राज्यसभा चुनाव वोटिंग 16 मार्च को, नामों पर सस्पेंस,जदयू से रामनाथ तय,निशांत पर आज फैसला

तेजस्वी यादव, पवन सिंह, निशांत और उपेन्द्र कुशवाहा
Bihar Rajya Sabha Election: बिहार से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है, नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है और 3-4 मार्च को होली की छुट्टी के कारण राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है. सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष, दोनों खेमों में नामों को लेकर मंथन जारी है.
Bihar Rajya Sabha Election: 16 मार्च को होने वाले इस चुनाव ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है. क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति के मैदान में उतरने वाले हैं? जेडीयू के भीतर से जिस तरह की मांग उठी है, उसने न केवल विपक्ष बल्कि एनडीए के सहयोगियों को भी चौंका दिया है.
महागठंबधन के तरफ से तेजस्वी यादव और हीना सहाब पर चर्चा चल रही है. 5 मार्च को नामांकन की आखिरी तारीख है और उससे ठीक पहले बिहार की पांच सीटों के लिए शह-मात का खेल अपने चरम पर पहुंच गया है.
जदयू का पहला नाम तय, दूसरी सीट पर सस्पेंस
सत्ताधारी दल जनता दल (यूनाइटेड) ने केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को फिर से राज्यसभा भेजने का मन बना लिया है. उनका नामांकन 5 मार्च को होने की चर्चा है. दूसरी सीट को लेकर पार्टी के भीतर नई चेहरे की तलाश है. इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है.
निशांत की राजनीति में औपचारिक एंट्री को लेकर पार्टी के भीतर माहौल बनता दिख रहा है. जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि निशांत को पार्टी में आकर काम करना चाहिए. महासचिव श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने तो उन्हें राज्यसभा भेजने की खुली वकालत कर दी है. हालांकि अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को लेना है.
भाजपा की दो सीटें, कई नामों पर चर्चा
एनडीए सहयोगी भारतीय जनता पार्टी के हिस्से दो सीटें आनी तय मानी जा रही हैं. पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने में जुटा है. बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और भोजपुरी गायक पवन सिंह के नाम चर्चा में हैं.
उपेंद्र कुशवाहा का मामला पेचीदा बना हुआ है. उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा एनडीए में है, लेकिन उनकी राज्यसभा सदस्यता समाप्त हो रही है. वे दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं.
विपक्ष की रणनीति और संख्या का गणित
मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने भी अभी तक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का नाम चर्चा में है. साथ ही मौजूदा सांसद प्रेमचंद्र गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह भी दावेदार माने जा रहे हैं. अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव लेंगे.
हालांकि महागठबंधन के पास केवल 35 विधायक हैं, जबकि जीत के लिए 41 वोट जरूरी हैं. ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों का समर्थन अहम हो सकता है.
क्या इस बार होगा मुकाबला?
बिहार में लंबे समय से राज्यसभा चुनाव निर्विरोध होते आए हैं. लेकिन इस बार अगर एनडीए पांच और विपक्ष एक उम्मीदवार मैदान में उतारता है तो मुकाबला तय माना जा रहा है. होली के बाद राजनीतिक रंग और गहरा होगा, क्योंकि नामांकन की घड़ी करीब है और सियासी गणित हर दिन नया मोड़ ले रहा है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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