वीडियो बना लिए जाने के कारण ही शराब तस्करों ने की आरपीएफ जवान प्रमोद और जावेद की हत्या

Updated at : 22 Aug 2024 9:59 PM (IST)
विज्ञापन
वीडियो बना लिए जाने के कारण ही शराब तस्करों ने की आरपीएफ जवान प्रमोद और जावेद की हत्या

रेल पुलिस सूत्रों की माने तो आरक्षी प्रमोद कुमार और जावेद खान को शराब तस्करों ने इसलिए हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंक दिया

विज्ञापन

बक्सर. पंडित दीनदयाल जंक्शन-पटना रेल मार्ग पर मंगलवार की सुबह गहमर और करहिया स्टेशन के बीच बकैनिया गांव के समीप रेलवे ट्रैक से दो आरपीएफ के जवानों का बरामद शव ने यह साबित कर दिया कि शराब तस्करों के लिए सड़क मार्ग से सुरक्षित रेलवे मार्ग है़. रेल पुलिस सूत्रों की माने तो आरक्षी प्रमोद कुमार और जावेद खान को शराब तस्करों ने इसलिए हत्या कर शव ट्रैक किनारे फेंक दिया कि दोनों ने बाडमेर गुहावटी एक्सप्रेस में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर शराब ट्रेन की बोगी में रखते देख लिया था. वही जब ट्रेन पटना के लिए वहां से रवाना हुई, तो पंडित दीनदयाल यार्ड में भी चेनपुलिंग कर शराब लोड की. इसके बाद जैसे ही ट्रेन फिर खुलकर कुछमन पहुंची तो वहां पर भी शराब तस्करों ने ट्रेन की चेनपुलिंग कर शराब लोड की. जिसकी पूरी वीडियो आरपीएफ के जवान प्रमोद कुमार सिंह ने बना लिया. जो शराब तस्करों के लिए नागवार गुजरा. हालांकि रेलवे पुलिस सूत्रों का कहना है कि शराब तस्करों की गतिविधियों को मोबाइल में कैद करने की घटना का जावेद खान ने प्रमोद कुमार सिंह को मना किया. जावेद ने अपने साथ प्रमोद कुमार सिंह से कहा कि इससे हम लोगों को क्या लेना-देना है. हम लोग तो ड्यूटी में भी नहीं है. हम लोग तो मोकामा ट्रेनिंग करने जा रहे हैं. मगर प्रमोद कुमार सिंह नहीं माने. इसके बाद दोनों आरपीएफ जवानों को शराब तस्करों ने ट्रेन के बाथरूम में ले जाकर उनकी हत्या कर दी. रेल पुलिस सूत्रों की माने तो प्रमोद कुमार सिंह और जावेद खान बाडमेर गुहावटी एक्सप्रेस के बी-3 के सात नंबर बर्थ पर पंडित दीनदयाल जंक्शन स्टेशन से सवार हुए. मगर जिस बोगी के बाथरूम में ले जाकर उनकी हत्या की गयी. वह दूसरा बोगी था. अब ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि ये दोनों जवान दूसरे बोगी में क्या करने गए. हालांकि पंडित दीन दयाल जंक्शन से लेकर पटना और फतुहा स्टेशन तक ट्रेन के माध्यम से शराब तस्करी किया जाता है. जिसे रेलवे पुलिस भी स्वीकार कर रहा है. रेलवे पुलिस का कहना है कि पंडित दीन दयाल जंक्शन से पटना जाने वाली वैसी ट्रेनें जिनका ठहराव बक्सर और आरा में नहीं है. इन ट्रेनों की बोगियों में शराब तस्कर यूपी के पंडित दीनदयाल जंक्शन से लेकर कुछमन, सकलडीहा, धीना और दिलदार नगर से शराब तस्करी करते हैं. जिसमें तमाम स्टेशनों के जीआरपी की मिलीभगत होती है. रेलवे पुलिस की बातों को ही यदि सच माना जाए तो पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन स्टेशन के जीआरपी को एक दिन में शराब तस्करों से तकरीबन डेढ़ लाख रुपये की कमाई होती है. हालांकि शराब तस्करों से कमाई के मामले में डीडीयू से लेकर फतुहा स्टेशन के बीच में पड़ने वाले अन्य जीआरपी थानों को माहवारी बधी बधाई है. रेलवे के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एक साल पहले 28 सितंबर 2023 को कोटा-पटना एक्सप्रेस के एक कोच से शराब तस्करों के बीच आपस में टकराव हो गया. लिहाजा एक आदमी की कटी कलाई बक्सर स्टेशन तक पहुंची. उस मामले में बक्सर जीआरपी में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज कर ली गयी. मगर वह कलाई किसकी थी. अभी तक जीआरपी पता लगाने में नाकामयाब रही. हालांकि इस मामले में बक्सर जीआरपी के इंसपेक्टर विजयेंद्रग कुमार ने कहा कि उसकी समीक्षा कराते हैं.

आखिर कैसे होती है ट्रेन में शराब तस्करी

बिहार में शराबबंदी लागू होने के कारण गाहे-बगाहे ट्रेनों में शराब पकड़े जाने की खबरें अक्सर छपती रहती है. मगर दो आरपीएफ जवानों प्रमोद कुमार सिंह और जावेद खान की मौत शराब तस्करों के द्वारा कर दिए जाने के कारण अब यह एक यक्ष प्रश्न बन गया है कि आखिर ट्रेनों में शराब की तस्करी कैसे होती है. इस बारे में नाम नहीं छापने की शर्त पर ही रेलवे पुलिस का कहना है कि पटना, फतुहा, आरा और बक्सर के शराब तस्कर इस धंधे में एक सिंडिकट बना लिए हैं. बक्सर के शराब धंधेबाज बिना पैसा लगाये हर रोज काफी कमाई करते हैं. उनका काम बस यह होता है कि जैसे डीडीयू से शराब जिस ट्रेन में लोड होती है, उस ट्रेन की बोगी और किस बर्थ के नीचे शराब छिपाकर रखा है, उसकी जानकारी बक्सर में बैठे अपने आका को देते हैं. वह ट्रेन जैसे ही बक्सर पहुंचती है आका अपने बीस-पच्चीस आदमियों के साथ उस ट्रेन के बोगी में चढ़ जाते हैं और बलपूर्वक शराब छीन कर उतर जाते हैं. हां यह छीनने वाला काम आरा, पटना और फतुहा में नहीं होता है. यही कारण है कि आरा, पटना और फतुहा के शराब तस्कर डीडीयू से वैसी ही ट्रेनों में शराब रखते हैं, जिनका ठहराव बक्सर में नहीं होता है. रेल पुलिस की माने तो हालांकि शराब छीनने के मामले में ही 8 सितंबर 2023 को कोटा-पटना एक्सप्रेस के एक बोगी से शराब गिरोह में संलिप्त माफियाओं ने एक शराब तस्कर की हत्या कर गहमर स्टेशन के समीप ट्रेन से फेंक दिया था. जिसकी एक कटी हुई कलाई पटना कोटा एक्सप्रेस के एक बोगी से बक्सर स्टेशन बरामद किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन