थोक व खुदरा दुकानों से ग्राहक गायब
Updated at : 02 Jul 2017 12:42 AM (IST)
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जीएसटी . व्यवसायियों ने कहा, जानकारी नहीं हाेने के कारण कारोबार पर पड़ेगा असर आमजन व व्यवसायियों में है जागरुकता की कमी खाद्यान्न मंडी में एक सप्ताह से आवक प्रभावित मोतिहारी : देश में शुक्रवार की रात जीएसटी लागू होने के प्रभाव शनिवार को शहर के सर्राफा, गल्ला व कपड़ा दुकानों में देखने को मिला. […]
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जीएसटी . व्यवसायियों ने कहा, जानकारी नहीं हाेने के कारण कारोबार पर पड़ेगा असर
आमजन व व्यवसायियों में है जागरुकता की कमी
खाद्यान्न मंडी में एक सप्ताह से आवक प्रभावित
मोतिहारी : देश में शुक्रवार की रात जीएसटी लागू होने के प्रभाव शनिवार को शहर के सर्राफा, गल्ला व कपड़ा दुकानों में देखने को मिला. मीना बाजार व हेनरी बाजार स्थित थोक व खुदरा दुकानों से ग्राहक गायब रहे. जीएसटी को लेकर ग्राहकों के साथ-साथ दुकानदार भी संशय की स्थिति में रहे. हेनरी बाजार स्थित गल्ला व्यवसायियों का बाजार शांत रहा. दुकानदार अपने-अपने दुकानों में बैठे ग्राहकों का इंतजार करते रहे. लोगों के साथ दुकानदारों में भी जीएसटी को ले जागरूकता व की कमी दिखी. कहा कि जागरूकता अभियान चला जीएसटी लागू नहीं करनी चाहिए.
सर्राफा बाजार हुआ प्रभावित
जीएसटी को लेकर शहर का सर्राफा बाजार शनिवार को पूरी तरह प्रभावित रहा. दुकानों में ग्राहकों की संख्या काफी कम थी. दुकानदारों की माने तो जीएसटी के बारे में लोगों को पूरी जानकारी नहीं है, जिसके कारण ग्राहक खरीदारी करने से कतरा रहे हैं. रामभवन राम जमुना प्रसाद ज्वेलर्स के अमित कुमार ने बताया कि जीएसटी व्यवसायियों व ग्राहकों के लिए फायदेमंद है. बशर्ते लोग इसका सही उपयोग करें. जीएसटी के लागू होने के पहले एक हजार के गहने के लिए ग्राहक को 1010 रुपये देने पड़ते थे, अब 1030 रुपये देने होंगे. पहले ग्राहक एक प्रतिशत वैट देते थे, अब तीन प्रतिशत जीएसटी देना होगा. इसके अलावा उन्हें सर्विस टैक्स देना होगा. जीएसटी के लागू होने से व्यवसाय में पूरी पारदर्शिता रहेगी.
गल्ला मंडी में पुराने मूल्य पर हुई बिक्री : शहर के हेनरी बाजार स्थित गल्ला मंडी में आज सन्नाटा था. अत्यंत व्यस्त रहनेवाला गल्ला मंडी की सड़कें शनिवार को सुनसान थी. दाल व चावल मंडियों के दुकानदार अपने-अपने दुकान पर ग्राहक का इंतजार करते रहे. ऊं साईं ट्रेडर्स के थोक दाल विक्रेता ध्रूव प्रसाद ने बताया कि जीएसटी को लेकर बाहर से माल नहीं आ पा रहा है. लोगों को जीएसटी के बारे में पूरी जानकारी नहीं है. अभी जो माल है, उसे पुराने मूल्य पर बेचा जा रहा है. अरहर दाल थोक में छह हजार व खुदरा में 55 सौ रुपये प्रति क्विंटल, मसूर दाल 4700, चना दाल 7200, मूंग दाल 6500, चना खड़ा 5800, उड़द दाल 7500, मूंग खड़ा 6500, मटर 2900, बकला 2600 व हरा मटर 3600 रुपये प्रति क्विंटल बेचा जा रहा है.
जीएसटी के बारे में नहीं दी गयी जानकारी : गल्ला मंडी के चावल व्यवसायी सुजीत कुमार, बिंदा प्रसाद, वाल्मीकि प्रसाद, प्रदीप केसरी, बिंदा प्रसाद गुप्ता आदि ने बताया कि जीएसटी के बारे में व्यवसायियों को न कोई जानकारी दी गयी है और न ही इसके प्रति उन्हें जागरूक किया गया है. जीएसटी लागू हो गया पर अब इसका व्यवसाय पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह स्पष्ट नहीं हो सका है. हम व्यवसायियों के पास जो पूर्व में स्टॉक है, उसे पुराने मूल्य पर बेंच रहे है. बताया कि मंसूरी चावल 2500 रुपये प्रति क्विंटल, कतरनी चावल 3150 से 3200 रुपये व बासमती चावल छह हजार रुपये प्रति क्विंटल बेचा जा रहा है. दुकानदारों का कहना है कि जीएसटी बेहतर है पर इसके बारे में व्यवसायियों व ग्राहकों को पूरी जानकारी होनी चाहिए. जीएसटी को लेकर एक सप्ताह से खरीदारी बंद है. स्थिति स्पष्ट होने पर खरीदारी की जायेगी. वहीं विभाष सेल्स एजेंसी के हरेंद्र प्रसाद ने बताया कि जीएसटी लागू होने पर शुरू में व्यवसायियों को परेशानी बढ़ेगी पर बाद में सब कुछ ठीक हो जायेगा. अब सभी व्यवसाय जीएसटी से होंगे. चोरी नहीं होगी.
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