ePaper

मौसम की मार से प्याज का फसल हुआ बर्बाद, किसान हुए मायूस

Updated at : 05 May 2024 9:30 PM (IST)
विज्ञापन
मौसम की मार से प्याज का फसल हुआ बर्बाद, किसान हुए मायूस

बेमौसम बारिश एवं बढ़ते तापमान के कारण प्याज फसल बर्बाद होने का असर क्षेत्र में दिखने लगा है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार व्यापक पैमाने पर प्याज का उत्पादन नहीं होने से इसकी कीमतें बढ़ती जा रही है

विज्ञापन

राजपुर. बेमौसम बारिश एवं बढ़ते तापमान के कारण प्याज फसल बर्बाद होने का असर क्षेत्र में दिखने लगा है. ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार व्यापक पैमाने पर प्याज का उत्पादन नहीं होने से इसकी कीमतें बढ़ती जा रही है. प्रखंड क्षेत्र के बिजौली, हेठुआ, उत्तमपुर ,सिसराढ़, संगराव, मंगराव, देवढिया, हरपुर, अकोढ़ी, बन्नी, हंकारपुर के अलावा अन्य गांव में किसान व्यापक पैमाने पर पिछले कई वर्षों से प्याज की खेती कर रहे हैं. हालांकि पिछले तीन वर्ष पूर्व प्याज फसल का उत्पादन अच्छा हुआ. जिससे किसानों को उम्मीद जगी थी कि अब आर्थिक हालात सुधर जाएंगे.पिछले वर्ष 2023 में प्याज का फसल तैयार होते ही बेमौसम हुई बारिश से अधिकतर प्याज खेतों में ही सड़कर बर्बाद हो गया. जिसमें किसानों की कमर टूट गई. फिर भी किसानों ने हिम्मत नहीं हारी. अधिकतर किसान बटाई पर खेत लेकर किए थे .जिनको कर्ज चुकाना भी महंगा पड़ गया. खेत की नर्सरी से फसल उत्पादन तक प्रति बीघा लगभग 15-20 हजार रुपये खर्च किया. फिर भी लागत के अनुरूप फसल का उत्पादन नहीं हुआ. इस बार अधिकतर किसानों ने प्याज का खेती बहुत कम किया है. इस बार समय पर खेतों में प्याज की रोपाई की गई थी. बावजूद मौसम की मार झेल रहे किसान इस बार भी इसकी चपेट में आ गए. प्याज की रोपाई होने के कुछ ही दिन बाद बे मौसम हुई बारिश से फसलों की वृद्धि रुक गई. तब तक मौसम में हो रहे लगातार परिवर्तन से इसके फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ गया. तापमान में गिरावट एवं हुई अचानक वृद्धि से इसके पौधे पीले होने लगे.खेतों में समय पर प्याज में गांठ नहीं होने से किसान मायूस हो गए. अब एक सप्ताह बाद प्याज की कोड़ाई शुरू हो जाएगी. किसान इस बार भी काफी मायूस हो गए हैं. खेती करने वाले बिजली के किसान संतोष सिंह, अरबिंद सिंह, संगराव के किस मिथिलेश सिंह ,राकेश सिंह क्षेत्र के प्रगतिशील किसान मिथिलेश पासवान, मनोज सिंह के अलावा अन्य किसानों ने बताया कि फसल बर्बाद होने के बाद भी इसका सही आकलन कर किसानों को इसका मुआवजा नहीं मिलता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन