ePaper

bhagalpur news. बापू की हत्या आजाद भारत की पहली आतंकवादी घटना, राष्ट्रपिता के सहारे देश को मिली थी आजादी

Updated at : 31 Jan 2026 12:44 AM (IST)
विज्ञापन
bhagalpur news. बापू की हत्या आजाद भारत की पहली आतंकवादी घटना, राष्ट्रपिता के सहारे देश को मिली थी आजादी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर जिले के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग आयोजन हुआ. कहीं प्रार्थना सभा, तो कहीं संकल्प सभा व कहीं विचार गोष्ठी आयोजित की गयी

विज्ञापन

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर जिले के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग आयोजन हुआ. कहीं प्रार्थना सभा, तो कहीं संकल्प सभा व कहीं विचार गोष्ठी आयोजित की गयी. वहीं पूर्व विधायक सह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में पुष्पांजलि सभा हुई. पूर्व विधायक ने राष्ट्रपिता को पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि आज के ही दिन बापू की हत्या आरएसएस के समर्थक नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर कर दी थी. यह आजाद भारत की पहली आतंकवादी घटना थी. गांधीजी की हत्या उस विचारधारा की हत्या थी, जिसके सहारे उन्होंने देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलायी थी. आज गांधीजी के हत्यारों की विचारधारा देश की सत्ता पर काबिज है. देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटना चाहती है. हमें ऐसी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है. इस देश की एकता और अखंडता की रक्षा तभी संभव है, जब सभी लोग गांधी जी के बताये रास्ते पर चलेंगे.

मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि डॉ अभय आनन्द, विपिन बिहारी यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सोइन अंसारी, सौरव पारीक, डॉ अभिषेक चौबे, इंटक अध्यक्ष रवि कुमार, डॉ अभिषेक चौबे, मो महताब खान, सैफ बिन मल्लिक, बंटी दास, पार्षद जाबीर अंसारी, नेजाहत अंसारी, नगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष आरती सिंह, ज्योति देवी, मीनाक्षी रायल, खुशबू कुमारी, प्रदीप कुमार, संजय साह आदि उपस्थित थे.

गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन

गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र भागलपुर की ओर से काजीवलीचक स्थित कार्यालय में शुक्रवार को महात्मा गांधी शहादत दिवस पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन अध्यक्ष प्रकाशचंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई. मुख्य वक्ता साहित्यकार डॉ सुजाता चौधरी थीं, तो मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति डॉ फारूक अली व विशिष्ट अतिथि डॉ मनोज कुमार, प्रसून लतांत थे. इसी क्रम में गांधीवादी चिंतक पुरुषोत्तम अग्रवाल का ऑनलाइन संबोधन हुआ.

कहा कि आज कुछ लोग मजबूरी का नाम महात्मा गांधी बताते हैं, लेकिन गांधीजी मजबूरी के प्रतीक ही नहीं अपितु साहस, निर्भयता, सम्मान और प्रतिकार के प्रतिमूर्ति थे. उसे यूं कहें कि मजबूरी नहीं, मजबूती का नाम महात्मा गांधी है. मुख्य वक्ता डॉक्टर सुजाता चौधरी ने कहा कि आज नफरत फैलाकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने का प्रयास हो रहा है. उज्जैन कुमार मालू, मो फारूक आजम, अरविंद कुमार राम, सोहन दास, जीनी हमीदी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. कार्यक्रम का संचालन संजय कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील अग्रवाल ने किया. मौके पर अनीता शर्मा, वीणा सिन्हा, अर्चना पटेल, राजकुमार, ऐनुल होदा, मो शाहबाज, मो बाकिर हुसैन, कुमार संतोष सोहिल दास, वकील प्रसाद सिंह, कुमार संतोष, महेंद्र दास, जयप्रकाश महंत, मो फिरोज, ललन, मनोज, मोहिनी कुमारी, सोनाक्षी, कशिश, अंजलि, साक्षी, प्रीति, रिया, अनुराधा, श्वेता, प्रियंका, रिद्धि सिद्धि, अर्चना पाटिल आदि उपस्थित थे.

स्वाभिमान ने किया कार्यक्रम

स्वाभिमान ने मंदरोजा में बलिदान दिवस पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी. संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी ने अध्यक्षता की. रंजन कुमार राय ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी सत्य, अहिंसा के पुजारी थे. प्रेम कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रपिता का विचार आज भी प्रासंगिक है. मौके पर राजीव रंजन, गोपाल जी, नवल किशोर सिंह, राजेश झा, शिवम कुमार और अजय शंकर उपस्थित थे.

विज्ञापन
ATUL KUMAR

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन