बिहार में कचरा प्रबंधन को लेकर लागू होगी नई व्यवस्था, शहरों में कचरे के पृथक्करण और पुनर्चक्रण को लेकर लगेंगे नए प्लांट…
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 11 Aug 2024 3:05 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर
Bihar News: पटना में कचरा प्रबंधन को लेकर अगले माह यानि सितंबर से नई व्यवस्था लागू हो सकती है. शहरों की भौगोलिक स्थिति व आबादी को ध्यान में रखते हुए निकायवार कचरा प्रबंधन की योजना लागू की जाएगी. इसके तहत बड़े शहरों में कचरे के पृथक्करण (segregation) और पुनर्चक्रण (प्रोसेसिंग) को लेकर नए प्लांट लगेंगे.
Bihar News: पटना में कचरा प्रबंधन को लेकर अगले माह यानि सितंबर से नई व्यवस्था लागू हो सकती है. शहरों की भौगोलिक स्थिति व आबादी को ध्यान में रखते हुए निकायवार कचरा प्रबंधन की योजना लागू की जाएगी. इसके तहत बड़े शहरों में कचरे के पृथक्करण (segregation) और पुनर्चक्रण (प्रोसेसिंग) को लेकर नए प्लांट लगेंगे. वहीं, छोटे-छोटे शहरों का क्लस्टर बना कर उनमें कचरा प्रबंधन का उपाय होगा.
क्लस्टर में शामिल नगर निकायों में से ही किसी एक निकाय को नोडल बना कर उनको संबंधित निकायों में कचरा प्रबंधन की योजनाएं चलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. ठोस कचरा प्रबंधन पर हुई राष्ट्रीय कार्यशाला के बाद विभाग को ऑब्जर्वेशन टीम से कुछ अनुशंसाएं मिली हैं. इनके आधार पर इस महीने तक निकायों में कचरा प्रबंधन की योजनाएं लागू किये जाने को लेकर रोडमैप तैयार कर सितंबर से उसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा.
रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल प्लांट और कंपोस्ट प्लांट को लेकर तैयार हो रही है योजना
जानकारी के अनुसार पटना के बैरिया में बायो मेथेनेशन प्लांट लग सकता है, जिससे उत्पन्न होने वाले बायोगैस से बिजली बनाई जा सकती है. वहीं, पटना सहित कुछ प्रमुख शहरों में मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी प्लांट लगा कर इनसे रोजाना कई टन कचरे की प्रोसेसिंग कराई जा सकती है.
कई निकायों में विभिन्न क्षमता के रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल प्लांट और कंपोस्ट प्लांट को लेकर भी योजना तैयार हो रही है. कचरा प्रबंधन के चार महत्वपूर्ण चरणों में कचरे का उठाव, उसका वर्गीकरण, उसकी प्रोसेसिंग और उसका निबटान शामिल है.
बिहार में 11 फीसदी कचड़ा की हीं हो पाती है प्रोसेसिंग
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बिहार में हर दिन 6500 से 6800 मीट्रिक टन कचरा हर दिन निकलता है. लेकिन, इनमें से मात्र 11 फीसदी की ही प्रोसेसिंग हो पाती है. बाकी कचरा लैंडफिल में चला जाता है, जिसके चलते अधिकतर शहरों में कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ दिखते हैं. इसको देखते हुए शहरों में निकलने वाले कचरे की मात्रा के हिसाब से उसके प्रबंधन को लेकर टेक्नोलॉजी का चयन होगा.
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक राज्य में कुल 24 क्लस्टर बनाये जा चुके हैं. पटना क्लस्टर में पटना महानगर क्षेत्र के 12 नगर निकाय बिहटा, दानापुर, खगौल, फुलवारीशरीफ, फतुहा, मनेर, मसौढ़ी, नौबतपुर, पुनपुन, संपतचक एवं बख्तियारपुर को शामिल किया गया है.
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