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बिहार के इस जिले में गंगा का कहर! किसानों की कई बीघा जमीन नदी में समाई, गांवों पर मंडरा रहा खतरा

Updated at : 19 Jul 2025 9:16 PM (IST)
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bhagalpur ganga river news| Ganga river crosses danger level in Bhagalpur, 10 bigha land of farmers submerged in the river

भागलपुर में गंगा नदी में कटाव तेज

Bihar Flood Alert: भागलपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ और कटाव का खतरा गहराने लगा है. कहलगांव में 10 बीघा उपजाऊ जमीन गंगा में समा गई, जबकि सबौर के कई गांव कटाव के मुहाने पर हैं. प्रशासन ने कटाव निरोधी कार्य का निरीक्षण शुरू कर दिया है.

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Bihar Flood Alert: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसके कारण तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रति एक घंटा पर एक सेंटीमीटर की वृद्धि के साथ कहलगांव में गंगा का जलस्तर शनिवार की शाम 6:00 बजे 30.74 मीटर पर जा पहुंचा है, जो खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे है.

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा के जलस्तर में बढ़त जारी रहने की संभावना है. कहलगांव में गंगा का खतरे का निशान 31.09 है. गंगा का जलस्तर बढ़ने से कहलगांव का दियारा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है. किसानों की फसल डूब गयी है और त्रहिमाम की स्थिति बनी हुई है. केंद्रीय जल आयोग के अनुसार कहलगांव में अभी जलस्तर में और वृद्धि होगी. ग्रामीणों को कहना है कि बाढ़ का समय आ गया है. शनिवार को बीरबन्ना गांव में करीब 10 बीघा खेती की उपजाऊ जमीन गंगा में विलीन हो गयी.

गंगा नदी के किनारे बसे गांवो में बढ़ जाती हैं समस्याएं

ग्रामीणों ने बताया कि बटेश्वर स्थान से तोफील अंठावन तक कटाव हो रहा है. महंत बाबा के पास हो रहे तेज कटाव को अगर रोका नहीं गया, तो बीरबन्ना गांव पर खतरा मंडरा रहा है.
सबौर से मिली जानकारी के अनुसार हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी गंगा लोगों को भयभीत करने लगी है. गंगा नदी के किनारे बसे गांव बरारी पंचायत के मीराचक इंजीनियरिंग कॉलेज, बाबूपुर डीपीएस स्कूल, रजंदीपुर आदि में समस्याएं बढ़ जाती है.

स्थानीय लोगों के लिए सिर्फ नाव ही एक सहारा

संत नगर के समाजसेवी बाबूलाल पोद्दार कहते हैं कि बगडेर और संतनगर पानी से घिर चुका है और स्थानीय लोगों को आने-जाने का कोई साधन नहीं है. सिर्फ नाव ही एक सहारा है. यहां हर साल गंगा का जलस्तर बढ़ने से लोगों को आपदा की पीड़ा झेलनी पड़ती है. नदी किनारे बसा घोषपुर, फरका, इंग्लिश आदि गांवों को भी कटाव का दंश झेलना पड़ सकता है. ठेकेदार के द्वारा बताया गया था कि इंग्लिश गांव तक गंगा के कटाव से बचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी कार्य पूरा करना था जो इस वर्ष, तो नहीं लेकिन अगले वर्ष तक पूरा कर लिया जायेगा.

सीओ ने लिया कटाव निरोधी कार्य का जायजा

शनिवार तक मसाड़ू, चांयचक, शंकरपुर इन तीनों जगहों पर कटाव गंगा नदी के द्वारा तेजी से किया जा रहा है. चायचक काली मंदिर घाट के किनारे ठेकेदार द्वारा मजदूरों से कई बांस को मिलाकर झाड़ी युक्त कटाव से बचाने के लिए रस्सी के सहारे खूटे से बांधा जा रहा था लेकिन गंगा के रौद्र रूप ने मिट्टी को काटकर इसे अंदर समा लिया. यदि काली मंदिर घाट चांयचक में गंगा का पानी प्रवेश कर जाता है, तो चांयचक गांव वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. शनिवार को सीओ सौरभ कुमार ने कार्यस्थल पर पहुंच कर कार्य को देखा और ठेकेदार द्वारा किये जा रहे कार्य का जायजा लिया. ठेकेदार को समुचित कार्य कर कटाव से बचाने का निर्देश दिया.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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