वर्षों बाद भी शहर में नहीं बना नाला उदासीनता . जलनिकासी की नहीं है व्यवस्था

Published at :10 Jan 2017 4:14 AM (IST)
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वर्षों बाद भी शहर में नहीं बना नाला उदासीनता . जलनिकासी की नहीं है व्यवस्था

पकड़ी से लेकर जज कोठी तक नहीं हुआ नाले का निर्माण आरा : आरा को नगर निगम बने नौ वर्ष से अधिक बीत गये, पर अब भी नगरवासियों को मानक के अनुसार नाले की सुविधा नहीं मिल पायी है, नतीजा जलनिकासी नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. मुहल्ले की नालियों […]

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पकड़ी से लेकर जज कोठी तक नहीं हुआ नाले का निर्माण

आरा : आरा को नगर निगम बने नौ वर्ष से अधिक बीत गये, पर अब भी नगरवासियों को मानक के अनुसार नाले की सुविधा नहीं मिल पायी है, नतीजा जलनिकासी नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. मुहल्ले की नालियों की बात छोड़ दें, मुख्य सड़कों के किनारे के नाले भी नगरपालिका युग की याद दिला रही है. नगर निगम बनने के बाद नगरवासियों को उम्मीदें बढ़ी थीं कि उन्हें स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, पर उन्हें तोहफे के तौर पर कर में बढ़ोतरी के सिवा कुछ हासिल नहीं हुआ. केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना में आरा को भी शामिल किया गया है, परंतु इसका स्वरूप भी लोगों को कभी देखने को मिलेगा, इस पर नगरवासियों को संदेह है. पकड़ी चौक से जज कोठी तक बनाये जानेवाले नाले की स्थिति ऐसी है कि विगत तीन वर्षों के बाद भी निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया, जबकि दूरी महज 1200 फुट के आसपास है.
2014 से ही चल रहा है निर्माण कार्य : पकड़ी चौक से जज कोठी मोड़ तक मुख्य सड़क के किनारे बननेवाले नाले का निर्माण वर्ष 2014 से ही शुरू है, पर अब तक पूरा नहीं हो पाया. अभी महज तीन सौ फुट नाले का ही निर्माण हो पाया है, वह भी बेतरतीब तरीके से. कहीं नाले की चौड़ाई अधिक है, तो कहीं कम. उसके आगे नाले की स्थिति अति दयनीय है. पानी भरे होने के कारण कभी -कभी तो नाले के किनारे की मिट्टी उसमें गिर जाती है, जिससे पानी की निकासी बंद हो जाती है.
नाला जाम होने से सड़क पर पसर जाता है पानी : नाले के प्राय: जाम हो जाने के कारण सड़क पर पानी पसर जाता है, जबकि मुख्य सड़क होने के कारण इस पर काफी आवागमन बना रहता है. यहां प्रति मिनट लगभग 10 से अधिक वाहन गुजरते हैं. वहीं, काफी मात्रा में पैदल यात्री भी आवाजाही करते हैं. इतनी व्यस्त सड़क पर पानी लग जाने के बाद पैदल यात्रियों के साथ वाहनचलकों को भी काफी कठिनाई झेलनी पड़ती है. नाले का गंदा पानी से लोगों का आना-जाना काफी मुश्किल भरा होता है.
तीन लाख 48 हजार 200 रुपये से बनना था नाला
पकड़ी चौक से 300 फुट की दूरी तक नाले के निर्माण के लिए तीन लाख 48 हजार 200 रुपये की राशि अनुमोदित की गयी थी, पर निर्माण कार्य की स्थिति काफी दयनीय है. उससे आगे के नाले का निर्माण लगभग तीन वर्षों के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जबकि दो माह का समय ही निर्धारित किया गया था.
नाले के अभाव में खुले में बह रहा घरों का गंदा पानी.
नाले के निर्माण में हो रही देरी
नाले के निर्माण में काफी देर हो रही है. इसमें कई तरह की गड़बड़ियां भी हैं. इस कारण घर का गंदा पानी निकालना काफी मुश्किल भरा रहता है.
प्रो विजय शंकर सिंह
नगर निगम बनने के बाद भी लोगों को स्तरीय सुविधा नहीं मिल पायी है़ निगम का दर्जा पाये हुए नौ वर्ष से अधिक का समय बीत गया है. जो उम्मीदें लोगों में जगी थीं, वह अब टूटने लगी है.
हरिहर ठाकुर
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना के तहत आरा का चुनाव किस आधार पर किया गया, यह समझ से परे की बात है.
अमर भूषण
सरकार निगम के नाम पर कर में बढ़ोतरी करती जा रही है, पर सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं. इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है़ इस पर ध्यान देने की जरूरत है.
अरविंद कुमार
जल्द की जायेगी कार्रवाई
नाले का निर्माण महत्वपूर्ण विषय है. इस पर जल्द ही कार्रवाई की जायेगी. इसका निर्माण अविलंब कराया जायेगा, ताकि लोगों को परेशानी से मुक्ति मिल सके. नगर निगम लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
प्रमोद कुमार, नगर आयुक्त
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