Bhagalpur news 11 महीने से एनओसी के पेंच में फंसी गंगा रिवर फ्रंट परियोजना

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Bhagalpur news 11 महीने से एनओसी के पेंच में फंसी गंगा रिवर फ्रंट परियोजना

गंगा रिवर फ्रंट की तर्ज पर सुलतानगंज में बन रहा सीढ़ी घाट, पक्का घाट और चैनल निर्माण से सालों भर उत्तरवाहिनी गंगा का स्वरूप सुनिश्चित होना है. काम पिछले 11 महीनों से ठप है.

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गंगा रिवर फ्रंट की तर्ज पर सुलतानगंज में बन रहा सीढ़ी घाट, पक्का घाट और चैनल निर्माण से सालों भर उत्तरवाहिनी गंगा का स्वरूप सुनिश्चित होना है. काम पिछले 11 महीनों से ठप है. काम बंद होने से स्थानीय लोगों में सवाल उठ रहा है कि ड्रीम प्रोजेक्ट आखिर कब शुरू होगा. श्रावणी मेला पांच माह बाद शुरू होगा. निर्माण रुकने की मुख्य वजह वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस (एनओसी) का लंबित रहना है. सुलतानगंज विधायक प्रो ललित नारायण मंडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की. विधायक ने स्पष्ट किया कि केंद्र से एनओसी नहीं मिलने से महीनों से काम ठप है. मुख्यमंत्री ने तुरंत जल संसाधन मंत्री को आवेदन अग्रसारित कर अविलंब एनओसी दिलाने के निर्देश दिये हैं. विधायक ने बताया कि मुख्य सचिव को भी प्रतिलिपि भेज कर दिल्ली स्तर पर वाइल्ड लाइफ से मंजूरी के लिए तेज पहल का निर्देश दिया है, ताकि श्रावणी मेला से पहले कार्य शुरू हो सके. इधर कार्य स्थल पर बुधवार को प्रभात खबर टीम पहुंची, तो सभी मशीनरी सामान बंद था. कुछ पक्की सीढ़ी बना हुई है, बाकी फाउंडेशन का सरिया निकला पाया गया.अधिक विलंब होने पर गुणवत्ता में भी असर की संभावना है.

126 करोड़ की परियोजना, केंद्र की मंजूरी बाकी

विधायक ने बताया कि 21 मार्च 2025 को एनओसी के लिए फाइल भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी गयी थी. बिहार सरकार की ओर से प्रक्रिया पूरी कर दी गयी है, अब केंद्र स्तर पर अनुमोदन लंबित है. मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू करा दिया जायेगा.

गंगा तट को मिलेगा नया लुक, सालों भर रहेगा गंगा का उत्तरवाहिनी स्वरूप

11 दिसंबर से शुरू परियोजना 18 महीनों में पूरी होनी थी. तीन माह काम होकर बंद कर दिया. करीब 126 करोड़ रुपये की लागत से उत्तरवाहिनी गंगा किनारे चैनल और पक्का घाट बनेंगे. चेंजिंग रूम, टॉयलेट, बैठने की व्यवस्था, रोशनी, धूप-बारिश से बचाव जैसे आधुनिक इंतजाम इसमें शामिल हैं. परियोजना से सुलतानगंज के गंगा तट का सौंदर्यीकरण होगा. आकर्षक लुक और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. परियोजना पूरी होने पर सालों भर गंगा का उत्तरवाहिनी स्वरूप रहेगा और पक्का घाट से श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी. अब सबकी निगाहें केंद्र से मिलने वाली एनओसी पर टिकी हैं. मंजूरी मिलते ही सुलतानगंज का ड्रीम प्रोजेक्ट फिर से रफ्तार पकड़ने को तैयार है.

प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं

लगभग एक किमी लंबा पक्का घाट

चेंजिंग रूम व बैठने की व्यवस्थाकृष्णगढ़ से अजगैवीनाथ मंदिर पुल तक करीब 30 मीटर चौड़ी सड़क

15 मीटर बालू, 2.5-2.5 मीटर फेबर ब्लॉक और 10 मीटर पीसीसी रोड

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Jitendra Tomar

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By Jitendra Tomar

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