी है.

इसके बाद मकान सूचीकरण और आवास जनगणना से जुड़े सवालों के जवाब देने होंगे. पूरी प्रक्रिया के दौरान भाषा का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि बाद में इसे बदला नहीं जा सकता.

प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 अंकों की एक खास पहचान संख्या मिलती है, जो मैसेज और ईमेल के जरिए भेजी जाती है. इसे सुरक्षित रखना जरूरी है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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