Bihar News: बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे एआई कैमरे वाले स्मार्ट पोल, 10 हजार युवाओं को मिलेगी खास ट्रेनिंग

Updated at : 10 Jan 2026 10:07 AM (IST)
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Bihar News: बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में लगेंगे एआई कैमरे वाले स्मार्ट पोल, 10 हजार युवाओं को मिलेगी खास ट्रेनिंग

Smart poles with AI cameras will be installed in industrial areas in Bihar

Bihar News: अब उद्योगों की निगरानी, सुरक्षा और सेवाएं इंसानी आंखों से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होंगी.मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों को स्मार्ट शेल्टर और एआई तकनीक से लैस करने का बड़ा प्लान साझा किया है.

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Bihar News: बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में जल्द ही एआई कैमरा युक्त स्मार्ट पोल और स्मार्ट शेल्टर लगाए जाएंगे. इसकी शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनिंदा इंडस्ट्रियल जोन से होगी. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उद्योग वार्ता के दौरान साफ किया कि बिहार अब डिजिटल गवर्नेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए प्रशासन और औद्योगिक ढांचे को स्मार्ट बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा. केरल के सबरीमाला में लागू स्मार्ट शेल्टर और स्मार्ट पोल मॉडल को बिहार में अपनाने की तैयारी है.

सबरीमाला मॉडल से बिहार को स्मार्ट बनाने की तैयारी

एयोरू इंटरप्राइजेज के संस्थापक पृथ्वी मड्डिराला ने बैठक में केरल के सबरीमाला में लागू स्मार्ट शेल्टर और एआई आधारित स्मार्ट पोल का मॉडल प्रस्तुत किया. इस मॉडल में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, निगरानी और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है.

मुख्य सचिव ने इसे बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बेहद उपयोगी बताया और इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की स्वीकृति दी.

औद्योगिक जोन में बढ़ेगी सुरक्षा और निगरानी

स्मार्ट पोल में लगे एआई कैमरे औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे. इससे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान, ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण, तथा आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया संभव हो सकेगी. अधिकारियों का मानना है कि इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार का औद्योगिक वातावरण अधिक सुरक्षित और संगठित बनेगा.

बिहार में बनेगा मजबूत एआई इकोसिस्टम

बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और बिहार को भी तकनीकी रूप से आगे बढ़ना होगा. राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि एआई का उपयोग प्रशासन, शिक्षा, उद्योग और जनसेवा हर स्तर पर किया जाए. उन्होंने कहा कि एआई केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की प्रशासनिक रीढ़ बनेगा.

युवाओं को मिलेगा एआई का प्रशिक्षण

गूगल इंडिया के प्रतिनिधि राजेश रंजन ने बिहार के युवाओं को एआई के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत छह महीने में लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है. यह कार्यक्रम कॉलेजों में भी चलाया जाएगा. मुख्य सचिव ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए इसे कौशल विकास के लिहाज से बड़ा अवसर बताया.

शिक्षा और जनसेवा में एआई का विस्तार

अजयन कंसल्टिंग के अजय सिंह और आनंद कुमार ने एआई के जरिए शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के प्रस्ताव रखे. वहीं स्काईक्वेस्ट की सीईओ श्रिया दामिनी ने व्हाट्सएप के माध्यम से 24×7 सरकारी सेवाओं और सूचनाओं की उपलब्धता का मॉडल प्रस्तुत किया, जिस पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

बिहार बनेगा टेक्नोलॉजी फ्रेंडली राज्य

उद्योग वार्ता में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, स्टार्टअप फंडिंग और औद्योगिक समस्याओं के ऑन-स्पॉट समाधान जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. संकेत साफ हैं कि बिहार अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि एआई और आधुनिक तकनीक के जरिए खुद को एक स्मार्ट और इनोवेशन फ्रेंडली राज्य के रूप में स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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