मूल्यांकन व प्रायोगिक परीक्षा का बहिष्कार जारी

Published at :13 Apr 2017 5:14 AM (IST)
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मूल्यांकन व प्रायोगिक परीक्षा का बहिष्कार जारी

आक्रोश . शिक्षकों ने सरकार पर जान- बूझकर परेशान करने का लगाया आरोप आरा : वित्तरहित शिक्षा संयुक्त मोरचा द्वारा 28 वें दिन भी धरना प्रदर्शन किया गया एवं उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन सहित प्रायोगिक परीक्षा के बहिष्कार का कार्यक्रम जारी रहा. इस अवसर पर शिक्षक नेताओं ने कहा कि अब तक सरकार के द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं […]

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आक्रोश . शिक्षकों ने सरकार पर जान- बूझकर परेशान करने का लगाया आरोप

आरा : वित्तरहित शिक्षा संयुक्त मोरचा द्वारा 28 वें दिन भी धरना प्रदर्शन किया गया एवं उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन सहित प्रायोगिक परीक्षा के बहिष्कार का कार्यक्रम जारी रहा. इस अवसर पर शिक्षक नेताओं ने कहा कि अब तक सरकार के द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर किये जा रहे सभी उपाय असफल हो गये हैं. शिक्षक पूरी तरह संगठित हैं तथा संगठित होकर वित्तरहित शिक्षक, नियोजित शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक,
सीबीएसइ शिक्षक एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों ने सरकार के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. सरकार जान- बूझकर शिक्षकों को परेशान कर रही है. शिक्षक लगातार काम कर रहे हैं, पर इसके बदले उन्हें सम्मानजनक वेतन भी नहीं दिया जा रहा है. जबकि मंत्रियों पर करोड़ों खर्च किया जा रहा है. शिक्षा के बिना समाज का विकास तथा समाज के विकास के बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है. नेताओं ने कहा कि सरकार के पास शिक्षकों की पांच सूत्री मांगें मानने के अलावा कोई विकल्प बाकी नहीं रह गया है.
इसे लेकर विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह से मिल कर शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा. वहीं मांगों को लेकर शिक्षकों द्वारा धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा. इस अवसर पर प्राचार्य अजय कुमार सिंह, विश्वनाथ राय, राजेंद्र ओझा, शत्रुघ्न कुमार, मुरारी पांडेय, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जय किशोर सिंह, अर्चना पांडेय, ललन प्रसाद वर्मा, लखन लाल गुप्त, आरती कुमारी, छबिला राय, विमल राय, पंकज पांडेय, सीमा कुमारी, अनिता कुमारी मिश्र, विश्वनाथ ठाकुर आदि उपस्थित थे.
प्राथमिक शिक्षक संघ ने बनायी आंदोलन की रणनीति : पीरो. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने वृहद रणनीति बनायी है. इस संबंध में संघ के राज्य प्रतिनिधि परमात्मा पांडेय व मो नसीरुद्दीन अंसारी ने बताया कि सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा को केंद्र की भांति 1 जनवरी, 2016 से लागू करने, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में समान कार्य के लिए समान वेतन देने, पुरानी पेंशन योजना को फिर से शुरू करने और नयी पेंशन योजना वापस लेने, प्रारंभिक शिक्षक आयोग का गठन करने, नियोजित शिक्षकों के लिए सेवाशर्त नियमावली जारी करने, राज्य के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक व स्नातक शिक्षकों का पदस्थापन करने, उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन कोषागार के माध्यम से भुगतान करने, मध्य विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों का पदस्थापन करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जायेगा. इसके तहत 25 अप्रैल को पूरे राज्य में प्रखंड मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन व प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जायेगा. इधर प्रस्तावित आंदोलन को सफल बनाने के लिए उक्त शिक्षक प्रतिनिधियों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है.
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