प्राइवेट अस्पतालों की छुट्टी! रांची मंडल रेल अस्पताल बना 'सुपर स्पेशियलिटी', अब इन 2 बीमारी का भी होगा इलाज

Published by :Sameer Oraon
Published at :15 Apr 2026 6:51 AM (IST)
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Ranchi Railway Hospital

रांची मंडल रेल अस्पताल में गैस्ट्रो और यूरोलॉजी का भी होगा इलाज, Pic Credit- AI

Ranchi Railway Hospital: रांची रेल मंडल के हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अच्छी खबर है. मंडल रेल अस्पताल अब आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से लैस हो गया है. नई गैस्ट्रो और यूरोलॉजी यूनिट के साथ-साथ अब यहां 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है.

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Ranchi Railway Hospital, रांची (राजेश झा की रिपोर्ट): रांची मंडल रेल अस्पताल अब अपने मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है. डीआरएम करुणानिधि सिंह ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अस्पताल में चरणबद्ध तरीके से नई चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. इसी कड़ी में हाल ही में अस्पताल में गैस्ट्रो और यूरोलॉजी जैसी महत्वपूर्ण स्पेशियलिटी यूनिट्स के साथ-साथ अल्ट्रासाउंड सेवा भी शुरू की गई है. इन नई सुविधाओं के जुड़ने से अस्पताल में इलाज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है.

बाहर रेफर होने वाले मरीजों में भारी कमी

नई चिकित्सा यूनिट्स के शुरू होने का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव यह पड़ा है कि अब मरीजों को निजी या बड़े अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत काफी कम हो गई है. आंकड़ों के अनुसार, पहले हर महीने लगभग 50 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजा जाता था, लेकिन अब यह संख्या घटकर 20 से 25 के बीच रह गई है. स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और मशीनों की उपलब्धता होने से मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित हो पा रहा है.

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35 हजार लाभार्थियों को मिलेगी बड़ी राहत

मंडल रेल अस्पताल पर केवल कार्यरत कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों की भी बड़ी जिम्मेदारी है. वर्तमान में यहां लगभग सात हजार कार्यरत रेलकर्मी और 28 हजार पेंशनभोगी पंजीकृत हैं. डीआरएम ने बताया कि नई सुविधाओं से इन 35 हजार लाभार्थियों को एक ही छत के नीचे इलाज मिलेगा, जिससे उन्हें महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इससे मरीजों की आर्थिक और मानसिक परेशानी भी काफी हद तक कम हुई है.

24 घंटे एंबुलेंस और आपातकालीन सेवा

अस्पताल के विस्तार के साथ-साथ रांची हेल्थ यूनिट में अब 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा भी अनिवार्य रूप से शुरू कर दी गई है. इससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में रेलकर्मियों या उनके परिजनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा. रेलवे प्रशासन का लक्ष्य अस्पताल को और अधिक सुदृढ़ बनाना है ताकि भविष्य में रेफरल दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके. इस पहल से पूरे रांची रेल मंडल में खुशी का माहौल है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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